रविवार, 9 दिसंबर 2012

Global warming ,sperm count dropping


 मर्दानगी पे भारी पड़  रहा है भूमंडलीय तापन (आलमी गर्मी )

Global warming ,sperm count dropping

The most likely causes of the worldwide fall in sperm counts are a high fat diet and environmental chemical exsposures

Alongside ,there has been a rise in testicular cancer and in other male sexual disorder such as undescended testes , which scientists says is indiactive of a "worldwide pattern"

आलमी स्तर पर अब तक के सबसे व्यापक अध्ययन से जिसके तहत शुक्राणु की गुणवत्ता और सांद्रण का विश्लेषण किया गया है पता चला है कि आलमी स्तर पर औसत पुरुष के  प्रजनन स्वास्थ्य के गिरावट आई है .

 26,000 पुरुषों पर 1989-2005 के दरमियान किये गए अध्ययन से इल्म हुआ है ,इनके शुक्राणुओं के हरेक मिलीमीटर में मौजूदशुक्राणुओं की तादाद एक तिहाई कम हो गई है .तथा इनके लिए  पुरुष बांझपन का खतरा बढ़ गया है .

तकरीबन इसी अनुपात में इनके शुक्राणुओं की गुणवत्ता में भी गिरावट दर्ज़ हुई है .

गत बीस वर्षों में अलग अलग मुल्कों में हुई शोध की पुष्टि होती है इन ताज़ा अन्वेषणों से .

क्या वजूहातें  रहीं हैं इस गिरावट की 


कसे हुए अंडरवियर हमारी हवा पानी मिट्टी में मौजूद विषाक्त  तत्व (environmental toxins)इसके लिए भले ही कुसूरवार ठहराए गए हैं लेकिन एक दम से कोई ऐसी वजह मालूम नहीं हो सकी है जिस पे साफ़ साफ़ ऊंगली रखी  जा सके .

बेशक अध्ययन की पूरी सत्रह साला अवधि में यह गिरावट लगातार दर्ज़ की गई है .इल्म हुआ है यह ज़ारी रहेगी।रुकने वाली नहीं है .

भले फ्रांस इस शोध में अगुवा रहा है लेकिन ब्रितानी साइंसदान कहतें हैं इसके विश्वव्यापी निहितार्थ हैं .
जनता के लिए इसे गंभीर चेतावनी समझा जाए .इसके पर्यावरणी सेतु की भी आगे और पुष्टि होनी चाहिए .

सुनिश्चित किया जाना चाहिए इस संभावित सेतु को अंतरसम्बन्ध को .

एकतरफ आलमी स्तर पर मर्द के शुक्राणु की तादाद  में गिरावट आई है दूसरी तरफ अंडकोष कैंसर समूह के रोगों में भी इजाफा हुआ है .

गत तीन दशकों में इनकी दर दोगुना हुई है अलावा इसके अंडकोष की लटकन कम हुई है .

undescended testes के मामले बढे हैं .जो एक पुरुष यौन विकार है .

Undesended describes a testicle that has remained in the inguinal canal and has not descended into the scrotum .

अंडकोष थैली को ही कहतें हैं इस्क्रोटम .

Inguinal canal

The inguinal canal provide  a route for the descent of of the testes into the scrotum , after which they normally obliterate .

Inguinal canal is  a pair of openings that connect the abdominal cavity with scrotum in the male fetus.

Inguinal means located in or affecting the groin .

ग्रोइन बोले तो उरुमूल वह भाग जहां टांगें मिलती हैं शेष शरीर से .

साइंसदानों के मुताबिक़ फिलवक्त फौरी तौर पर यह ज़रूरी है इस गिरावट के कारणों को अविलम्ब अनुस्थापित किया जाए ताकि ज़ारी रहने वाली गिरावट को रोका जा सके .

(ज़ारी )


मर्दानगी पे भारी पड़  रहा है भूमंडलीय तापन (दूसरी किश्त )

अब तक आप पढ़ चुकें हैं कसावदार दिखाऊ टाईट अंडर वियर ,स्वेच्छा से अपनाई हुई जीवन  शैली और तथा पर्यावरणी  विष (environmental toxins)पुरुष शुक्राणुओं की तादाद और गुणवत्ता की लगातार छीजन की वजह बनी हैं इसे रोका जाना ज़रूरी है .अब आगे पढ़िए :

Richard  Sharpe ,professor of reproductive health at the University of Edinburg and an international expert on toxins in the environment ,said the study was 'hugely impressive' and answered sceptics who doubted whether the global decline was real .

फिर भी कोई नकारे  तो शौक से नकारे , नकारने वाले तो  जलवायु में  होने वाले  बदलावों को भी नकार रहें हैं जबकि सब कुछ ठेठ हमारी आँखों के आगे घटित हो रहा है हुआ है हाल ही में .

कुछ हमारी  आधुनिक जीवन शैली ,हमारी खुराक ,हमारी हवा पानी और मिट्टी में ही ऐसा कुछ पैठ गया है जो शुक्राणु की तादाद और गुणवत्ता दोनों में ही गिरावट की वजह बनता रहा है .स्थिति  दिनानुदिन बदतर   हो रही है .
पर्यावरणी रसायनों के संपर्क में आना गुल खिला रहा है .भले अभी और पड़ताल ज़रूरी है .

Researchers from the Institute Veille Sanitaire , St Maurice used data from 126 fertility clinics in France which had collected semen samples from the male partners of women with blocked or missing fallopian tubes.

 जिन मर्दों से शुक्राणु के नमूने जुटाए गए उनकी औसत आयु 35 वर्ष थी ,इनमें प्रजनन सम्बन्धी कोई समस्याएं भी नहीं थीं इसीलिए इन्हें आम आबादी का प्रतिनिधिक माना गया .

नतीजों से पता चला , शुक्राणु के हरेक एक मिलीलीटर में अनवरत रूप से थोड़ा थोड़ा करके गत सत्रह सालों में हर साल 1.9 फीसद गिरावट आती रही है .1989 के 73.6 मिलियन स्पर्म प्रति  मिलीलीटर से गिरकर 2005 में यह 49.9मिलियन /मिलीलीटर पर आ गई .

इसी दरमियान सामान्य तौर पर निर्मित शुक्राणु में भी 33.4 फीसद की गिरावट दर्ज़ की गई .

कई योरोपीय अध्ययनों से भी विदित हुआ है ,हरेक पांच में से एक मर्द का इस्पर्म काउंट कम हो  रहा है जिससे गर्भाधान में दिक्कतें आ रहीं हैं .

Although the average sperm count of the men was well above the threshold definition of male infertility -which is 15 million /ml -it was below the World Health Organisation threshold of 55 million /ml which is thought to lengthen the time to conceive .

अब इस गिरावट में एक आधुनिक आयाम और जोड़ लीजिये

औरतें जल्दी बच्चा नहीं चाहतीं हैं आजकल .शादी देर में फिर कुछ और देरी मौजमस्ती में गर्भ धारण की उम्र को आगे खिसका रही है .ऐसे में औरत की अपनी प्रजनन क्षमता भी तो  उम्र के साथ कमतर हो जाती है .

दूसरी तरफ मर्द का स्पर्म काउंट लो ,उसकी गुणवत्ता कमतर हो गया बंटा  धार .

घूमो! संतान की चाहना में एक से दूसरी संतति क्लिनिक में .

घूमो !शौक से घूमों .

1 टिप्पणी:

पूरण खंडेलवाल ने कहा…

ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालती जानकारी जो हमें इशारा कर रही है सुधरने का !!