बुधवार, 13 अप्रैल 2011

व्हाट आर दी कौज़िज़ ऑफ़ बाईपोलर दिस -ऑर्डर्स?

बाईपोलर इलनेस को प्रेरित करने ट्रिगर देने वाले कई घटक हो सकतें हैं .कुछेक की चर्चा यहाँ सरसरी तौर पर ही की जा सकती है :-
(१)बायोलोजिकल दिफ्रेंसिज़ :जिन लोगों में यह मानसिक दो ध्रुवीय विकार पाया जाता है उनके दिमाग में कुछ भौतिक बदलाव दिखलाई देते प्रतीत होतें हैं .बेशक इन बदलाओं का महत्व कितना है यह अभी सुनिश्चित नहीं किया जा सका है ।
(२)न्यूरो -ट्रांस -मीटर्स :दिमाग में कुछ ऐसे जैव रसायन होतें हैं जो जहां होतें हैं वहां से ही इक ट्रांस -मीटर की तरह काम करतें हैं ,इनके कुदरती संतुलन में खलल पडती है बदलाव आता है जो द्वि -ध्रुवी -मानसिक विकार (बाईपोलर डिस -ऑर्डर्स )की अन्य मिजाजी विकारों (मूड डिस-ऑर्डर्स )की इक वजह बन सकता है ।
(३)होरमोंस :असंतुलित हारमोनो का होना भी बाईपोलर डिस -ऑर्डर्स को प्रेरित कर सकता है इक ट्रिगर बन सकता है इन विकारों का ।
(४)इन -हेरितिड ट्रेट्स :खानदानी विरासत भी हो सकतें हैं ये विकार जो असर ग्रस्त व्यक्ति के खून के रिश्तों में भाई बहनों ,माँ -बाप में भी दिखलाई दे जातें हैं ।
कौन सी जीवन इकाइयां इन विकारों के लिए उत्तरदाई हैं इसका अन्वेषण अभी ज़ारी है ।
(५)एन -वाय -रन -मेंट :माहौल में मौजूद तनाव ,एब्यूज किसी भी तरह की बदसुलूकी ,निकट सम्बन्धी किसी और प्रिय पात्र ,की मृत्यु ,अतीत का कोई सदमा जो अ -विभेदित रह गया हो ,अन -रिज़ोल्व्द चला आया हो ,जेहन में अटका हो ।ये तमाम वजह कुसूरवार हो सकतीं हैं ,ट्रिगर भी हो सकतीं हैं ,वजह न होकर ,अलबत्ता कौन सा फेक्टर प्रबल है ,खानदानी ,महौली ,या ब्रेन -केमिस्ट्री से जुड़ा पिन पॉइंट करना मुश्किल है ।

(ज़ारी...)

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