सोमवार, 14 जनवरी 2013

सेहत

सेहत 

(1)फ़ाइटिक एसिड (phytic acid )और नियासिन का बेहतरीन स्रोत है 

बाजरा .कोलेस्ट्रोल को कम करता है .खाइये बाजरे की खिचड़ी /रोटी .इसमें 

केल्शि यम भी भरपूर है अंडे से प्राप्त केल्शोयम का अच्छा विकल्प बन 

सकता है शाकाहारियों के लिए बाजरा .

(2)गुड़ बोले तो Jaggery खाद्य रेशे लिए है जो श्वसनी क्षेत्र ,फेफड़ों और 

फ़ूड पाइप की सफाई करता है .क्रशर पर काम करने वाले ,सीमेंट रेत 

,टाइल्स सेट करने वाले मजूरों को इसीलिए गुड़  खिलाया जाता है .

(3)कील मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए नीम की पत्तियों को पीसकर 

इनका पेस्ट बनाइये ,जहां जहां कील मुंहासें हैं ,लगाइये रोज़ रात को .

(4)मेथी दाना खोन्न में घुली चर्बी को कम करता है ,खून में इन्सुलिन के 

स्तर को घटाता है तथा खून में घुली खतरनाक ट्राईग्लीसराइड्स को भी 

कम करता है .

रात को कोई पच्चीस ग्राम मेथी दाना एक ग्लास पानी में भिगो दीजिये 

,सुबह उठकर खाली पेट उस पानी को गर्म करके छान के पी जाइये ,बचे 

हुए मैथी दाने को चाहे सब्जी में स्तेमाल कीजिये चाहे आधा चम्मच सरसों 

तेल और लाल मिर्ची नमक दाल के छौंक दीजिये .खाइये चटनी की तरह 

खाने के संग .

या फिर बचे हुए मैथी दाने को बारीक कपडे में बाँध के छोड़ दीजिये 

,अंकुरित होने पर खाइये नीम्बू निचोड़ के .

(5)एक बड़ी चम्मच शहद थोड़ा सा गुनगुना कीजिये इसमें आधा चम्मच 

दार चीनी (सिनेमन )पाउडर मिलाकर खाइये सुबह सवेरे .रोग प्रति रोधी 

तंत्र मजबूत करेगा  .

(6)दांतों की चमकार के लिए स्ट्राबेरी का पेस्ट बनाइये गुदे को मसल 

कुचलके पीस के  मिक्सी में .अब इस गुदे से दांत साफ़ कीजिये .आजमायें 

कभी .


5 टिप्‍पणियां:

रचना दीक्षित ने कहा…

ये घरेलू नुस्खे जरुर आजमाकर देखेंगे क्योंकि सारी चीज़ें घर पर उपलब्ध होती हैं. धन्यबाद.

लोहड़ी, पोंगल, मकर संक्रांति और बिहू की शुभकामनायें.

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में आपके सभी लेख (सेहतनामा) अनमोल हैं. उपयोगी हैं और इनका पूरा आधार वैज्ञानिक रहता है. आपको हार्दिक साधुवाद.
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आपके सुख, समृद्धि और स्वस्थ रहने की कामना करता हूँ.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

वाह ... बुत से देसी नुस्खे हैं आज तो ... नीम, शहद, मेथी ... सभी काम के ...
मकर संक्रांति की शुभकामनाएं ...

Asha Saxena ने कहा…

मकर संक्रांति पर हार्दिक शुभ कामनाएं |अच्छी जानकारी दी है

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

धुँयें के कार्य के बाद गुड़ औषधीय है..