बुधवार, 13 अप्रैल 2011

सिम्टम्सऑफ़ सिम्टम्स ऑफ़ बाईपोलर बाईपोलर इलनेस (डिप्रेसिव फेज़ ).

सिम्टम्स ऑफ़ बाईपोलर इलनेस इन दी "डिप्रेसिव फेज़ "?
(१)लोस ऑफ़ एनर्जी (मरा मरा रहना दिखना जैसे शरीर में बिलकुल जान ही न हो ).
(२)विषाद का लम्बी अवधि तक बने रहना .(प्रोलोंग्ड सेड्नेस ).
(३)सीमित गतिविधि .सीमित दमखम (सीमित ऊर्जा )।
(४)बैचैनी और खीझ का बने रहना ।
(५)किसीभी चीज़ पर ध्यान न लगपाना ,दे पाना ,कोई भी फैसला न ले पाना ,अ -निर्णय की स्थिति ।
(६)बेहद की चिंता और औत्सुक्य (एन्ग्जायती )का बने रहना ।
(७)जिन गतिविधियों में पहले रस मिलता था अब उनमे कम शिरकत करना ,भाग न लेना .
(८)अपराध बोध (फीलिंग ऑफ़ गिल्ट )और हताशा ।
(९)आत्म ह्त्या का विचार मन में आना ।
(१०)कम खाना या फिर दबाके खाना बेहद खाना (चेंज इन एपे -टाईट )।
(११)नींद का जुदाबदला बदला अंदाज़ या तो बहुत कम या फिर बहुत ज्यादा सोना ।
एक बीच की मिश्रित अवस्था मिक्स्ड स्टेट होती है बाईपोलर इलनेस की जिसे "मिक्स्ड स्टेट "कहाजाता है .इसमें मेनिया (जिसकी गत पोस्ट में चर्चा की गई है )तथा डिप्रेसिव फेज़ के लक्षण एक ही समय पर देखने को मिल जायेंगें .यानी अभी "ये "अभी "वो "अवसाद में उन्माद की अवस्था .डिप्रेस्ड मूड इन दिस मिक्स्ड स्टेट एकाम्प्नीज़ मेनिक एक्टिवेशन ।
कुछ माहिरों ने बाईपोलर इलनेस की कई और अवस्थाएं और उन्हीं के आधार पर लक्षणों का ज़िक्र किया है .(ज़ारी ...)।
विशेष :कृपया अगली पोस्ट देखें .

कोई टिप्पणी नहीं: