सोमवार, 25 फ़रवरी 2013

Intelligent friends can make children smarter

अंग्रेजी का मुहावरा है जिसका तर्जुमा (हिंदी अनुवाद )कुछ यूं है :आदमी 

को उसकी सोहबत से जाना है ,उन किताबों  की मार्फ़त जाना जाता जो 

उसने पढ़ी हैं .हमारा रिकार्ड रहा है हमारे तमाम मित्र हमसे बेहतर रहें हैं 

हर क्षेत्र में  उनके संग का रंग कुछ न कुछ हम पर भी चढ़ा होगा .अब 

यही बात साइंसदान कह रहें हैं अपनी आजमाइशों के आलोक में .

आपके बच्चे को संग साथ यदि अपने से अकादमिक तौर पर बेहतर 

बच्चों का मिलेगा तब आपका बच्चा भी अकादमिक तौर पर आगे 

आयेगा .अपने प्रज्ञासंपन्न ,हुनरमंद हमउम्रों का रंग  उस पर भी चढ़ेगा 

.इसीलिए बहुत एहम होने चाहिए माँ बाप के लिए बच्चे के यार दोस्त 

सहपाठी ,हमजोली .उन्हें जानना चाहिए किन बच्चों के संग उसकी दांत 

काटी रोटी है . 

Intelligent friends can make children smarter 

Children who hang out with like -minded academic achievers are smarter as it boosts their brainpower , a new study claims .Parents need to understand their children's friends have more of an impact on their attitude to study than they think ,child psychologist Dr Michael Carr -Gregg said ."You are who you hang out with .If you have an average kid and they associate with others who love learning and going to school ,that will definitely become contagious ,"the Daily Telegraph quoted Carr -Gregg assaying .He said academic children would even go to the extreme of pretending to be dumb in order to fit in with their friends.

सन्दर्भ -सामिग्री :-SHORT CUTS /THE TIMES OF INDIA ,MUMBAI ,FEBRUARY 25,2013,P15 




6 टिप्‍पणियां:

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

कहावत है:
तुख्मे तासीर, सोहबते असर.

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही सुन्दर,सही ही है आदमी की सोहबत से जाना जाता है.समय मिले तो मेरे स्वास्थ्य ब्लॉग का अवलोकन करें.

"स्वस्थ जीवन: Healthy life"

Aziz Jaunpuri ने कहा…

सर जी,यह एक हकीकत है ,जिसे आप ने
जिसे आप ने बड़े वैज्ञानिक ढंग से
प्रस्तुत किया है , बड़ी मशहूर कहावत
आज भी गाँव में प्रचलित है "जैसी काकड़
वैसे बिया ,जैसी माई वैसी धिया "अति
सुन्दर सर जी

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

हम तो सदा औरों को देख कर ही सीखते रहे..

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

sangati ka asar to hoga hi.....bahut acchi prastuti....

smt. Ajit Gupta ने कहा…

बिना साहित्‍य पढ़े विकास सम्‍यक नहीं हो पाता और संगति का भी पूरा असर होता है, एकदम सत्‍य है।