मंगलवार, 10 मई 2011

दी "स्ट्रोक बेल्ट "(ब्रेन अटेक .....).

दशाब्दियों पूर्व साइंसदानों और सांखियकी (स्टेटिस्टिक्स )के माहिरों ने देखा ,अमरीका के दक्षिण -पूरबी राज्यों में शेष राज्यों के बरक्स स्ट्रोक से ज्यादा लोग मर जातें हैं ।
बस इस इलाके को (दक्षिण पूरबी अमरीका )को "स्ट्रोक ब्लेट "कहा जाने लगा .काफी बरसों तक शोध के माहिर यही सोचते रहे क्योंकि इस क्षेत्र में अफ़्रीकी -अमरीकी ज्यादा रहतें हैं जिनकी आर्थिक पद प्रतिष्ठा सामाजिक पायेदान पर कम तर है इसकी वजह है क्योंकि ये लोग निम्न आर्थिक स्थिति की वजह से स्वास्थ्य पर भी उतना खर्च नहीं कर पातें हैं .जीवन स्तर भी इनका निम्नतर बना रहता है .
लेकिन अब रिसर्चर इस बात से सहमत नहीं हैं ,ज़ाहिर है दूसरे घटकों का भी इस बढ़ी हुई मृत्यु दर के पीछे हाथ रहा आया है ।
पता यह भी चला है इस "स्ट्रोक बेल्ट "के भीतर ही एक "स्ट्रोक बकिल"भी मौजूद है ,तीन दक्षिणी राज्यों उत्तरी केरोलिना ,दक्षिणी केरोलिना तथा जोर्जिया में स्ट्रोक मृत्यु दर बेहद ऊंची है .स्ट्रोक बेल्ट से भी कहीं ज्यादा .तथा यह अमरीका की कुल स्ट्रोक मोर्तेलिती रेट से भी दो गुना ज्यादा है ।
ज़ाहिर है इसके पीछे कुछ भौगोलिक और पर्यावरणी घटक भी काम कर रहें हैं ,जीवन शैली में भी फर्क रहा है ,स्मोकिंग का चलन भी ज्यादा रहा है ,साल्टीचिकनाई से लदे भोजन का भी ।
(ज़ारी ...)
हमेशा की तरह एक शैर इस बार भी पढ़िए :
मैं उसके घर नहीं जाता ,
वो मेरे घर नहीं आता ,
मगर इन एहतियातों से ,
ताल्लुक मर नहीं जाता .

कोई टिप्पणी नहीं: