शनिवार, 5 मई 2012

ये है आम डोपिंग सब्सटेंस जिनका अब स्कूल खेल कूद प्रतियोगिताओं में भी दुरोपयोग किया जा रहा है

ये है आम डोपिंग सब्सटेंस जिनका अब स्कूल खेल कूद प्रतियोगिताओं में भी दुरोपयोग किया जा रहा है

(१)टेट्रा -हाइड्रो -केनाबिनोल  (TETRAHYDROCANNABINOL): यह तमाम शरीर को उत्तेजन प्रदान कर शरीर    अतिरिक्त काम करने के लिए प्रेरित करती है बेतरहा उकसाती है .

बेसल मेटाबोलिक रेट ,केलोरी खर्च करने की दर ,अपचयन(चपापचयी  दर,उपापचयी  दर ) को बढ़ा देती है .
स्नायु कोशिकाओं  नर्व सेल्स को डेमेज कर देता है यह पदार्थ तब जब न्यूरो -रिसेप्टर्स (स्नायुविक -अभिग्राही ) इसकी वजह से अतिरिक्त सक्रीय हो जाते हैं ,ओवर -एक्टिवेट  हो जाते हैं .

बॉडी सेल्स को बर्न किये रहता है यह पदार्थ और व्यक्ति को चौकन्ना बनाए रहता है .जगाये रखता है व्यक्ति चेतना को .

जब इसका असर समाप्त होता इसका लती बेहद की थकान का अनुभव करता है .


(२)इस्तेनोज़ोलोल (STANOZOLOL):यह  एक  एनाबोलिक  स्टेरोइड  है .पेशियों को बलशाली और विस्तृत आकारीय   करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है .

स्रावी तंत्र से जब विभिन्न रस ,हारमोन आदि स्रावित होतें हैं तब यही पदार्थ शरीर  को अतिरिक्त दम ख़म मुहैया करवाता है .

यह गोलियों के रूप में उपलध हो जाता है जबकि  शेष स्टेरोइड इंजेक्शन के रूप में ही उपलब्ध हैं .

लीन बॉडी मॉस को बनाए रखने को और शरीर पर चढ़ी चर्बी को उतारने के लिए इसका इस्तेमाल बॉडी बिल्डर्स और खिलाड़ी समान रूप से करते रहें हैं .

(३)नान -ड्रो -लोन(NANDROLONE):यह  भी  एक एनाबोलिक स्टेरोइड है .पेशियों की वृद्धि ,अतिरिक्त बढ़वार और भूख को खोलने बढाने ,लाल रुधिर कणिकाओं का उत्पादन बढाने तथा  अश्थियों  का घनत्व  बढाने में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है . A

अवांछित (पार्श्व )प्रभाव :पुरुषों में स्तन ग्रंथि अतिरिक्त रूप से बढ़ जाती है .फलत : उनके स्तन बढ़ जाते हैं .औरतों सी छातियाँ हो जातीं हैं .चिकित्सा शब्दावली में इसे ही GYNAECOMASTIA कहा  जाता  है  .इसके अतिरिक्त इस्तेमाल से पुरुष की यौन शक्ति छीजने लगती है .यौन अरुचि पैदा हो जाती है .लिबिडो कम हो जाता है .

अन्य पार्श्व प्रभावों में कार्डियोवैस्क्यूलर डेमेज भी शामिल है .(यानी हृदय एवं ब्लड वेसिल्स सम्बन्धी डेमेज  ).


लिगोथ्थान  अभाव (इरेक्टाइल डिसफंक्शन ) भी पार्श्व प्रभाव के रूप में सामने आता है .


ERECTILE DYSFUNCTION:  Erectile dysfunction can occur  because of weaker action of dihydronandrolone in the penis ,which is known as a sexual modulator.

बात  साफ़  है  खेलों   में  इन  अवैध  पदार्थों  का  इस्तेमाल न  सिर्फ गैर -कानूनी है ,साफ़ साफ़ बे -ईमानी है ,खेल प्रदूषण है खेलों की शुचिता को चौपट करना है खेल कूद का मतलब होता है अच्छा स्वास्थ्य और डोपिंग उस स्वास्थ्य को ही लील जाती है .दुर्व्यसन बनके .लाचारी बनके लत बनके . केन्द्रीय  शिक्षा  बोर्डों  को इस  ओर ध्यान  देना  चाहिए  .

डोपिंग के  दुष्प्रभाव  पाठ   पाठ्य क्रम का हिस्सा बनने चाहिए .  


सब्सटेंस एब्यूज के संकेत साफ़ दिखलाई देतें हैं

Signs of substance abuse to watch out for

(1)जब आपको निरंतर ये एहसास हो आपका बच्चा आपसे कुछ छिपा रहा है ज्यादा गोपन प्रिय हो रहा है .किसी दोस्त की कोई चर्चा नहीं हर सवाल का टालू ज़वाब क्या करता है क्या नहीं करता इस बात का कोई ज़िक्र नहीं करना चाहे जब कि आप सिर्फ ये पूछ रहे हैं -आज स्कूल में क्या हुआ .क्या हलचल है आजकल .

(२)भूख उसकी बिना किसी साफ़ कारण के गायब हो जाए ,अचानक तौल कम (वेट )होती लगे किशोर किशोरियों  की .किसी से भी मिलने जुलने में दिलचस्पी ज़ाहिर न करे .गुमसुम दिखलाई दें  अपने में किसी आत्म विमोही से  अपने ही खड्ड में गिरे  हुए  दिखाई दें , .एक दम से अंतर्मुखी .सबसे  अलग  थलग रहना चाहे मिलनसारिता भूल जाए .

(३)नियमित सब्सटेंस एब्यूज करने वाले किशोर वृन्द  में कैसी भी भौतिक गति -विधि शेष नहीं रह जायेगी .एक दम से एदी ,आलसी सा दिखे .हाइपर टेंशन से ग्रस्त हो जाए .जांच करवाइए उसके रक्त चाप की ज्यादा मिलेगा क्योंकि इन अवैध पदार्थों के सेवन से नर्वस सिस्टम असर ग्रस्त होता है .

8 टिप्‍पणियां:

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

ये सारे कोमिकल्स का प्रयोग अन्दाधुन्द हो रहा है...क्या प्लेयर्स के स्वास्थ्य के बारे में भी सोचा जाता है?...बहुत उपयुक्त जानकारी धन्यवाद!

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

इनके बारे में इतनी जानकारी नहीं थी..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

इतना कुछ एक साथ बता दिया जिसकी जानकारी नहीं थी ...
राम राम जी ...

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
की ओर से शुभकामनाएँ।

India Darpan ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


इंडिया दर्पण
की ओर से शुभकामनाएँ।

Kailash Sharma ने कहा…

खेल में जीत के लिये अपने स्वास्थ से खेलना निश्चय ही शोचनीय है....आभार

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

छोटी प्रतियोगिता जीतने में जीवन को हारने का उपक्रम..

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सही कहा वीरुभाई जी । इसे स्कूल लेवल पर पढाया जाना चाहिए । बहुत खतरनाक है डोपिंग ।