गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

मुंह के छाले देशी समाधान ....

कई मर्तबा मुंह के छाले महीनों पीछा नहीं छोड़ते .ऐसे में डूबते को तिनके का सशक्त सहारा बनकर आता है यह आजमाया हुआ देशी नुश्खा ।
छोटी हरड पीसकर छालों पर बुरकें /लगाएं .दिन में दो तीन दफा इसे दोहरायें ।
(२)डिनर के बाद इक छोटी हरड चूसें .हरड दाइजेस्तिव सिस्टम /पाचक अप्रेट्स /तंत्र को दुरुस्त रखती है .कब्ज़ दूर होती है ।
(३)दोग्राम भुना हुआ सुहागा (तवे पर आसानी से भुन जाता है )बारीक पीसकर ग्लीसरीन में मिलाकर रख लें .दिन में दो तीन बार इसे मुह तथा ज़बान के छालों पर लगाएं ।
(४)तुलसी के पांच पत्ते सुबह ५ शाम को चबाएं ऊपर से इक ग्लास ताज़ा पानी पी लें .दो तीन दिन तक इसे आजमायें ।
(५)बच्चों के मुह में छाले होने पर :मिश्री को बहुत बारीक पीसकर उसमे थोड़ा सा कपूर (८ भाग मिश्री इक भाग कपूर /केम्फर)पीसकर मिला लें इसे छालों पर छिड़क दें /बुरक दें ।
विशेष :मिर्च मसाले दार भोजन से इस दरमियान परहेज़ रखें .टमाटर का जुइस/पक्का लाल टमाटर खाएं ।
टमाटर के रस में ताज़ा पानी मिलाकर कुल्ली करें ।
(६)रात को ४-६ सूखे अंजीर आधा कप पानी में भिगो दें .सुबह उठकर पानी से अंजीर निकाल कर खा लें .दो तीन दिन में पेट बिलकुल साफ़ हो जाएगा .कब्ज़ से राहत .छालों में आराम आ जाएगा ।
(७)इक चम्मच धनिया पाउडर मिश्री मिलाकर दिन में तीन चार दफा लें .दो तीन दिन इस उपाय को आजमायें .समाधान ही समाधान हैं .चुन तो लें .

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