बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

मधुमेह में बादाम खाएं न खाएं ?

बेशक पोषण से भरपूर बादाम कार्बो -हाइड्रेट्स ,प्रोटीन और केल्शियम युक्त होने की वजह से नौनिहालों की हड्डियों और दांतों के लिए बहुत अच्छा है .लेकिन देशी और बहुत कडवा बादाम बच्चों के लिए टोक्सिक भी साबित हो सकता है ।
बादाम के प्रति १०० ग्राम भार में ५८.९ ग्राम भार चिकनाई /फैट/वसा है .जो तकरीबन १२ चम्मच तेल के बराबर है .यदि मधुमह ग्रस्त व्यक्ति हृद रोग तथा हाई -पर टेंशन की गिरिफ्त में भी है तो इनसे बचें ।
बेशक बादाम का छिलका करामाती है कोलेस्ट्रोल कम करता है और बादाम तेल कोलेस्ट्रोल उतना नहीं बढा ता है ,लेकिन हृद रोग में भी इसका सेवन उतना नहीं किया जाता .अलबत्ता केलिफोर्निया बादाम को हाइप बहुत किया गया है .कोई कहता है २८ बादाम ,कोई कहता है २३ ,कोई कहता है इक मुठ्ठी भर (लालची मुठ्ठी नहीं )बादाम रोज़ खाए जा सकतें हैं बारहमासा तीस दिन .,हृद रोगी द्वारा ,बा -शर्ते वह दाय्बेतिक न हो .

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