मंगलवार, 25 दिसंबर 2012

आरोग्य प्रहरी




आरोग्य प्रहरी 

(1)गुणकारी सरसों का तेल खाना पकाने के लिए इस्तेमाल कीजिये क्योंकि यह   जीवाणु से पैदा होने वाले 

उन संक्रमणों का मुकाबला करता है जो बड़ी 

आंत  

के मुख्य और सबसे बड़े भाग (मलद्वार के अलावा ),अंतड़ियों तथा मूत्र मार्ग में पैदा होतें हैं .

(2)तुलसी दल (तुलसी के पत्ते ,बैज़ल लीव्ज़ ,basil leaves)लौह तत्व आयरन का बेहतरीन स्रोत हैं .यह खून 


की ऑक्सीजन वहन क्षमता में इजाफा करते 

हैं .

(3)WIDELY PRESCRIBED ANTIBIOTIC USELESS ,HARMFUL 

Commonly prescribed antibiotic -amoxicillin -is ineffective for treating coughs and can be harmful if 

overused ,experts claim .Their overuse 

can lead to side effects such as diarrhoea ,rash ,vomiting and the development of resistance ,they 

warned.


(4)नारिअल के तेल में मीठा निम्बू का रस मिलाके सिर में रोजाना  मालिश करें .बालों का गिरना मुल्तवी

रहेगा .

(5)मुख दुर्गन्ध (bad breath )की वजह पेट को खाली रखना है .कमसे कम दिन में तीन मर्तबा खाएं

.नियमित नाश्ता ,दोपहर और रात का भोजन

नियमित लें .

(6)SMOKING DEADLIER FOR HIV PATIENTS THAN VIRUS 

A new study finds that HIV patients who receive good care but who smoke lose more years of life

to smoking than to HIV.According to the

study nonsmokers getting good care had life expectancy of 78 ,compared with 63 for smokers.



अगर वह कहें दो और  दो पांच होतें हैं 

माननीय गृहमंत्री सुशील कुमार जी शिंदे बड़े अभिभूत हैं कि युगों बाद जिस देवी का अवतरण होता है वह देवी सोनिया  साक्षात आन्दोलन

कारियों से मिली और आन्दोलन कारी अपना क्षुद्र रोना रोते 

रहे .देखो नासमझी आन्दोलनकारियों की .

देवी 

सोनिया का भारत भू पर अवतरण एक दिव्य घटना है जिससे शिंदे अभिभूत हैं . और उनका आंदोलनरत युवा भीड़ से मिलना उससे भी बड़ी

घटना है .एक देवी का आम आदमियों के बीच आना . दर 

असल 

अगर सोनिया गांधी यह कहें की दो और दो पांच होतें हैं तो सारे कांग्रेसी कहेंगे दो और दो पांच होतें हैं .अगर सारे कांग्रेसियों के दिमाग का

सी टी स्केन  उतारा जाए तो वहां  कोई सार तत्व ग्रे मैटर 

नहीं 

मिलेगा . फिर सवाल उठेगा कहाँ गए सारे दिमाग ,पता चलेगा सोनिया देवी के पास गिरवीं हैं .कांगेस की सदस्यता पाके व्यक्ति धन्य हो

जाता है और मंत्री पद पाके विचार मुक्त हो जाता है सोनिया 

मय हो जाता है .सोनिया का तो पूडल भी अभिभूत रहता है .

.साहूकार 

जिन लोगों को सूद पे पैसे बांटता है सोना गिरवीं रखके जैसे वे  तमाम लोग साहूकार के गुण गातें हैं वैसे ही कांग्रेसी सोनिया गायन वंदन करते हैं .

इसलिए हमें ज़रा भी आश्चर्य नहीं हुआ माननीय शिंदे जी के कथन पर .


दूसरा वक्तव्य श्री मान नीरज कुमार ,पुलिस प्रमुख का है .आप पुलिस ज्यादती को Collateral damage बतलाते हैं .किसी और

अनुशासन में प्रयुक्त होने वाला शब्द जब किसी और अनुशासन में 

प्रयोग किया जाता है तब ऐसा ही अर्थ का अन -अर्थ होता है .

Collateral damage का अर्थ होता है गौण नुक्सान ,जो महत्वपूर्ण न हो .जैसे दुश्मन के हमले में नागर जान माल की नुकसानी या फिर

भू -कम्प आने पर स्थलाकृति के अनुसार आनुषंगिक 

नुक्सान होता है .

पेड़ को जड़ से उखाड़ने पर भी बहुत से कीट बिच्छु कातर मर जाते हैं .नीरज कुमार जी ऐसे ही संवेदन हीन बात कर रहें हैं .जो जख्मी हुए

हैं या मारे गए हैं वह महत्वहीन हैं .

तीसरा बयान माननीय चिदम्बरम महोदय का है जो उन्होंने हालिया हिमाचल और गुजरात के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने पे दिया

.चिदम्बरम बोले गुजरात में भी हम जीते हैं मोदी की हार 

हुई है .हमारी सीटें बढ़ी हैं 2007 के बरक्स .

यह वैसे ही है जैसे कोई पहलवान अपने विरोधी से हार जाने के बाद कहे पिछले मुकाबले में मेरे पांच दांत टूटे थे इस मर्तबा सिर्फ  तीन   टूटे हैं .

किसी कांग्रेसी की यह हिम्मत न हुई कहे भाईसाहब हम गुजरात चुनाव हार गएँ हैं .सम्मोहन की मुद्रा में रहतें हैं तमाम कोंग्रेसी .सोनिया

गांधी और राहुल गांधी की जय बोलने के अलावा इन्हें कुछ 

नहीं आता .

6 टिप्‍पणियां:

कालीपद प्रसाद ने कहा…

सेहत नामा- अच्छी उपयोगी जानकारी :
नई पोस्ट : जागो कुम्भोकर्नो

दिगम्बर नासवा ने कहा…

सरसों का तेल ... सच में उपयोगी है .. हम तो कई सब्जियां उसी में बनाते हैं .. खास करके कड़ाई वाले बैंगन, स्वन्जना गोभी वगेरह ...
ओर इन कांग्रेसियों की बात ... अब क्या कहें लगता है सब बेचारे हैं ... गांधी से आगे नहीं पढ़े कुछ भी ...

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बढ़िया जानकारियां .
सरसों का तेल खुला न लें . इसमें मिलावट हो सकती है।
इसमें कॉलेस्ट्रोल काफी कम होता है।

ई. प्रदीप कुमार साहनी ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
सूचनार्थ |

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

बहुत ख़ूब वाह!

आप शायद इसे पसन्द करें-
ऐ कवि बाज़ी मार ले गये!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

चलो प्रकृति को फिर अपना लें।