बुधवार, 22 जून 2011

हर शाख पे उल्लू बैठा है .

इन दिनों दिल्ली में हलचल मची हुई है और सभी बदहवास हैं .खबर यह है कि वित्त -मंत्री श्री प्रणव मुखर्जी के मंत्रालय की जासूसी की गई है .यानी सरकार के अन्दर ही गृह -युद्ध छिड़ा है ।
शायद इसीलिए प्रणव मुखर्जी ने प्रधान मंत्री को एक साल पहले इस बाबत पत्र लिखा था .नियमानुसार उन्हें यह पत्र गृह मंत्री चिदंबरम को लिखना चाहिए था पर जो खुद शक के दायरों में हों ,उन्हें भारत सरकार का वरिष्ठ -तम मंत्री और वह भी वित्त मंत्री पत्र क्यों लिखता ।
भारत के गृह मंत्री चिदंबरम पर हाई -कोर्ट में दो साल से इस आशय का मुकदमा चल रहा है ,संसदीय चुनाव में जय ललिता की पार्टी के एक उम्मीदवार से हार जाने के बाद उन्होंने छल -बल से अपने पक्ष में चुनाव जीतने की घोषणा करवा दी थी .ये सब कुछ सरकार के नोटिस में है .पर सरकार बिचारी क्या करे ?
उसे तो किसी न किसी को गृह मंत्री बनाना था ,क्या पता चिदंबरम से भी ज्यादा बुरा व्यक्ति पद पर बैठ जाता तो सारी पोल खुल जाती .अब सरकार को समझ में नहीं आ रहा कि वह क्या करे ।
नैतिक दृष्टि से यह पद चिदंबरम को स्वीकार नहीं करना चाहिए था .पर कांग्रेस का नैतिकता से क्या सम्बन्ध ?
हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजामे गुलिस्ताँ क्या होगा .जिस पर कोढ़ में खाज हो गई है .अब गृह मंत्री पर यह इलज़ाम जाने अनजाने चस्पां हो रहा है ,शायद उन्होंने ही जासूसी करवाई है .आगे खुदा जाने .और यह तो किसी से छिपा नहीं कि कांग्रेस का खुदा कौन है ।
(ज़ारी ...).

5 टिप्‍पणियां:

रेखा ने कहा…

जी हाँ कांग्रेस का खुदा जाने . मतलब राजमाता ........

कुमार राधारमण ने कहा…

चिदम्बरम से क्या बात करनी। आपने सुना नहीं कि प्रणबदा पीएम इन वेटिंग हैं!

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

आप भी वक्त के अनुसार लिखते हो।

Navin C. Chaturvedi ने कहा…

ये पूछ ना हमसे कि क्यूँ गम पी रहे हैं हम|
शक़ ओ सुबह के दायरों में जी रही हैं हम||

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

:)
---------
रहस्‍यम आग...
ब्‍लॉग-मैन पाबला जी...