शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2013

भले इससे मर्दानगी पे आंच न आती हो लेकिन ....

भले इससे मर्दानगी पे आंच न आती हो लेकिन ....

Watching TV for 20 hrs a week halves sperm count 

More Physical Activity Helps In Boosting Male Fertilty

वंशवेळ को भी असर ग्रस्त कर सकता है देर तक बुद्धू बक्से से चिपके 

रहना .साइंसदानों के अनुसार उन पुरुषों की प्रतिइजेकुलेशन शुक्राणु 

तादाद घटके 50%रह सकती है बरक्स उनके जो कम समय टेलिविज़न 

के सामने बिताते हैं .

दूसरे  छोर पर उन पुरुषों के मामले में स्पर्म काउंट 73 %ज्यादा रहता है 

जो हफ्ते में कमसे कम 15 घंटा कठोर या फिर औसत मझौले दर्जे का 

व्यायाम करते रहतें हैं बरक्स उनके जो बहुत कम कसरत  करते हैं .

ब्रितानी विज्ञान परिपत्र "ब्रिटिश मेडीकल आफ स्पोर्ट्स मेडिसन "में 

प्रकाशित इस अध्ययन के इन  नतीजों पर उन्हें ज़रूर गौर करना चाहिए 

जिनका स्पर्म काउंट भी कमतर है तथा गुणवत्ता के मामले में भी 

शुक्राणु फिसड्डी हैं sub -optimal sperm quality वाला है .

.माहिरों के अनुसार  अब से कोई तीस बरस पहले एक औसत भारतीय 

पुरुष के शुक्राणु संख्या बल में प्रतिमिलीमीटर 6 करोड़ रहते थे जो अब 

घटकर 2करोड़ शुक्राणु प्रतिमिलीमीटर पर आ गए हैं .

हर बरस 1.2 -1.8 करोड़ भारतीय दम्पति प्रजनन सम्बन्धी 

रोगनैदानिक परीक्षणों के बाद 

बाँझ पाए   जाते हैं .

79%मर्द तथा 83%महिलाएँ भौतिक रूप से निष्क्रिय रहतें हैं .कोई 

महनत मशक्कत वाला काम नहीं करते ये लोग .

51%पुरुष तथा 48%महिलाएं ज्यादा चिकनाई वाली खुराक लेते हैं .

अपने अध्ययन में रिसर्चरों ने 18-22 साला 189 पुरुषों के शुक्राणु की 

गुणवत्ता का विश्लेषण किया था .ये सभी न्यूयॉर्क  वासी थे 

.प्रतिसप्ताह इनके द्वारा किये गए व्यायाम की अवधि और तीव्रता तथा 

टेलिविज़न,DVDs,विडीओ आदि  देखने के  समय का ब्योरा 

अध्ययन शुरू होने से 

पूर्व के तीन माह का 

जुटाया गया .

स्पर्म की गुणवत्ता को असर ग्रस्त करने वाले अन्य संभावित घटकों 

यथा इनकी खुराक ,स्ट्रेस लेविल ,धूम्रपान आदि की लत ,चिकित्सा एवं 

इनके प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में भी पूरा ब्योरा हासिल किया गया .

पता चला ये लोग औसतन 5-14 घंटा प्रतिसप्ताह हलकी तीव्रता की या 

फिर कठोर कसरत कुसरत ,व्यायाम करते थे और 4-20 घंटे औसतन टी 

वी स्क्रीन के आगे बैठे रहते थे .

पता चला जो भौतिक रूप से  ज्यादा 


सक्रीय रहते थे उनकी खुराक भी अपेक्षाकृत स्वास्थ्यकर थी बरक्स 

उनके जो बुद्धू बक्से के आगे ज्यादा देर तक बैठे रहते थे .

जो लोग सर्वाधिक  सक्रीय थे औसतन प्रतिसप्ताह कमसे कम 15 घंटा 

व्यायाम करते थे उनका स्पर्म काउंट 73% ज्यादा था बरक्स उनके जो 

सबसे कम सक्रीय रहते थे .

जो लोग 20 या और भी ज्यादा घंटा प्रति सप्ताह टेलिविज़न देखते थे 

उनका स्पर्म काउंट 44%कमतर निकला बरक्स उनके जो ऐसा बहुत 

कम करते थे .

भले शुक्राणु तादाद का घटना बाँझपन या प्रजनन क्षमता को ज़रूरी तौर 

पर असर ग्रस्त न भी करता हो ,वंशवेळ की गुणवत्ता तो इससे प्रभावित 

होती ही है जिसमें नियमित व्यायाम सुधार ज़रूर लाता है .यही इस 

अध्ययन का सन्देश है .कोई शक ?

सन्दर्भ -सामिग्री :-Watching TV for 20 hrs a week halves sperm 

count/More Physical Activity Helps In Boosting Male 

Fertilty/TIMES TRENDS/THE TOI ,MUMBAI ,FEB 6 ,2013,P 23


Study suggests breakfast could make kids smarter 

New research from the University of Pennsylvania School of Nursing has found that children who regularly have breakfast on a near -daily basis had significantly higher full scale , verbal and performance IQ test scores.

In one of the first studies to examine IQ and breakfast consumption , researchers examined data from 1,269 children six years old in China ,where breakfast is highly valued , and concluded that children who did not eat breakfast regularly had 5.58 points lower verbal , 2.50 points lower performance , and 4.6 points lower total IQ scores than children who often or always ate breakfast .

"Childhood is a critical period in which dietary and lifestyle patterns are initiated , and these habits can have important immediate and long term implications ,"said lead author Jianghong-Liu."Breakfast habits appear to be no exception , and irregular  breakfast eating has already been associated with a number of unhealthy behaviors , such as smoking ,frequent alcohol use ,and infrequent exercise."

At age 6 , a child's cognitive ability at both the verbal and performance levels is rapidly developing .Both the nutritional and social aspects of breakfast play a role .After a whole night of fasting ,breakfast serves as a means to supply "fuel"to the brain .

          Meanwhile ,social interaction at breakfast time with parents may promote brain development.

Mealtime discussions may facilitate cognitive development by offering children the opportunity to expand their vocabulary ,practice synthesising and comprehending stories , and acquire general knowledge ,noted the authors.

       The researchers suggest that schools play a role in stressing the importance of eating breakfast by delaying start times and /or providing breakfast to allow students to profit from the cognitive benefits of eating before a morning curriculum .

           "Because adequate nutrition in early childhood has been linked to increased IQ through childhood ,which is related to decreased childhood behavioral disorders ,better career satisfaction , and socioeconomic success in adults ,breakfast consumption could ultimately benefit long -term physical and mental health outcomes as well a quality of life ,"said Liu.



Images for pictures of school children taking breakfast

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  • 2 days ago











5 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

निष्क्रियता क्या न करा दे..

रविकर ने कहा…

परिवार नियोजन में भी
इसका उपयोग कर सकते हैं लोग-
हा हा हा हा -

आभार

प्रवाह ने कहा…

आधुनिक जीवन में व्यवस्थित जीवनचर्या और व्यायाम की महत्ता की तरफ ध्यानाकर्षण के लिए उल्लेखनीय तथ्यों से युक्त सुंदर जानकारी भरे आलेख के साधुवाद

Madan Mohan Saxena ने कहा…

Nice information sharmaji.

madhu singh ने कहा…

इस उपयोगी वैज्ञानिक जानकारी के
द्वारा ज्ञान चक्षु का खुल जाना
अवश्यम्भावी है