शनिवार, 24 नवंबर 2012

अनिद्रा रोग और जेट लेग के समाधान के लिए अब ख़ास चश्मे

अनिद्रा रोग और जेट लेग के समाधान के लिए अब ख़ास चश्मे

Specs that can prevent jet lag , cure insomnia

रिसर्चरों ने ऐसे चश्मे बना लिए हैं जो हमारी जैव घड़ी  को आगे पीछे करके हमें अनिद्रा रोग तथा जेट लेग


से राहत दिलवा सकतें हैं .पालियों में काम करने वालों की पालियों को आरामदायक बना सकतें हैं .इन ख़ास

ग्लासिज़ को कहा जा रहा है "Time Control Spectacles" जिनसे पैदा होने वाली ख़ास हरी रोशनियाँ (green

glow)हमारी जैव घड़ी  की रीप्रोग्रेमिंग कर देतीं हैं एक नया सॉफ्ट वेयर थमा देती हैं जैव घड़ी  को .हमारी

नींद की प्रतिकृति ,रंग ढंग ,  स्लीप पैटर्न को तब्दील कर देतीं हैं यह हरियाली चमक .

इस री-टाईमर का इस्तेमाल लम्बी  हवाई यात्रा जिसमें उड़ाका अनेक टाइम जोंस के पार चला आता है तेज़ी

से जैव घड़ी  को धता बताकर की दुरुस्ती     के लिए किया जा सकता है ताकि यात्री विमान से तरो ताज़ा

उतरे

थका मांदा नहीं आज की तरह .

रिसर्चरों के मुताबिक़ अनिद्रा का समाधान भी छिपा है  इस री -टाइमर में तथा पाली में काम करने वाले


कर्मियों को भी यह काम के दौरान फुर्तीला चुस्त दुरुस्त बनाए रख सकेगा  .

किशोर किशोरियों को सुबह जल्दी बिस्तर छोड़ने में भी मदद गार साबित होगा यह री -टाइमर .

दरअसल इस री -टाइमर से निसृत हरियाली चमक दिमाग के उसी हिस्से को उद्दीपन प्रदान करती है जो

हमारी (24x7)  कार्यशील जैव घड़ी का विनियमन करता है .

जैव घड़ी को वांछित नए टाइम ज़ोन में यह युक्ति आहिस्ता आहिस्ता ले आती है जबकी लम्बी हवाई

यात्राओं के दौरान इन टाइम जोंस में अवतरण बेहद तेज़ी से होता है जिसके साथ हमारी जैव घडी तालमेल

नहीं बिठा पाती है .यह आकस्मिक परिवर्तन टाइम जोंस का ही जेट लेग की वजह बनता है .

यहाँ इसकी गुंजाइश समाप्त कर  दी  जाती है री -टाइमर से ,री -टाइमिंग द्वारा .

हमारे दिमाग के आधारीय हिस्से में मौजूद एक ग्रंथि के व्यवहार को बदल देती है हरियाली चमक .यही

ग्लेंड  हमारे circadian rhythm को संचालित करती है उस पर नियंत्रण रखती है .

Circadian rhythm is a biological rhythm or cycle of 24 hours.

Biological clock is the set of mechanism within living organism that 

link physiological processes 

with daily ,monthly , or seasonal cycles or with stages of 

development and aging .

यही जैव घड़ी समस्त जीव जगत की शरीर क्रियावैज्ञानिक गतिविधयों का सम्बन्ध पल छिन ,पहर से ,पौ

फटने ,दिन छिपने से जोड़े रहती है .ब्रह्म मुहूरत में कौवों की कांव कांव इसी जैव घड़ी से संकेत ग्रहण करती

है .

दरअसल हरा प्रकाश पड़ने पर यही  ग्रंथि शेष शरीर को सन्देश भेजती है .यही सन्देश हारमोन पैदा करवातें

हैं जिनसे संचालित होती है जैव घड़ी .

जो अर्ली बर्ड्स हैं जल्दी सोतें हैं जल्दी बिस्तर छोड़ के  उठ जातें हैं उन्हें यह युक्ति प्रात : काल 50 मिनिट

पहननी पड़ती है जो गए रात देर तक काम करतें हैं और देर से उठतें हैं (नाईट आउल्स )उन्हें यह युक्ति

सोने से पहले इतनी ही देर तक पहननी पड़ती है ताकि जैव घड़ी  को आगे पीछे आहिस्ता आहिस्ता किया

जा सके .

Jet lag :

Jet lag is an internal disturbance experienced by air travellers on flights across different time zones.

As anyone who has ever flitted across multiple time zones knows, when your internal clock is unable to adapt to a rapid change in the light-dark cycle, the result is jet lag. Read: fatigue, moodiness, gastrointestinal unpleasantness.

http://travel.nytimes.com/2012/08/19/travel/a-battle-plan-for-jet-lag.html?pagewanted=all&_r=0


A Battle Plan for Jet Lag








8 टिप्‍पणियां:

"अनंत" अरुन शर्मा ने कहा…

बहुत ही अच्छी और रोचक जानकारी है सर साझा करने हेतु अनेक-2 धन्यवाद.

रविकर ने कहा…

जैव घड़ी चश्मा जुड़ा, करे नियामन काज |
नहीं जेट-लेग अनिद्रा, संभव होता आज ||

यादें....ashok saluja . ने कहा…

उत्साह-वर्धक जानकारी ,शायद कभी मेरे काम भी आ जाये ....
आभार ! वीरू भाई जी ..राम-राम !

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत रोचक व उपयोगई जानकारी....

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी नवीनतम जानकारी देता आपका यह आलेख ...
आभार सहित

सादर

Asha Saxena ने कहा…

अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद |
आशा

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

Anita ने कहा…

बढ़िया जानकारी है...
~सादर!!!