रविवार, 26 सितंबर 2010

फोन पर हेलो का चलन कैसे शुरू हुआ था ?

हाव डिड "हेलो "कम टू बी यूज्ड एज ए ग्रीटिंग ओवर दी फोन ?/ओपन स्पेस /सन्डे टाइम्स ऑफ़ इंडिया ,सितम्बर २६ ,२०१० ,पृष्ठ २८ )।
सबसे पहले नौका या समुद्री जहाज की यात्रा से सम्बंधित अभिवादन "नौटिकल ग्रीटिंग अहोय " चलन में आया .वजह भी एक दम से साफ़ थी पहली नियमित दूरध्वनी प्रणाली (टेली -फोन सिस्टम ) मेरीटाइम स्टेट( समुन्दर के किनारे बसे ) कांनेक्टिकुत राज्य में शुरू हुई ।
एल्ग्ज़ेन्दर ग्राहम बेल (टेली -फोन के अन्वेषी )ने दूरध्वनी वार्ता का ज़वाब स्कोट -लैंड की सेल्टिक भाषा में प्रयुक्त शब्द "होय "से दिया ।
समझा जाता है आश्चर्य बोधक शब्द "हेलो "का पहले पहल स्तेमाल टोमस एडिसन साहिब ने किया .जो आज तक ज़ारी है ।
एक मान्यता कुछ लोगों की यह भी है अपने आविष्कार से उल्लसित होकर आपने अपनी मित्रा को काल किया जिसका नाम इत्ते - फाकन "हेलो "था .कुल मिलाकर जितने मुह उतनी बातें .बस उनके मुख से टेली -फोन पर निकला पहला शब्द "हेलो "ही अभि- वादन के रूप में चल निकला .
इस अभिवादन के चलन से पहले टेली -फोन ओपरेटर महज़ पूछा करते थे :आर यु दे -यर ?

2 टिप्‍पणियां:

vandan gupta ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (27/9/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com

virendra sharma ने कहा…

shukriyaa vandnaa ji lekhan ke liye use asardaar banaaye rakhne ke liye aisi tippani zaroori hain .
nehaa se, veerubhai .
4C,Anuradha, NOFRA,Colaba ,Mumbai -400-005
09167361634/09350986685