शनिवार, 4 जून 2011

ब्लॉगजगत :

" ब्लॉग जगत "।
तू मेरे घर आ ,
मैं तेरे घर आवूंगा ,
तू दो बार आ ,
मैं तीन बार आवूंगा -
कसम प्यार व्यार की नहीं खावूंगा -
कसम राम की -
व्यावहारिकता निभाऊंगा -
ब्लॉग एक और बनाऊंगा -
इस नए ब्लॉग पे नौटंकी दिखाऊंगा ।
कुछ कसरत करती कमसिनों के विडीयोज़ -
दिख -लावूंगा -
फिर भी कसर रह गई तो -
मल्लिका सहरावत को बुलाऊंगा ।
मगर !हे !भगवान्- ब्लोगर या ब्लोगर- भगवान् -
तू कुछ कह -
" ब्लोगर कही "या टिप्पणी कर -
ऐसे न जा !बिना कुछ कहे !
हम इंतज़ार करेंगें -
तू आ न आ !

5 टिप्‍पणियां:

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

राम-राम जी
मैं आ गया, लेकिन आप मल्लिका को मत बुलाना, क्योंकि अगर दो जाट एक जगह हो, तो उनमें या तो पक्की बनेगी, या पक्की बिगडेगी,

मनोज कुमार ने कहा…

मज़ा आ गया। रोचक प्रस्तुति।
जाट जी की बात में दम है।

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

'ब्लॉग जगत

तू मेरे घर आ

मैं तेरे घर आऊँगा'

...................सही कहा भाई

Kajal Kumar ने कहा…

:)

SomeOne ने कहा…

ये आना जाना बना रहे , इसी के लिए दुआ करेंगे !