मंगलवार, 12 अप्रैल 2011

ऑटिज्म के बारे में कुछ और तथ्य .

माहिरों के अनुसार हरेक हज़ार बच्चों में से ३-६ आत्म विमोह विकारों से ग्रस्त रहतें हैं .नवीनतम अनुमानों के अनुसार हज़ार के पीछे ९ .अलावा इसके ,नर बच्चोंमे (मेल चिल्ड्रन )में इन विकारों के होने की संभावना फिमेल चिल्ड्रन के बरक्स चार गुना ज्यादा रहती है ।
ये बच्चे जो भी टूटी फूटी बात चीत करपातें हैं उसमे अपने लिए "मैं "और "मुझे "का स्तेमाल नहीं कर पातें हैं .अगर कुछ चाहिए तो कहेंगें "उमेश "(काल्पनिक नाम )को यह चाहिए या फिर" उसे "ये चाहिए ।
कुछ शिज़ोफ्रेनिक्स (शिजो -फ्रेनिया के साथ रह रहें लोगों में भी )आत्म विमोह के कुछ लक्षण देखे जाते हैं अलबत्ता ये किशोरावस्था के आखिरी चरण में या फिर युवावाक्स्था की शुरुआत में ही ज़ाहिर होतें हैं ।
शिज़ोफ्रेनिक्स में हेल्युसिनेशन और दिल्युज़न भी रहतें हैं ,आत्म -विमोह विकारों से ग्रस्त व्यक्तियों में दृश्य ,श्रव्य या गंध सम्बन्धी कोई हेल्युसिनेशन नहीं दिखलाई देतें हैं ,न ही भ्रांत धारणाएं (दिल्युश्जंस )से ये ग्रस्त देखे जातें हैं .(ज़ारी ....)

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