व्हाट कौज़िज़ ऑटिज्म ?
साइंसदान इस बारे में पूर्ण रूप से आश्वश्त नहीं है एक कयास,अनुमान ,अंदाजा ज़रूर है ,आनुवंशिक और माहौल से जुड़े कारण इन विकारों की वजह बन सकतें है .इट मीन्स जेनेटिक्स एंड एन -वायरन -मेंट बोथ कैन प्ले ए रोल .
रिसर्चरों ने ऐसी कुछ जीवन इकाइयों का पता भी लगा या है जो जिनका सम्बन्ध इन विकारों से जोड़ा जा सकता है ।
आत्मविमोह स्पेक्ट्रम विकारों से ग्रस्त लोगों का अध्ययन करने पर माहिरों को कई दिमागी इलाकों में अनियमितताएं देखने को मिली हैं ।
कुछ अन्य अध्ययनों के मुताबिक़ जिन लोगों में यह विकार मिलता है उनके दिमाग में कुछ जैव रसायनों का जो जहां होतें हैं वहां से न्यूरो -ट्रांस -मीटरों सा व्यवहार करतें हैं का असामान्य स्तर देखने को मिला है .इनमे सेरोटोनिन और कुछ अन्य बायो -केमिकल्स शामिल हैं .
इसका मतलब यह है आत्म विमोह विकार गर्भावस्था में सामान्य मष्तिष्क विकास में आने वाले अवरोधों का नतीजा है और खुद इस एब नोर्मल ब्रेन डेवलपमेंट की वजह बनतें हैं कुछ जीवन खंड (जींस ,जीवन की मूल भूत इकाइयां ,बुनियादी ईंटें ,कच्चा माल )जो विकार ग्रस्त हो जातें हैं .यही वह जीवन इकाइयां हैं जो मस्तिष्क विकास को नियंत्रित रखने के अलावा दिमागी कोशाओं (ब्रेन सेल्स ,न्युरोंस )के परस्पर संवाद को भी विनियमित रखतें हैं .संभवतया कुछ पर्यावरण से जुड़े कारक इन विकारों (जीन दिफेक्ट्स ,फौ लटी जींस ,दोषपूर्ण जीवन इकाइयां )को हवा देतें हैं ।
यद्यपि ये तमाम अन्वेषण दिलचस्प और कौतुकपूर्ण लगतेंहैं ,अभी इस दिशा में और अनुसंधान की ज़रुरत है .ये निष्कर्ष और कयास आखिरी नहीं हैं ,शुरूआती ही कहा जा सकता है इनको .(ज़ारी ...)।
सन्दर्भ सामिग्री :नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्युरोलोजिकल डिस -ऑर्डर्स एंड स्ट्रोक /नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिस -ऑर्डर्स (पर- वेस्सिव डेव -लप -मेंट डिस -ऑर्डर्स )।
ऑटिज्म पर अब तक जो कुछ भी लिखा गया है प्रामाणिक स्रोतों से ही जुटाया गया है .फिर भी जो त्रुटी रिपोर्टिंग में रह गई है वह मेरी है .उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ .
वीरुभाई (वीरेंद्र शर्मा एच ई एस -१ )रिटायर्ड ,४३३०९ ,सिल्वर वुड ड्राइव ,केंटन ,मिशगन -४८ १८८ -१७८१
दूर -ध्वनी :००१ -७३४ -४४६ -५४५१
मंगलवार, 12 अप्रैल 2011
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