शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

डायबेटिक रेटिनो -पैथी क्या है ?

डायबेटिक रेटिनोपैथी :इट इज दी दीजीज़ ऑफ़ दी रेटिना काज़्द बाई क्रोनिक डायबिटीज़ .वास्तव में सारे शारीर और पूरे परिवार का रोग बन जाता है लापरवाही बरतने पर डायबिटीज़ .तीमारदार कोई कम परेशान नहीं होता .तन मन धन सब वारि करना पड़ता है रोग के पुराना पड़ जाने पर ।
डायबेटिक रेटिनो -पैथी पर लौटतें हैं .इस रोग में रेटिना की कोशिकाएं रोग पुराना हो जाने तथा ला -परवाही बरतने पर
लीक होकर नष्ट होने लगतीं हैं .देखते ही देखते रोग निदान और इलाज़ न मिल पाने पर मरीज़ की बिनाई (विज़न ,रौशनी /नेत्र ज्योति जा सकती है ,भारत में अंधत्व की इक वजह यह भी बना हुआ है .).धुंधला दिखाई देना ,आँख के परदे (रेटिना पर धब्बे दिखलाई देना )इसके आम लक्षण हैं ।
अलबत्ता इसका बाकायदा रोग निदान और समाधान दोनों उपलब्ध हैं .फ्लोरिसेंत एन्जियोग्रेफी से रोग निदान और फिर लेज़र चिकिसा से लीकेज को बंद कर दिया जाता है यह इक ओ पी डी प्रोसीज़र है .लेज़र इलाज़ के बाद रोगी घर जा सकता है .कुल दो सिटिंग्स चाहिए पहली रोग निदान और दूसरी समाधान के लिए .डायबिटीज़ पुरानी पड़ जाने पर हर बरस डायबेटिक रेटिनो -पैथी की जांच होनी चाहिए .

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