शनिवार, 23 जून 2018

Yes the immune system rejects white sugar

Today my Samdhin served me a cup of tea with sugar added to it .


मेरी सुप्रिय समधिन ,मेरी बेटी की सासु-माँ  ने मुझे एक कप चाय बनाकर दी। इसमें चीनी डाली गई थी। मैं गत लगभग छ: सात बरसों से गुड़ या गुड़ की छोटी बहनिया शक्कर का ही इस्तेमाल करता रहा हूँ चाय और दूध के साथ।चीनी वाली चाय पीकर में असहज हो गया।गलती मेरी थी मैं उन्हें बताना भूल गया मेरी चाय फीकी बनाएं ,मैं चाय में बस थोड़ी सी ब्राउन शुगर मिला लेता हूँ। चीनी वाली चाय पीकर  जी घबराने लगा। मैं लगभग जबरिया (जबरिया इसलिए अभी जेट लेग चल रहा है कल ही दिल्ली से मिशिगन  राज्य के केंटन नगर में पहुंचा हूँ ,अपनी बेटी के घर।)घूमने निकल गया।

My immune system takes sugar as a foriegn body and reacts and rejects it .I was uneasy for about an hr ,I took a long walk till such times that I was  i perspired profusely .Back home I took shower got settled.

It was a second sugar episode .The first one was an yr ago at INS Sanjivini (Hospital at Indian naval academi ,Ezimala (एषिमला ) in Cannur district of Kerala .I had undergone a Hernio-plasty (repair of Inguinal Hernia )here .Post my surgery the first drink was a cup of tea drained with sugar (too much of it ).I sipped it and was restive till such time the surgeon visited me and  I vomited all liquid under a reflex action .The surgeon was nervous .I consoled him and assured him it was not an heart attack but a reaction to sugar shown by my immune system as a result of a sugary drink with little tea leaves and milk .I take sustenance doze of medicines  post my coronary artery bypass grafting in 2006.

I renounced smoking in the yr 1989 and all alcohol containing drinks in 2012 .Today I can not with stand even the opening of a bottle of rum whisky and or bear .I leave that place .Secondary smoke  from a burning cigarette even from a distance hurts .

Immune system reacts to alcohol molecules  evaporating from a drink .

With modified life style I am enjoying my healthy days when I am 72 yrs old . 

Today I am a strict vegetarian and  a  tee-to.tal.er .

veerubhai1947.blogspot.com

रविवार, 3 जून 2018

राष्ट्रवादी मान्यवर प्रणव मुखर्जी द्वारा आरआरएस द्वारा बुलाये गए एक समरोह का मुख्य आतिथ्य स्वीकार करना

मुंबई की आरआरएस विंग की शाखा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का इफ्तियार पार्टी देना सोनिया संताप की वजह बन गया है। सेकुलर -ज़ादों -मुलायम -माया -ममता ,मार्क्सवाद के बौद्धिक गुलाम भकुओं को भी अपने हाथ से 'वोटपार्टी 'निकलती दिखने लगी है। 

राष्ट्रवादी मान्यवर प्रणव मुखर्जी द्वारा आरआरएस द्वारा बुलाये गए एक समरोह का मुख्य आतिथ्य स्वीकार करना सेकुलर -पुत्रों के इस संताप को और भी हवा दे रहा है।

दूध का दूध पानी का कर देगी 'प्रणव -वाणी'। वह कल भी स्थितप्रज्ञ योगी थे सारे राष्ट्र के राष्ट्रपति थे ,आज भी हैं। विपक्ष को डर सता रहा है देश को सच पता  चलेगा । 

हमारा मानना है 'प्रणव -वाणी 'देश को नै दिशा देगी संजीवनी प्रदान करेगी। देश को कभी हिन्दू मुस्लिम तो कभी जात -पात के नाम पर तोड़ने वालों के चेहरे  का रंग विवर्ण होकर  उड़ने लगा  है। 

हमारा यह भी मानना है राष्ट्रवादी मंच (मुस्लिम राष्ट्रीय मंच )राम मंदिर बनाने बनवाने में भी मदद करेगा। 

जयश्रीकृष्ण !

 शीर्षक : मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा दी जाने वाली इफ्तयार पार्टी सोनिया संताप की वजह बनी। 

गुरुवार, 31 मई 2018

राहुल कहते हैं :मैं आपको (भारतधर्मी समाज को )आर आर एस के बारे में बतावूंगा

राहुल कहते हैं :मैं आपको (भारतधर्मी समाज को )आर आर एस के बारे में बतावूंगा। इस अबुध कुमार को हम एक हफ्ते का वक्त देते हैं ये अपनी सात पीढ़ियों का नाम बतला दे।गंगा तट पर पण्डे हिसाब रखते हैं। दूसरी बात यह बत्लादें -यूनुस खान से नेहरू वंशीय कुनबे  का क्या रिश्ता था। 

वह यह भी बतलाएं आप राहुल कैसे हैं ?गांधी तो पारसियों में होते नहीं फिर माहत्मा गांधी का लिहाफ ओढ़े आप नेहरू पंथी कांग्रेस में क्या कर रहें हैं। 

बाद में बस राष्ट्रीय सेवक संघ की वर्तमान यूनिफॉर्म का रंग बतला दें। 

सन्दर्भ -सर्वमान्य पूर्व राष्ट्रपति द्वारा आर आर एस के निमंत्रण की स्वीकृति और चंद फिरका परस्तों द्वारा इस स्वीकृति पर रस्सा लेकर कूदना।  

जनता को सिर्फ मोदी विरोध नहीं कार्यक्रम और मुद्दे चाहिए

जनता को सिर्फ मोदी विरोध नहीं कार्यक्रम और मुद्दे चाहिए। गठबंधनियाँ राजनीतिक पार्टियां  कांग्रेस के सबसे अल्पबुद्धि उस बालक के नेतृत्व में शामिल नहीं दिखना चाहतीं जिस अबुध कुमार ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए -२ का निर्णय रद्दी कागज़ की तरह फाड़ दिया। 

ज़ाहिर है जनता  उस षड़यंत्र का हिस्सा नहीं दिखना चाहती जिसकी पटकथा पाकिस्तान जाकर लिखवाई जाती है और कहा जाता है मोदी हटाओ हमें लाओ। 

क्या महाठगबंधन  के पास एक भी मोदी है जो निष्काम भाव से देश हित में २४x ७ x३६५ काम करने की क्षमता और जिगर रखता हो। अगर नहीं तो बजाते रहो गठबंधन की डुगडुगी। और है तो उसे आगे लाओ। भारतधर्मी समाज स्वागत करेगा। वरना अपने आप चुल्लू भर पानी में डूब मरो.  

सोमवार, 28 मई 2018

कर्णाटक (कर्नाटक :कर - नाटक )का मनमोहना संस्करण

कर्णाटक (कर्नाटक :कर - नाटक )का मनमोहना संस्करण विनय मुद्रा में खड़ा है -हाई -कमान की दया चाहिए।  करन -करावन -हार वही है। भक्तों के लिए हाईकमान अपनी नाक कटाकर भी उन्हें सिंहासन दे सकती है। जय -हो मल्लिका -ए -कमान -हाई।  

बुधवार, 23 मई 2018

छछूंदर बिच्छु एका प्रदर्शित कर रहें हैं। यह राजनीति का विज्ञापन विभाग है। यहाँ बकरी मैमना भेड़िया गले मिलते हैं।

कहलाने एकत  बसें अहि मयूर मृग   बाघ ,

जगत तपोवन सो  कियो  दीर्घ दाघ निदाघ। 

जेठ की तपती दुपहरिया में परस्पर जातीय भेदभाव वैमनस्य भूल वन्य पशु एक ही घाट पर पानी पीने लगें हैं। जो अश्वमेध का घोड़ा अभी विधिवत छोड़ा ही नहीं गया उसे पकड़ने सांप छछूंदर बिच्छु एका प्रदर्शित कर रहें हैं। 

यह राजनीति का विज्ञापन विभाग है। यहाँ बकरी मैमना भेड़िया गले मिलते हैं। 

सोमवार, 21 मई 2018

मूल्य विहीन 'विषकन्या -कांग्रेस' भारत को कैटिल डेमोक्रेसी बनाने पर आमादा है

'विषकन्या -कांग्रेस 'के एक चाटुकार प्रवक्ता  अमित शाह के  प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए वक्तव्य पर टिपण्णी करते हुए कह रहे थे- 'खिसियानी बिल्ली खम्भा नौंचे' अमित शाह ने कहा था -'कांग्रेस ने पूरे   अस्तबल का ही अपहरण कर लिया।' अपने  सारे विधयाकों को पंचतारा होटल में बंद कर दिया।वो बाहर होते तो 'कर -नाटक ' कुछ और होता। 

लगता है इन चाटुकार महोदय को हिंदी मुहावरों का अर्थ ही नहीं मालूम। बिल्ली खम्भा तब नौंचती है जब वह अपना शिकार न पकड़ पाए और वह  खम्भे के पास बैठी  हो। लगता है निरानन्द शर्मा चाटुकारिता करते करते भाषा भी भूल गए जबकि जिसे जनता बुद्धू कहती है वह कमसे कम बोलना  तो सीख ही गया। लगता है मनुष्य के भेष में चाटुकार प्रवक्ता साक्षात लंगूर हैं जो खम्भे पे ही चढ़के  बैठ गया है।

ऊपर से ये तुर्रा के बीजेपी माफ़ी मांगे कर्नाटक की जनता से। 

ये तो वह बात हो गई जो छात्र यूनिवर्सिटी में फस्ट आया है वह सबसे माफ़ी मांगे। और कांग्रेस रिरियाके अपने से भी कम सीट पाने वाली जेडीयू को विजयी घोषित कर दे खुद अपनी चालीस सीटें गँवा के।किस बात के लिए बीजेपी कर्नाटक की जनता से माफ़ी मांगे?

इस बात के लिए के उसने सबसे ज्यादा सीटें जीती।

मूल्य विहीन 'विषकन्या -कांग्रेस' भारत को कैटिल डेमोक्रेसी बनाने पर आमादा है।