सोमवार, 26 नवंबर 2012

हाथ धोने के पीछे का विज्ञान(दूसरी क़िस्त )

        गंदे हाथों को रगड़, ले साबुन या राख |
सर्वव्याप्त जीवाणु हैं, सेहत करते खाख |

सेहत करते खाख, कीजिये लाख सुरक्षा |
हवा धूल जल वस्तु, भरे घर दफ्तर कक्षा |


छोड़ फिरंगीपना, भला मानुष बन बन्दे |
पॉक्स फ्लू ज्वर एड्स, तपेदिक हैजा गंदे ||------------- रविकर कुंडली  

वाले ब्लॉग -धर .


   है क्या ज़रासीम या रोग कारक जर्म या पैथोजन ?


What is  a germ ?

जीवाणु ,विषाणु ,आदिजंतु प्रोटोजोया और फफूंदी के रोगाणु नंगी आँखों आपको भले दिखलाई न दें हैं सभी

एक ही थाली के चट्टे बट्टे रोगकारक बोले तो Pathogens हैं .पैथालोजी कहतें हैं रोगविज्ञान को .

क्योंकि इन्हें देखने के लिए हमें चाहिए एक सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप )इसी लिए इन्हें कह दिया जाता है

Micro-organism (सूक्ष्म जीव या सूक्ष्म जैविक आवयविक संस्थान )या Microbes (अति सूक्ष्म जीवाणु /

रोगाणु ).

सर्व-व्यापी  हैं यह ज़रासीम (जीवाणु ,रोगाणु ,विषाणु ,आदि )नलके की टोंटी पर भी दरवाज़े की नाब

,हेन्दिल पर भी .हमारी हवा ,पानी ,धूल मिट्टी ,फर्नीचर सभी पर ये हमसे पहले ही पसरे रहतें हैं .

गंदे हाथ तो इनकी कोलोनी ही होते हैं 

कैसे कैसे रोग फैलाते हैं ये रोगाणु ?

विषाणु से पैदा होने वाले रोग 

फ्ल्यू ,इनफ़्ल्युएन्ज़ा ,आम सर्दी जुकाम ,इस्माल पोक्स(चेचक ,अब समाप्त प्राय :) ,वायरल फीवर ,पोलियो

,एच आई वी -एड्स ,यकृत-

शोथ ,जिगर की सूजन बोले तो हेपट़ाइटिस (जौंडिश ,पीलिया ,हेपटाइट्स -A,B ,C,E ),H1N1

INFLUENZA सभी विषाणु जन्य रोग हैं .भले एच आई वी -एड्स और हेपटाइटिस बी के फैलने की वजहें

दूसरी हैं ,यौन संपर्क(मुख -गुदा -योनी मैथुन ,रक्ताधान आदि ) , फिरंगिपन जीवन का इनके मूल में है .

जीवाणु से पैदा होने वाले रोगों में शामिल हैं मियादी बुखार (Typhoid),तपेदिक

(TUBERCULOSIS ),हैजा

 (CHOLERA) आदि .

प्रोटोजोया से पैदा रोगों में शामिल हैं मलेरिया ,डायरिया (अतिसार ,पेचिश )

फफूंद जन्य रोगों में शामिल हैं कई चर्म  रोग (फंगल इन्फेक्शन ऑफ़ ग्रोइन ),रिंगवोर्म (दाद ,विशेषतया

सिर  और पैरों पर होने वाला चर्म रोग .

Ring worm is a fungal infection of the skin (that produces small red areas,often itchy)the scalp or

the nails .

 अतिसार से  बचाव का प्रभावी और आसान  उपाय है हाथ  ठीक से 

धोइए 

माँ  बाप को खुद बनना पड़ेगा  आदर्श रूप बाहर से घर आने पर खुद भी साबुन से हाथ साफ़ कीजिए

बच्चे स्वत : अनुकरण करेंगे .

अतिसार के रोगाणु मानवीय  मल (human feces )में डेरा डाले रहतें हैं

एक ग्राम मल में डेरा डाले पड़े रह सकतें हैं एक करोड़ विषाणु (वायरस ),दस लाख जीवाणु .

These are the sources of Shigellosis ,Typhoid ,Cholera ,all other common gastro -enteric infections ,and some respiratory infections such as influenza and pneumonia.

Removing excreta and cleaning hands with soap after contact with fecal material -from using the toilet or cleaning a child prevents the transmission of bacteria,viruses and protozoa that cause diarrheal diseases.

कैसे धोइयेगा हाथ ज़नाबे आला ?

ऊँगलियाँ नीचे की ओर रखते हुए गुनगुने या फिर नलके के चलते हुए पानी में साबुन मलिए .बीस सेकिंड

तक मलिए हाथों को आहिस्ता आहिस्ता  ,ऊंगलियों  के बीच ऊँगलियाँ  फंसाके ,नाखून की रिज को भी

मलिए .तसल्ली से धोइए मल  मल  के हाथों के बोले तो हथेलियों की छत को ,कलाइयों को ,ऊंगलियों के

बीच की जगह को .ऊंगलियों की पोरों को ,हाथ इस दरमियान नीचे सिंक की ओर रहें ,अगूंठा भी साफ़ करें

.चलते नलके में धोने  के बाद सूखे हुए तौलिये से (साफ़ तौलिये से ,पेपर नैपकिन से )पौछ लीजिये हाथों को

अच्छे से .

ज़नाब अब टोंटी भी तौलिए या पेपर नैपकिन से ही बंद कीजिए ,दरवाज़े की नोब भी ,हेन्दिल आदि जो भी

हो वह भी इसी तौलिये से खोलें .

कैसे काम करता है साबुन ?

यह धूल ,मिट्टी ,Dirt और soil को निलंबित करता है .

गुनगुने पानी की मौजूदगी में पानी का सर्फेस टेंशन (पृष्ठ तनाव )कम होजाता है ,चमड़ी के अन्दर से मेल

,रोगाणु ,ग्रीज़ी साइल को बाहर खींच निकालता है साबुन पानी .जबकि सिर्फ पानी से हाथ धोना धूल मिट्टी

ही हटा पाता है ओइली साइल नहीं .

रगड़ने की प्रक्रिया रोगाणुओं को घर्षण बल से   बाहर खींच निकालती है .गुनगुना चलता हुआ पानी

निलंबित

dirt और soil को बाहर कर देता है .

कसके पोछने  की प्रक्रिया शेष बचे खुचे ज़रासीमों को निकाल बाहर करती है .



HOW TO CLEAN YOUR HANDS WITH ALCOHOL -BASED 

HAND RUB 

एक हाथ की हथेली पर चवन्नी भर बीतता सा HAND RUB GEL लीजिये अब भली प्रकार से हाथों को

आपस में तब तक मिलिए ऊपर नीचे ऊंगलियों के बीच से जब तक यह ज़ज्ब न हो जाए .

यह तेज़ी से सूक्ष्म जीव (रोगाणु आदि )का नाश करता है .हाथों को निर-जीवाणुक करता है ,Reduce

bacterial counts on hands .

Wash your hands with soap and water when your hands are visibly soiled .

If soap and water is not available ,use alcohol based hand rub (wipes or gels)

सन्दर्भ -सामिग्री :

http://realityviews.blogspot.in/2012/11/how-to-wash-your-hands-with-soap-and.html

HOW TO WASH YOUR HANDS WITH SOAP AND WATER ,IMPORTANCE OF HAND WASHING WITH SOAP.

दूसरी क़िस्त )



8 टिप्‍पणियां:

Ayodhya Prasad ने कहा…

बहुत ही रोचक जानकारी ...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोचक जानकारी..

रविकर ने कहा…

गंदे हाथों को रगड़, ले साबुन या राख |
सर्वव्याप्त जीवाणु हैं, सेहत करते खाख |
सेहत करते खाख, कीजिये लाख सुरक्षा |
हवा धूल जल वस्तु, भरे घर दफ्तर कक्षा |
छोड़ फिरंगीपना, भला मानुष बन बन्दे |
पॉक्स फ्लू ज्वर एड्स, तपेदिक हैजा गंदे ||

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

अच्छी जानकारी.
हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है.
बस यह ओबसेशन नहीं बन जाना चाहिए.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

अच्छी जानकारी.
हाथ धोना अत्यंत आवश्यक है.
बस यह ओबसेशन नहीं बन जाना चाहिए.

रविकर ने कहा…

गजब भाई जी-
शीर्ष पर चमक गया रविकर -

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी जानकारी देता यह आलेख ...
आभार सहित

सादर