गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

उतना खुराकी कोलेस्ट्रोल नहीं है अण्डों में ...

एग्स लोवर इन कोलेस्ट्रोल देन थोट(दी टाइम्स ऑफ़ इंडिया ,मुंबई ,फरवरी १० ,२०११ ,पृष्ठ २५ )।
हाल ही में 'यु एस डी एस -ए आर एस '(युनाइतिद स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रिकल्चर्स एग्रीकल्चर रिसर्च सर्विस )के साइंसदानों ने आकार में बड़े अण्डों की न्युत्रियेंत कम्पोजीशन (मौजूद पुष्टिकर तत्वों )का जायजा लिया है .पता चला इक लार्ज एग में औसतन १८५ मिलीग्राम कोलेस्ट्रोल है ,यह पूर्व में दर्ज़ की गई मात्रा से १४ %कम है .अलावा इसके आज उपलब्ध लार्ज एग्स में विटामिन -डी की ४१ आई यु (इंटर-नेशनल यूनिट्स ) मौजूद हैं जो पहले दर्ज़ मान से ६४ %ज्यादा हैं ।
बड़े खोल (लार्ज शेल )वाले अण्डों के नमूने १२ अलग अलग जगहों से बे -तरतीब /अट रेंडम जुटाए गए ,इनके पुष्टिकर तत्वों की जांच की गई ॥
आखिरी बार ऐसी जांच २००२ में की गई थी .बेशक बाकी शेष पुष्टिकर तत्व पूर्व पता लगाये गए /पाए गए मापों के ही अनुरूप रहे लेकिन इस मर्तबा कोलेस्ट्रोल की मात्रा १४ %कम तथा विटामिन डी की ६४ %ज्यादा पाई गई ।
यही वजह है अण्डों को इक बार फिर से स्वास्थ्य के लिए अच्छा बतलाया जा रहा है .लेकिन पुरानी जानकारी से प्रेरित इक ख़ास स्वास्थ्य सचेत तबका एग येलो (रिच इन कोलेस्ट्रोल )का सेवन नहीं कर रहा है एग वाईट ही ले रहा है ।
इक बहुत ही वरिष्ठ हड्डियों के माहिर ८२ वर्षीय प्रोफ़ेसर इन ओर्थोपेडिक्स सीनियर सिटीजंस के लिए रोजाना तीन मौसमी फल ,इक अंडा ,एंटी -ओक्सिदेंट्स (हफ्ते में दो मर्तबा सेविन सीज सी कोड तथा तीन मर्तबा विटामिन बी कोम्प्लेक्स का विटामिन सी के साथ कोम्बो )ज़रूरी बतलातें हैं .वजह आदमी की उम्र अब बढ़ गई है .उसे एक्टिव रूटीन /कसरत और सही हेल्दी खुराक के साथ क्वालिटी ऑफ़ लाइफ को बनाए रहना है .आप हैं प्रोफ़ेसर एम् एस तुली (फिलवक्त विमहांस ,नै दिल्ली में कार्यरत ).

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