गुरुवार, 13 दिसंबर 2012

सेहतनामा


सेहतनामा 

(1)दिल के लिए खतरे का वजन कम कर सकतें हैं आप एक कप छोटी मटर (छोटी फली ,chickpeas)को अपनी 

 रोजमर्रा की खुराक में शामिल करके .जानिएगा कि इसका नियमित सेवन LDL CHOLESTEROL ,खून में 


घुली ऐसी चर्बी जो हमारे दिल के लिए अच्छी नहीं है के स्तर को कम करता  है .इसे ही कम रखके दिल की हिफाज़त 

करिए .

(2)Lettuce is rich in vitamin K which promotes osteotropic activity in the bone cells and increases 

bone mass. 



Lettuce :लेटिस (लेटस )सलाद पत्ते का पौधा होता है इन पत्तों को ठंडा ही खाया जाता है जो आकार में बड़े 

लेकिन खाने में नर्म होतें हैं .

Controlled release of osteotropic molecules stimulates in -vitro cellular activity and in -vivo local bone generation .

In -vitro means as in a test tube or petri dish and In -vivo means as in human body .

(3)THREATENING OBJECTS APPEAR CLOSURE THAN ACTUAL

Researchers at New York University and Cornell University suggest that our visual mis -perception may actually help us to get out of harm's way .Our heart rate and blood pressure ramp up ,and we produce more of the stress hormone cortisol and objects seem closure .



WHAT IS DENGUE?

Debgue is a fever which afflicts someone bitten by aedes aegypti mosquito,which is a carrier of the virus -D1,D2,D3 and D4 -in the atmosphere (Mumbai )right now .

मच्छर के काटने से होने वाली बीमारियों को इसीलिए वेक्टर बोर्न डिजीज (मच्छर क्योंकि इसके विषाणु का

वाहक होता है )कहा जाता है .सबसे ज्यादा खतरनाक और उग्र किस्म इस विषाणु की D2 STRAIN

है .

Dengu shock syndrome ,haemorrhagic fever ,प्लेटलेट की गिनती के तेज़ी से गिरने की वजह यही स्ट्रेन

बनती है .शरीर के अन्दर अंदर होने वाले रक्त स्राव इन्टरनल ब्लीडिंग तथा प्रमुख अंगों को नाकारा यही प्रजाति

 विषाणु की बनाती है .दो से पांच दिनों में ही रोग का पेचीला पन सामने आ जाता है .

A vector is a disease transmitting organism such as a mosquito or tick that transmits disease causing

micro-organism from infected individuals to other persons ,or from infected animals to human beings.

Mosquitoes, for example are vectors of malaria ,filariasis ,yellow fever ,Dengu ,Chikungunya  etc.

 अपने आप से ठीक हो जाने वाला ज्वर  (self limiting fever /disease )है यह जिसके लिए कोई विशिष्ट इलाज़

नहीं है .

It is a self limiting fever and there is no specific line of medication or treatment to cure it .

डेंगू से सम्बंधित कुछ ख़ास बातें

अपना वैद्य खुद न बनें खासकर तेज़ ज्वर होने पर जिसके बारे में डेंगू ज्वर होने का संदेह हो .

खूब पानी पिए शरीर में जल की कमी न होने पाए .

A SUSPECTED DENGUE PATIENT SHOULD STAY WELL HYDRATED AND TAKR ENOUGH

REST TO BE ON THE PATH OF RECOVERY.

गमले आदि में ,AC DUCTS आदि में पानी न छोड़ें .

आसपास से मलबा खासकर लकड़ी से बना कबाड़ हटा दें .

हर रोज़ पानी की बाल्टी खाली करके रखें  .उघडा बिलकुल न रखें पानी .फ्लावर पॉट्स आदि का पानी रिताए।

घर में मच्छर पैदा न होनें दें कैसे भी .

रोग के चंद लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं 

(1)तेज़ ज्वर जो किसी बिध काबू न आये .

(2)जोड़ों और कमर में तीव्र  पीड़ा ,उदर के खासकर दायें हिस्से में दर्द का होना .

(3)मिचली आना

Vomiting and a reddened appearance.


आरोग्य  समाचार

(1) 'Tea ,honey can fight resistant superbugs '

Traditional remedies such as tea and honey can be deployed to fight against superbugs as scientists have warned that bacteria are becoming increasingly resistant to antibiotics.Scientists say the antibiotics are becoming redundant and the more the drugs that are used ,the more likely it is that any bacteria will build up a resistance to them .

one expert said this could lead to an 'arms race "that he feared was being lost .It raises the spectre of a return to the time before antibiotics revolutionized medicine when they arrived in the 1940s ,'The Telegraph 'reported.

बोले तो मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की .प्रतिजैविकी पदार्थों एंटीबायटिक्स का अविवेकपूर्ण अधिकाधिक

चलन एक तरफ इनकी धार को कुंद बना रहा है दूसरी और रोगकारक जीवाणुओं को ढीठ ,दवा रोधी ,एक जंग

जिनके खिलाफ हम देखा जाए तो तकरीबन तकरीबन हार चुकें हैं .


अब क्या हम दादी नानी के नुस्खों की और लौटेंगे .शहद और चाय सरसंधान करेंगे ,काट करेंगे ,बेअसर करेंगे

इन बे -काबू हो चले महारोग कारकों सुपरबग्स को ?आशंकित है साइंसदान  भी .



(2)Gut microbes can be your genetic fingerprints 

हमारी अंतड़ियों में मौजूद सूक्ष्म जीवाणु जिन्हें हम बा -मुश्किल किसी सूक्ष्म दर्शी से ही देख पातें हैं हमारा

असली आईडी ,होता है शिनाख्त होती है आनुवंशिक हस्ताक्षर होतें हैं .इन जीवाणुओं का आनुवंशिक पदार्थ

Microbial DNA हर व्यक्ति का जुदा होता है ऊंगलियों के निशाँ की तरह अंगूठा छाप की तरह .इसीलिए हरेक

व्यक्ति की दवाओं के प्रति अनुक्रिया ,ड्रग रेस्पोसं ,खाद्यों से पुष्टिकर तत्व प्राप्त करने की ग्रहण कर लेने की

क्षमता भी अलग अलग होती है .विटामिन संश्लेषण क्षमता भी अलग अलग रहती है रोग संक्रमणों से जूझने

का माद्दा भी जुदा रहता है .

बेशक हमारे जीन समुच्चय (जीनोम )का भी इसमें हाथ होता है .जैसे सबका जीन समुच्चय ,जीवन खंडों का

नक्शा ,लेखा जोखा विरासत अलग अलग है वैसे ही हैं  यह gut microbes ,अंतड़ियों में मौजूद जीवाणु समुच्चय .
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल आफ मेडिसन ,सेंट लुइ एवं योरोपीय अणुजैविक प्रयोगशाला ,हाइदेलबर्ग ,जर्मनी

के साइंसदानों ने दुनिया भर में पहली मर्तबा इस प्रकार का अध्ययन किया है .

बाकायदा सूचीबद्ध किया गया है गट बेक्टीरिया को .इस एवज 252 बिष्टा नमूनों के माइक्रोबिअल डी एन ए का

व्यापक विश्लेषण किया गया .ये नमूने कुल मिलाके 207 योरोपीय और अमरीकियों से जुटाए गए .

माइक्रोब्स की  (सूक्ष्म जीवाणुओं की )101 प्रजातियों पर गौर किया गया जो आम तौर पर हमारी अंतड़ियों में

परिवास बनाए रहतें हैं .

Researchers identified more than 10 million single letter changes in the collective DNA.

(3)बीटा कैरोटीन बहुल होती है गाज़र .यह एक असरदार एंटीओक्सिडेंट है जो हमारे कुदरती रोग रोधी तंत्र को मजबूती प्रदान करता है .

Carotene are any of several orange and red physiologically active plant pigments.

Carotene is a yellow or orange plant pigment -one of the carotenoids -that occur in four forms :alpha ,beta ,gamma ,and delta .The most important form is beta carotene ,which is an antioxident and can be converted in the body to retinol (vitamin A).Foods containg beta carotene are (for example )milk some vegetables )are therefore the source of the vitamin.

Anti -oxident बोले तो प्रति -ओक्सिकारक हमारे शरीर में कुदरती तौर पर तथा कुछ खाद्यों ,पेयों और

सम्पूरण में मौजूद रहतें हैं .इनमें शामिल हैं विटामिन C,(Ascorbic acid ),विटामिन  E,


(Tocopherols) और बीटा कैरोटीन सेलिनियम और कुछ फलों पादपों में मौजूद पुष्टिकर तत्व

(रसायन),phytochemicals. .

ऑक्सीकरण का हमारे शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ता है (खाने की चीज़ों का ऑक्सीकरण चलता रहता है शरीर में

)फलस्वरूप ऑक्सीजन के कुछ ऐसे नवजात परमाणु (अणु भी कह दिया जाता है इन्हें हालाकि यह मुक्त

अवस्था  में ऑक्सीजन का एकल परमाणु होता है ,पर होता बहुत तेज़ तर्रार है मायावती की तरह ,कई रोगों में


,कई विषाक्त पदार्थों के सेवन से भी विकिरण के संपर्क में आने से भी ,धूम्रपान से भी ये शरीर में पैदा होतें हैं

जिनके हानिकारक प्रभावों से बचाते  हैं हमें प्रति -ओक्सिकारक पदार्थ बोले तो एंटीओक्सिडेंट .इन्हें निष्प्रभावी

भी बनातें हैं एंटी -ओक्सिडेंट .

(4)Celery contains compounds that help regulate blood pressure .

हरे सफ़ेद डंठल वाली एक सब्जी है सेलरी जो अक्सर कच्ची खाई जाती है सलाद की तरह  .स्टिक होती हैं इसकी

 .गोरे  बहुत खातें

 हैं इसे बिरयानी के साथ .रक्त चाप को कम रखती है सेलरी .








4 टिप्‍पणियां:

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी एक साथ..आभार

mahendra verma ने कहा…

आपकी यह जानकारी बहुत काम आएगी।

Rohitas ghorela ने कहा…

काम में आने वाली सार्थक जानकारी देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोचक सलाहें