शुक्रवार, 11 जनवरी 2013

वजन घटाना है ,खड़े खड़े कीजे काम

वजन घटाना है ,खड़े खड़े  कीजे काम

Want to shed kilos ?Stand up at work

एक ब्रितानी शोध के अनुसार दफ्तरों  में काम करने वाले वे लोग  जो तीन घंटा अतिरिक्त काम खड़े खड़े ही

करते

हैं साल भर में अपने बदन से 3.6 किलोग्राम चर्बी उतार लेते हैं अपने उन साथियों के बरक्स जो सारा काम

बैठे बैठे ही निपटाते हैं . .बैठे बैठे दफ्तर में घंटों काम करना मोटापे की

एक एहम वजह बना  रहा है .

चेस्टर यूनिवर्सिटी के एक्सर साइज़ साइंसदान (कसरत विज्ञान के माहिर )John Buckley के अनुसार इतना

देर बैठे रहने की  ज़रुरत नहीं होनी चाहिए .काम करते करते सुस्ती छाये इससे पहले सीट छोड़ के खड़े हो

जाए ,निजात पाइये काम की कुर्सी से .

Buckley चेस्टर विश्वविद्यालय के क्लिनिकल साइंसइज एंड न्यूट्रीशन (रोग निदान विज्ञानों एवं पोषण

विज्ञान विभाग )में कार्यरत हैं .बकौल आपके खड़े खड़े काम करने से मोटापा सहज रूप कम होगा ,रक्त

संचार बेहतर रहेगा .

तीन घंटे खड़े रहने पर आप 144 केलोरीज़ फूंक डालते हैं .

कसरत के इस माहिर के अनुसार दफ्तर में सीने की हाईट पे कंप्यूटर को  जंचाइए .दफतर में छोटी सी फेर

बदल आपकी सेहत में बड़ा सुधार ला सकती है दीर्घावधि में .

मशहूर प्रोज राइटर अर्नेस्ट हेमिंग्वे खड़े खड़े लिखते थे उन्होंने सीने की ऊंचाई पे अपना टैप राईटर  सेट

किया हुआ था .


5 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

बहुत जरुरी टिप्स ||

Anita (अनिता) ने कहा…

बिलकुल सही सर !
बस! एक सुधार थोडा अपनी तरफ से हमें ये कर लेना चाहिए कि ... एक जगह खड़े रहने की बजाय हम चलते फिरते रहें ! क्योंकि एक जगह घंटों खड़े रहने से कुछ समय बाद Varicose Veins नामक बीमारी हो जाती है ! ये बिमारी ज़्यादातर अध्यापक/अध्यापिकाओं व एक स्थान पर खड़े रहने ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले ट्रैफिक पुलिस को होती है !
और ये बात तो तय ही है ... कि कंप्यूटर या टाइप राईटर , जैसा कि आपने बताया, थोड़ी ऊँची जगह पर रखना चाहिए , उससे Cervical Spondylosis जैसी तकलीफदेह बिमारी से बचा जा सकता है ! इसके अलावा IT Sector वाले लोगों को थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर थोडा Walk और Stretching कर लेनी चाहिए ! ये बहुत ज़रूरी है Spine को दुरुस्त रखने के लिए के लिए !:)
~सादर !!!

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

वजन कम करने के लिए मीठी चीजों का परहेज भी जरूरी है.

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

बात तो सही है पर अमल कैसे हो..यह सोचना है।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

शारीरिक और मानसिक कसरत साथ साथ..