बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

याददाश्त क्षय को रोकने के लिए चाय

आरोग्य प्रहरी 

(1)बुढ़ापे  के एक  दिमागी अपविकासी रोग 

(न्यूरोडीजेंरेटिव डिजीज )अलजाईमार्स जिसमें दिमाग 

सिकुड़ने के साथ साथ याददाश्त छीजती चली जाती है 

से बचाए रहने में रोजा आना तीन कप चाय का सेवन 

काम आ सकता है .साइंसदानों के मुताबिक़ चाय उम्र 

दराज़ होने पर भी दिमाग को चुस्त दुरुस्त धारदार 

बनाए रह सकती है क्योंकि इसमें एक रासायनिक 

यौगिक Theanine (थिएनाइन )रहता है .

महिलाओं को इसका ख़ास फायदा मिल सकता है 

.केलिफोर्निया विश्वविद्यालय के रिसर्चदानों ने 6 

अलग अलग अध्ययनों का विश्लेषण करने के बाद यह 

निष्कर्ष निकालें हैं :चाय बुद्धि कौशल बनाए रहने में 

मददगार साबित हो सकती है .याददाश्त क्षय को रोकने 

के लिए चाय को तरजीह दीजिए शराब पर .सात्विक 

नशा है चाय .

(2)तैरना और साइकिल चलाना दोनों ही ऐसे व्यायाम 

है जो ऑक्सीजन की खपत को बढाते हैं जोड़ों के 

संचालन और मजबूती को बनाए रखने में मदद गार 

रहतें हैं .आर्थराइतिस से ग्रस्त लोगों के लिए भी मुफीद 

सिद्ध होतें हैं .


(3)पूर्व मासिक संलक्षण (PMS,Premenstrual 

syndrome) के खिलाफ जंग में तरकारियाँ एवं मोटे 

अनाज ,होल ग्रेन ब्रेड्स तथा अन्न से बने ऐसे पदार्थ 

जिन्हें नाश्ते में दूध के साथ लिया जाता है  खुराक में 

शामिल करना असरकारी साबित होता है .


(4)अंजीर का फल पोटेशियम से भरपूर है .यह रक्त 

चाप को नियंत्रित रखने एवं आघात (ब्रेन अटेक )तथा 

दिल की बीमारियों से बचाए रख सकता है .

(5)नाखूनों की मजबूती के लिए अँगुलियों और अंगूठों 

के नाखूनों के जड़ की कठोर त्वचा(उपचर्म या उपत्वचा 

,क्युटिकिल ) में   थोड़ा सा Castor oil (अरंडी का तेल 

जिसका इस्तेमाल विरेचन आदि में होता है )मलिए .यह 

विटामिन E युक्त होता है जो उपचर्म के लिए बढ़िया 

टोनिक का काम करता है . 

(6)SMOKING MARIUUANA LINKED TO 

HIGHER STROKE RISK 

Researchers have found an increased risk of stroke among those smoking marijuana compared to those who did not ,while research published in the American Heart Journal said marijuana users who had heart attacks were no more likely to die than those hadn't smoked cannabis.

 मैरवाना गांजे जैसा एक नशीला पदार्थ है जिसका 

सेवन अनेक देशों में गैर कानूनी है .अक्सर लोग चोरी 

छिपे इसका इस्तेमाल सिगरेट तम्बाकू में मिलाके 

करते हैं .

रिसर्चरों ने पता लगाया है इसका सिगरेट के रूप में 

इस्तेमाल करने वालों के लिए दिमागी दौरे (स्ट्रोक ,ब्रेन 

अटेक )का ख़तरा न करने वालों के बनिस्पत बहुत बढ़ 

जाता है .

कैनबिस भांग जाति के एक पौधे से बनाया गया 

नशीला पदार्थ है जिसका सेवन कुछ लोग आननद के 

लिए करते हैं .इसे चरस भी कहा  जाता है .

अमरीकी  हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक शोध पत्र के  

अनुसार मैरवाना का सेवन करने वाले जो लोग दिल के 

दौरों की चपेट में आ जाते हैं उनके मरने की संभावना 

उन 

लोगों से ज्यादा नहीं रहती है जो गांजे का सेवन नहीं 

करते हैं .

नुसखे सेहत के 

(7 )ताज़ा टमाटर और पके हुए पपीते के गुदे का फेस 

पैक बुढ़ापा रोधी पुष्टिकर तत्वों की खान है .चेहरे की 

कान्ति और त्वचा को ज़वान  बनाए रखने के लिए एक 

पखवाड़े में एक बार यह पैक आजमायें .

A facepack made of fresh tomato pulp is loaded 

with anti -aging nutrients .Apply once a fortnight to 

keep your skin radiant .

(8)गले की दुखन (Sore throat )से राहत का आसान 

उपाय है एक ग्लास गुनगुने पानी में एक छोटा चम्मच 

नमक मिलाके कमसे कम दिन भर में चार मर्तबा गरारे 

करें .

(9 )स्ट्रेस गंभीर रूप से कीलमुंहासों को बढ़ावा देता है .नियमित व्यायाम 

में छिपा है इस जोखिम को कम करने का समाधान .

(10)गाज़र क्षारीय तत्व (एल्केलाइन एलिमेंट्स )प्रचुरता से लिए रहतीं हैं 


.खून साफ़ करने और री -वाइटल -आइज़ करने में इन तत्वों  योगदान 

रहता है . 

(11)Exercising brain may boost your wellbeing 

Mindfulness meditation एक ऐसी दिमागी कसरत है जो न सिर्फ 

दिमागी प्रकार्य (दिमाग के कामकाजी ढंग )में ही बदलाव ला सकती है 

दिमागी संरचना  (anatomy ) में भी  तबदीली  ला सकती है .

 नकारात्मक विचारों को खारिज करने से यह सब हासिल होता है .

माहिरों के  अनुसार ताउम्र ,मृत्यु के ठीक पहले भी दिमाग अपने को 

पुनर -समायोजित करने की ,संरचना और आकृति में बदलाव लाने की 

क्षमता लिए रहता है .अनुभवों के अनुरूप   अनुक्रिया प्रतिक्रिया करता 

रहता है हमारा दिमाग उस विधायक पल तक जिसे मृत्यु कहतें हैं .

         दिमाग की इस शिफत को ,खसूसियत को ही कहते हैं न्यूरो -

प्लास्टीसिटी .

माहिरों के अनुसार शुद्ध मानसिक प्रशिक्षण करते रहने से न सिर्फ 

प्रकार्यात्मक स्तर पर दिमाग में बदलाव दर्ज़ किये जातें हैं संरचनात्मक 

बदलाव भी दर्ज़ होतें हैं .

दिमाग हर दम नया सीख सकता है .नए न्यूरल सर्किट बना सकता है 

.यही कहना है विस्कोंसिन विश्वविद्यालय ,मेडिसन के न्यूरोसाइंसदान 

रिचर्ड डेविडसन का .

Neuroplasticity:

Neuroplasticity: You Can Teach An Old Brain New Tricks





What's the Big Idea?
Your brain is more flexible than we've ever thought before. It changes because it is constantly optimizing itself, reorganizing itself by transferring cognitive abilities from one lobe to the other, particularly as you age. After a stroke, for instance, your brain can reorganize itself to move functions to undamaged areas. 
And yet, due to the lifestyles we lead we tend to not make full use of our brains. 

Dr. Dennis Charney, dean of the Mt. Sinai School of

Medicine, has studied how the brain responds to

dramatic changes in peoples' environments. In the video

below, Charney describes how prisoners of war who

were placed in solitary confinement developed unusual

cognitive capacities because the only activity they were

allowed to do was think. The POWs were essentially

 exercising their brains. What can we learn from this?
Charney is using this research to conduct psychological

therapies that can improve learning and memory, and

solve problems with anxiety and depression.

Mindfulness Meditation:

What is Mindfulness Meditation?

Mindfulness is a type of meditation that essentially 

involves focusing on your mind on the present. To 

be mindful is to be aware of your thoughts and 

actions in the present, without judging yourself.
Research suggests that mindfulness meditation may 

improve mood, decrease stress, and boost immune 

function.

How to Try It

1. Find a quiet and comfortable place. Sit in a chair or on the floor 

with your head, neck and back straight but not stiff.
2. Try to put aside all thoughts of the past and the future and stay

 in the present.
3. Become aware of your breathing, focusing on the sensation of 

air moving in and out of your body as you breathe. Feel your belly 

rise and fall, the air enter your nostrils and leave your mouth. Pay 

attention to the way each breath changes and is different.
4. Watch every thought come and go, whether it be a worry, fear, 

anxiety or hope. When thoughts come up in your mind, don't ignore 

or suppress them but simply note them, remain calm and use your 

breathing as an anchor.
5. If you find yourself getting carried away in your thoughts, 

observe where your mind went off to, without judging, and simply 

return to your breathing. Remember not to be hard on yourself if 

this happens.
6. As the time comes to a close, sit for a minute or two, becoming 

aware of where you are. Get up gradually.





9 टिप्‍पणियां:

प्रवाह ने कहा…

भाई जी सादर राम राम ,जनउपयोगी और स्वस्थ रहने के नायब उपाय बताने के लिए साधुवाद ,शुभकामनाये

Anita ने कहा…

चाय, अंजीर, टमाटर जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ और इतने उपयोग..आभार इस जानकारी के लिए..

madhu singh ने कहा…

सर जी, एक साथ कई समस्याओं का
निदान बखूबी प्रस्तुत कर बड़ा ही
सराहनीय कर किया है ,जीवन से जुडी
ये गंभीर समस्याएं हैं ,

India Darpan ने कहा…

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई

इंडिया दर्पण
पर भी पधारेँ।

Anita (अनिता) ने कहा…

एक साथ इतने सारे उपाय ... :)
चाय की अभी तक बुराई ही सुनी थी.. चलो एक अच्छाई तो मिली... :)
बहुत उपयोगी रचना!
~सादर!!!

रविकर ने कहा…

बढ़िया सलाह |
आभार भाई जी ||

कविता रावत ने कहा…

बहुत बढ़िया लाभकारी प्रस्तुति ..आभार

Kalipad "Prasad" ने कहा…

हमेशा की तरह काफी उपयोगी जानकारी. आभार!
Latest post हे माँ वीणा वादिनी शारदे !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

दिमाग चलता रहे तो जीने का आनन्द भी बना रहेगा।