रविवार, 2 दिसंबर 2012

सेहतनामा

सेहतनामा

कमर में दर्द होने रहने पर चारपाई न पकड़ें .बेड रेस्ट इसे बनाए रख सकता है .

Never resort to bed rest if you have a bad back .You will take longer to recover.

मुक्तावली (दन्तावली )की तंदरुस्ती के लिए जूस से भरे कचिया सेव ,संतरे ,गाज़र तथा खाद्य रेशों से भर पूर

हरी तरकारियाँ खाइए .

India's soon to be announced fourth HIV/AIDS policy may entail the closure of 350 community care

centres where patients get free hospitalization and medication .The govt logic is that public hospitals

have gathered enough expertise over the years to treat AIDS patients ,but the HIV positive community is

not convinced.

गौर तलब है एड्स कार्यक्रम पर होने वाली खर्ची का बहुलांश विदेशी सहायता पर निर्भर था जो 2014 तक पूरी

तरह समाप्त हो जायेगी .तब सारी  खर्ची National AIDS Control Organization (NACO )को उठानी पड़ेगी जो

भारत सरकार का उपक्रम है .

सहज अनुमेय है खैराती अस्पतालों (Public Hospitals )के हत्थे चढ़ने वाले एच आई वी -एड्स पोजिटिव लोगों

के साथ क्या होने वाला है उन अस्पतालों में जो खुद बीमार हैं जहां आम मरीजों  के लिए बिस्तर नहीं हैं .ऊपर से

चिकित्सा कर्मियों का सौतेला व्यवहार इन मरीजों के प्रति जब तब सुर्ख़ियों में छाया रहता है अखबारों की .

सवाल यह है क्या एच आई वी पोजिटिव मरीज़ को डायरिया (अतिसार ,पेचिस आदि )होने पर( पब्लिक


)सरकारी खैराती अस्पतालों में बेड मिल सकेगा .

क्या पैरा मेडिकल स्टाफ इनकी देखभाल सामान्य मरीजों की तरह ही कर सकेगा ?क्या इनके साथ उपेक्षा भरा

तिरस्कार पूर्ण व्यवहार नहीं होगा इसका जिम्मा भारत सरकार का स्वास्थ्य महकमा ले सकता है ?

Moreover ,many AIDS patients need palliative care or pain relief towards the end of life .

पूछा जाना चाहिए भारत सरकार से क्या हमारे जन -अस्पतालों में Pain Clinics हैं ?

वर्तमान में ज़ारी एंटी -रेट्रो -वायरल ट्रीटमेंट प्रोग्रेम निर्बाध ज़ारी रह सकेगा उस सरकार के साए में जिसके लिए

शिक्षा  और सेहत बजट के हाशिये पे रहे आयें हैं .



सेहतनामा आज का ज़ारी है अभी पढ़ते रहिये :



(1)गले की दुखन से राहत के लिए प्याज का ताज़ा ताज़ा अर्क निकालिए .बराबर मात्रा में शहद मिलाकर चाटिये

.आराम आयेगा .

(2)हमारी कदकाठी की बढ़वार और विकास के लिए मूंगफली खुराकी प्रोटीन का बहुमूल्य और सस्ता स्रोत है

.भूनी हुई खाओ या कच्ची ,पोहा खाओ या फिर मूंगफली एक माइक्रोमित्र बाउल में लेकर उसमें चार पांच बूँद

तेल सरसों टपकाओ (ओलिव आइल और भी अच्छा )और ओवन कर लो मिनिट दो या तीन के लिए रुक रुक के

.ठंडा होने दें .अब खाएं देखें इसका मजा लेकिन सोडे के साथ ली जाने वाली चीज़ का मूढ़ न बनाए स्वाद देख के

(3)PESTICIDE EXPOSURE CAN HARM MEMORY

Doctors have long recognised that in high doses the chemicals ,which are used to kill or repel insects

,can be toxic ,but now a new study found that even low doses can cause lasting harm to brain .

मानवीय सेहत पर विषाक्त प्रभाव डालते हैं कीटनाशक रसायन जो अन्न की फसलें आदि खा जाने वाले कीटों 

को नष्ट करते हैं .इनका अल्पांश (कथित सुरक्षित खुराक डोज़ या प्रभावन ,एक्सपोज़र )किसी भी विध भला

नहीं है .

अभिनव अध्ययन बतलातें हैं यह हमारे दिमाग को असर ग्रस्त करतें हैं याददाश्त क्षय की वजह बनते हैं .





12 टिप्‍पणियां:

संदीप पवाँर (Jatdevta) ने कहा…

सेहत समाचार जारी रहे, यह बुलेटिन हमारे बहुत काम आ रही है।

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

भारत की सरकारी स्‍वास्‍थ्‍यव्‍यवस्‍था सच में ही बीमार है. यहां दो ही प्रकार के लोग जाते हैं, जो प्राइवेट इलाज नहीं करवा सकते या वे जो यहां कि‍सी न कि‍सी को जानते हैं. यहां की नर्सें काटने को दौड़ती हैं, डाक्‍टर एहसान करते हैं और बाकी व्‍यवस्‍था वार्ड-ब्‍यॉय चलाते हैं. प्रशासन बस भ्रष्‍टाचार की देख भाल करता है कि‍ कहीं उसमें कोई कोताही न रह जाऐ

रविकर ने कहा…

बढ़िया सन्देश ।

सेहत सबसे जरुरी -

शुभकामनायें-

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

आपके आलेख जनहित में अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं. सेहत से बेहतर नेमत कुछ और नहीं. आपकी कलम को नमन

Arvind Mishra ने कहा…

तंदरुस्ती हजार नियामत है -जारी रहे सेहतनामा

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

सेहत के अलावा बहुविध समाचार भी आपने दिये हैं. धन्यवाद. कमर दर्द को हल्के ना लें, स्लिप डिस्क पर विवेचाना लाभकारी होगा.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बड़े ही उपयोगी बुलेटिन..

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

Herniated disk के मामलों में काइरोप्रेकटर रीढ़ का समायोजन करतें हैं गुर्रियों की दुरुस्ती करके दबी हुई नसों से दवाब हटाके .आप को एक्टिव ही रहना है ताकि रीढ़ को पूरी ऑक्सीजन पहुँचती रहे

गुर्रियाँ बोले तो vertebrae .काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा में रीढ़ की गुर्रियों में आई गड़बड़ी (इनमें जो विक्षोभ पैदा हो जाता है ) उसे ही दूर किया जाता है . काइरोप्रेकटर (काइरो प्रेक्टिक चिकित्सा का

माहिर )के सधे हुए हाथ यह कमाल करते हैं .पुरुषोत्तम पांडे भाई साहब आपने सही मुद्दा उठाया है .

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत ख़ूब!
आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल दिनांक 03-12-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-1082 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत ख़ूब!
आपकी यह सुन्दर प्रविष्टि कल दिनांक 03-12-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-1082 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

Anita ने कहा…

बहुत बढ़िया जानकारी से भरपूर रचना !
हार्दिक धन्यवाद !:)
~सादर!!!

UMA SHANKER MISHRA ने कहा…

बहुत ही लाभकारी
स्वास्थ के प्रति जन चेतना
आपका प्रयास जारी रहे
आपको धन्यवाद