मंगलवार, 12 अप्रैल 2011

हाव इज ऑटिज्म ट्रीट -इड?

हाव इज ऑटिज्म ट्रीट -इड ?
कोई इलाज़ हैं नहीं ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिस -ऑर्डर्स(ए एस डी )का .अलबत्ता थिरेपीज़ और (चिकित्सा की विविध विधियां )और व्यवहार से ताल्लुक रखने वाला सकारात्मक हस्तक्षेप (बिहेवियर इंटर वेंशन )तैयार किये गए हैं .इनसे कुछ ख़ास लक्षणों का शमन हो सकता है ,सुधार दिखलाई दे सकता है व्यवहार में भी आत्मविमोही के औटिस्तिक व्यक्ति के ।
हरेक बच्चे की आवश्यकता के अनुरूप ही चिकित्सा और इंटर -वेंसंसंस का तालमेल होना ज़रूरी रहता है ।अलबत्ता माहिरों के अनुसार इंटर -वेंसन (सकारात्मक पहल )जल्दी से जल्दी होनी चाहिए .
(१)एज्युकेशनल /बिहेविरल इंटर वेंशन :इसके अंतर्गत चिकित्सक द्वारा अतिरिक्त रूप से संरचनात्मक हाइलीस्ट्रक्चर्ड तथा गहन हुनर केन्द्रित ,हुनर की और रुझान बढाने वाली ट्रेनिंग (स्किल ओरियेंतिद ट्रेनिंग )दी जाती है ताकि बच्चे को सामाजिक और भाषा सम्बन्धी माहिरी और हुनरसीखने समझने में मदद हासिल हो ,एप्लाइड बिहेवियर एनेलेसिस भी इस सीखने में ट्रेनिंग में प्रशिक्षण में शरीक रहती है .सिखलाई जाती है ।
पारिवारिक सलाह मशविरा परिवार के दूसरे सदस्यों असर ग्रस्त बच्चे के भाई बहनों के साथ उनकी असर ग्रस्त बच्चे के साथ तालमेल बिठाए रखने में उसकी ज़रूरियातों को समझने बूझने में खासी मदद करता है .माहिरों के साथ ऐसी बैठकें बहु उपयोगी साबित होतीं हैं ।
मेडिकेसंस :ए एस डी से सम्बद्ध ख़ास लक्षणों के लिए चिकित्सक दवा दारु दे सकतें हैं .एन्ग्जायती ,डिप्रेशन (अवसाद ),ओब्सेसिव कम्पल्सिव डिस -ऑर्डर के लिए (शमन कारी )दवाएं दी जातीं हैं .
गंभीर किस्म की व्यवहारगत समस्याओं के लिए एंटी -साइकोटिक दवाएं भी दी जातीं हैं ।
सीज़र्स के समाधान के लिए "एंटी -कन्वल्शन ड्रग्स "दी जातीं हैं .इस एवज दवाओं का मिश्र (कोम्बो )भी आजमाया जाता है ।
अटेंशन देफिषित डिस -ऑर्डर के लिए प्रयुक्त दवाएं बच्चे की इम्पल्सिविती (आवेगात्मक व्यवहार ,इम्पल्सिव बिहेवियर )तथा हाई -पर -एक्टिविटी पर भी काबू रखतीं हैं ।
अदर थिरेपीज़ :कई विवादास्पद चिकित्सा पद्धतियाँ भी प्रचलन में हैं हालाकि इनके समर्थान में कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं हैं ।
ऐसे तरीकों को आजमाने से पहले सोचना तो चाहिए ही सावधानी भी बरतनी चाहिए .बेशक कुछ ख़ास खुराक (ग्लूटेन तथा कैसीन रहित )असरकारी बतलाई गई है लेकिन देखना यह भी होगा कहीं बच्चा कुपोषित न रह जाए इन खुराकों के चक्कर में .जबकि कैसीन दूध में उपलब्ध मुख्य प्रोटीन है और ग्लूटेन दो प्रोटीनों का मिश्र है जो खाद्यान्नों के बीजों में प्रचुरता में मौजूद रहता है .

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