शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

मधुमेह में गैंग्रीन की क्या वजह बनती है ?

मधुमेह में ब्लड सुगर के बे -काबू हो जाने ,इलाज़ न करवाने या इलाज़ में लापरवाही बरतने से डायबेटिक पाँव में गैंग्रीन हो सकता है .इसमें असर ग्रस्त हिस्से के आसपास के टिशूज़(ऊतक )नष्ट हो जातें हैं .एन्जियोपिथि होने पर यह स्थिति बनती है .(इसलिए ब्लड सुगर काबू में रहनी चाहिए )।गैंग्रीन -
होने पर असरग्रस्त हिस्से में चोट आने पर रक्त प्रवाह में कमी होने की वजह से जख्म नहीं भरता .(एंजियो -पैथी में स्माल ब्लड वेसिल्स नष्ट हो जाती हैं इसलिए पाँव के आगे के किनारे तक खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती ).इसीलिए गैंग्रीन हो जाता है .यह तेज़ी से फैलता है यहाँ तक कि पाँव ही काटने की नौबत आजाती है .

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