कोम्प्लिकेसंस विद बाईपोलर डिस -ऑर्डर्स?
इलाज़ न करवाने या न हो पाने ,रोग निदान के लिए आगे न आने पर जीवन के हर क्षेत्र में परेशानियां आ सकतीं हैं रोग तो बिगड़ के उग्र रूप ले ही लेता है ।
सबसे पहले सब्सटेंस एब्यूज और नशीले पदार्थों की लत को लेतें हैं जिन्हें व्यक्ति दवा समझ बैठाता है .इससे रिसती अनेक समस्याएँ हैं :
(१)कानूनी ,वैधानिक समस्याएँ साथी की ओर से आ सकतीं हैं ,समाज की ओर से भी ।गली मोहल्ले वाले भी नशेड़ियों से तंग आजातें हैं ।
(२)आर्थिक संकट :सब कुछ शराब और नशीले पदार्थों की भेंट जब चढ़ेगा तो परिवार का दिवाला ही निकलेगा ।
(३)व्यक्तिगत संबंधों पर आंच :मैं इक ऐसे बाईपोलर डिस -ऑर्डर के दाय्ग्नोज्द मरीज़ को जानता हूँ जो दवा से ज्यादा अफीम और गांजे पे यकीन रखता है ,सिगरेट भी चरस भर के पीता है ,अपनी तीन तीन बीवियों को मार के भगा चुका है ,बेटी को भी ।
(४)सबसे अलग थलग पड़ जाना ,अकेले रह जाना ,कट जाना हर किसी से ।
(५)कार्य स्थल पर गैर हाजिरी ,स्कूल आदि से गैर हाज़िर रहना अकसर ।
(६)आत्म ह्त्या के आसार .
(ज़ारी...)
बुधवार, 13 अप्रैल 2011
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2 टिप्पणियां:
बिलकुल नई तरह की जानकारी जिससे हम अनजान रहते हैं !
आभार !
Shukriya !santosh trivediji ,
veerubhai .
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