इट इज डी दीजीज़ ऑफ़ डी नर्व्ज़ काज़्द बाई डायबिटीज़ .नसों ,स्नायु का रोग है न्यूरो -पैथी यह डायबिटीज़ के पुरानी और अनियंत्रित होने पर हो जाता है .इट काज़िज़ प्रोग्रेसिव डेमेज टू दी नर्व्ज़ सीन इन सम पीपल विद लॉन्ग स्टेंडिंग डायबिटीज़ .इट मोस्ट कोमंली इफेक्ट्स दी लेग्स ,काज़िंग पैन एंड नंब -नेस वर्किंग अप फ्रॉम दी फीट .देयर इज नो क्युओर बट ड्रग्स कैन सम टाइम्स बी यूज्ड टू कंट्रोल दी डिस- कम्फर्ट एक्स -पीरियेंस्द एंड गुड डायबेटिक कंट्रोल कैन प्रिवेंट वर्स्निंग ।
रोग होने पर मरीज़ में संवेदनशीलता का दोष हो जाता है .सर्दी में रजाई से पैर बाहर होगा मरीज़ को न पता चलेगा न ठण्ड लगेगी .साथ में हृदय रोग भी हो तो समस्या और भी बढ़ जाती है ।
ऐसा होने पर सीने में दर्द महसूस नहीं होता है .सांस रुकता हुआ ज़रूर महसूस होता है .(यानी एंजाइना दस्तक देता है और मरीज़ को खबर ही नहीं होती .).
रात को सोते वक्त कुछ मरीजों को टांगों में जलन महसूस हो सकती है ।
उपचार के बतौर 'नर्व कन -डक -शन' उपलब्ध है .रूटीन चेक में न्यूरोपैथी जांच भी रोग पुराना पड़जाने पर की जाती है ।
कुछ लोग ओटो -नोमस न्यूरोपैथी का शिकार हो जातें हैं जिसमे खड़े होते ही रक्त चाप गिर जाता है ।
डायबेटिक न्यूरो- पैथी का कोई स्थाई इलाज़ नहीं है .मरीज़ को सोते समय पाँव में झं -झनाहट होने पर नींद की तथा नाड़ियों(नसों ,स्नायुवों )में दर्द महसूस होने पर एनाल्जेसिक (दर्द -नाशक गोलियां )भी दी जातीं हैं ।
इस रोग में क्योंकि टांगों को भी नुक्सान पहुंचता है इसलिए चोट से बचाव के लिए सदा साफ़ सुथरी जुराब पहननी चाहिए ।
न्यूरो -विटामिन्स भी ज़रूरी होने पर तजवीज़(प्रिस्क्राइब ) किये जातें हैं .न्युरोबान इंजेक्ट भी किया जाता है .विटामिन बी -कोम्प्लेक्स भी दिया जाता है .सन्दर्भ -सामिग्री :मधुमेह रोगियों के लिए २०१ टिप्स -डॉ बिमल छाजेड ,एम् .डी .,फ्यूज़न बुक्स ,एक्स -३० ,ओखला उद्योगिक क्षेत्र ,फेज़ -२ नै -दिल्ली -११०-०२० ,दूरभाष :०११ -४०७१२१००
शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011
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