गुरुवार, 3 मई 2012

रोग जो अधेड़ों को ले आता है बचपन की गलियों में

 इन दिनों ब्रिटेन में दो अधेड़ उम्र के सगे भाई एक ऐसी बीमारी से ग्रस्त हैं जिसने इन्हें बच्चा बनाके छोड़ दिया है .इनमे से एक Matthew  जिसकी उम्र ३९ साल है अब एक छोटे से बच्चे की तरह हरकत करता रहता है .जबकी बड़ा भाई  Michael Clark जिसकी उम्र ४२ वर्ष है अब सारे दिन अधीर बना बिना बात बिला वजह सारे दिन ख़ुशी ज़ाहिर करता हुआ ही ही हें हें करता रहता है .गत वर्ष रोग निदान के बाद इन्हें
 Terminal leukodystropgy से ग्रस्त बतलाया गया .

अब ये  दोनों अधेड़ बालक सारे दिन या तो टेलिविज़न देखते रहतें हैं या फिर खेलते हैं सांप सीढ़ी का खेल खाते रहतें हैं कुरकुरे.इस अप्रत्याशित मुसीबत के मारे माँ बाप ने अब सेवा निवृत्त होने पर स्पेन में बसने के मंसूबे छोड़ दियें हैं .इनकी देख भाल करने चले आयें हैं .

इनमे से छोटा एक कारखाने में काम करता था और बड़ा ब्रिटेन की फौज में काम करता था .अब दोनों बालसुलभ खिलौने ही अपने लिए खरीदतें हैं एक रेल सेट खरीद रहा है तो दूसरा Mr Potato Head.

दोनों  की  इस  सबके   चलते  काम  से  छुट्टी   हो  गई  है  . 

है क्या Leukodystrophy?

यह  एक  स्नायु संबंधी  रोग है जो हमारे मष्तिष्क ,स्नायुविक संस्थान (नर्वस सिस्टम ),रीढ़ रज्जू (स्पाइनल कोर्ड ) को निशाना बनाता है .यह  नसों के तंतुओं का एक अपविकासी रोग है . इसमें वाईट मेटर का भी क्षय होता चला जाता है .ज़ाहिर है यह दिमाग के प्रकार्य को बाधित करता है .इसकी वजह एक ख़ास जैवरासायनिक प्रभाव हो सकता है  .केन्द्रीय स्नायुविक संस्थान से ताल्लुक रखने वाली इस असाधारण बीमारी में न्युरानों,नसों को घेरके रखने वाला संकेन्द्रीय परतों वाला एक बाहरी अस्तर(खोल ) ठीक   से नहीं बन पाता है .प्रोटीनों और वसा से बना होता है यह खोल जो कुछ नर्व सेल्स को घेरे रहता है . 

Leukodystrophy  is an incurable disease of the central nervous system in which the formation of the myelin is abnormal .This may be due to a specific biochemical effect.

It is a degenerative disease of nerve fibres or white matter that impairs brain function ,sight and motion .
Mylein :It is a whitish material made  up protein and fats that surrounds some nerve cells in concentric sheaths ,insulating adjacent nerve fibres and enabling transmission of nerve impulses.
रोग जो अधेड़ों को ले   आता  है बचपन की गलियों     में 
sandarbh saamigri :-Rare illness turns 2 brothers into kids

Like 'Benjamin Button', Middle aged Duo Go Back To Child -Like State/TIMES TRENDS/THE TIMES OF INDIA ,MAY 3, 2012,P21

आरोग्य   समाचार   
नीम्बू पानी ज्वर ग्रस्त व्यक्ति ,फ्ल्यू ग्रस्त  व्यक्ति के इलाज़ में प्रयुक्त हो सकता है ..यह बुखार को तोड़ने में यक्ति को ज्वर मुक्त करने में मदद करता है क्योंकि इसके सेवन से पसीना ज्यादा आता है .और जब पसीना उड़ता है काया से तब पसीने के अणु अपने संग शरीर से ताप भी ले उड़ते है .पसीने के वाष्पीकृत होने से शरीर से गरमी बाहर निकल जाती है ठंडक पैदा होती है ज्वर उतर जाता है सामान्य परास (नोर्मल रेंज )में आ जाता है .

Lemon water can treat a person suffering from flu as it helps to break fever by increasing persipiration.
तरबूज  में  होता  है  विटामिन  बी - 6 .यह दिमाग की बे -चैनी के साथ तालमेल बिठाने की, एन्ग्जायती का मुकाबला करने की क्षमता को बढाता है .बे -चैनी कम करता है तरबूज का सेवन .चित्त को शांत करता है .tranquillizer (चित्त प्रशामक )का काम करता है तरबूज .



साधारण सा रक्त परीक्षण कर सकता है स्तन कैंसर की प्रागुक्ति

भविष्य में क्या आपको स्तन कैंसर की लपेट में आ जाने का जोखिम है ?साइंसदानों के अनुसार हमारी स्वेत रुधिर कणिकाओं की एक जीवन इकाई (जीन )के अणुओं में आने वाले बदलाव और स्तन कैंसर के बीच परस्पर एक अंतर सम्बन्ध है .यही लब्बोलुआब है इम्पीरियल कोलिज लन्दन के साइंसदानों की एक अभिनव शोध का .
यह एक ऐसा आणविक बदलाव है जो एक जीवन इकाई  को अभिव्यक्त होने तथा शमित करने का मौक़ा मुहैया करवा देता है .

इन्हीं आणविक बदलावों के चलते जींस बारहा ऑन ऑर ऑफ़ होते  हैं और स्तन कैंसर रोग समूह का मार्ग प्रशस्त हो जाता है .इस प्रकार स्तन कैंसर के रोग निदान से पहले ही उसके होने की भविष्य वाणी की जा सकती है उसके होने के खतरे के वजन को तौला जा सकता है  .

संभव हो सकेगा अब न्युत्रिनो का मापन 

 Neutrinos  may  soon be measured:/TIMES TRENDS /THE TIMES OF INDIA /MAY 2,2012,P 15

ग्रह विज्ञान के माहिरों के अनुसार जल्दी ही भौतिकी (Physics) की holy grail सोन चिरैया हाथ न आने वाली मुर्गी (अव -परमाणुविक कण )बने लिटिल मास्टर, नन्ने द्रव्यमान शून्य निरंतर प्रकाश के निर्वातीय वेग से गतिमान बने रहने वाले कण न्यूट्रिनो का मापन संभव हो सकेगा .जाना जा सकेगा शुद्धता के साथ कि इसका द्रव्यमान कितना है ?है भी या नहीं इसमें पदार्थ की कोई मात्रा या अंश ?

हम जानते हैं यह कण पदार्थ के साथ कैसा भी INTERACTION  क्रिया -अनुक्रिया नहीं करता .पृथ्वी के एक ध्रुव से प्रवेश लेकर दूसरे से सहज भाव निकल भी जाता है दिन में हज़ारों हज़ार बार और किसी को कोई खबर भी नहीं होती .

शीत अंध पदार्थ ,डार्क एनर्जी ,डार्क मीटर की चाबी भी इसी के पास है .शक यही है इस अंध पदार्थ में बहुलांश न्यूट्रिनो का ही है .जो भी हो २०० रातों के नीहारिका अवलोकन के बाद दूरबीनों ,रेडिओ -दूरबीनों से इन दूर दराज़ की दूध गंगाओं की टोह लेने के बाद तथा सैंकड़ों गणनाएं करने के बाद ही अब  साइंसदानों की एक अंतर -राष्ट्रीय टीम इसके मापन की दिशा में एक सिनिश्चित कदम आगे बढ़ा चुकने ,आगे की और धर लेने की बात कर रही है .

शोध की  खिड़की से 

लम्बी तान के  ,सोना चर्बी खोना 
   वाशिंगटन    यूनिवर्सिटी  के रिसर्चरों के एक  नए अध्ययन   के अनुसार रोजाना नौ घंटा से   ज्यादा सोना शरीर पे चढ़ी चर्बी को उतारने में सहायक  सिद्ध होता है .यह मोटा होने की आनुवंशिक पूर्व वृत्ति को निष्प्रभावी .करता है.
जुडवा शिशुओं पर संपन्न अपने अध्ययन में रिसर्चरों  ने  पता लगाया है, रोजाना सात घंटे से कम सोना    बढ़ी हुई तौल से ताल्लुक रखता है .
  

नौ घंटा   या   इससे और भी    ज्यादा  सोने का मतलब तौल को कम करना है .एक पूरा जीन समूह है जिसका मोटापे से सम्बन्ध है .
रिसर्चरों ने 1088 जुड़वा जोड़ों के स्लीप पैट्रन का विश्लेषण किया है .पता चला इनमे से जो जुड़वां जोड़े सात घंटा या और भी कम अवधि के लिए   रोजाना सोते थे उनके  Body mass index पर  दो गुने       से भी ज्यादा आनुवंशिक असर दिखलाई दिया .
कम सोने वालों में ओबेसिटी जीन समूह को खुलकर खेलने अपने को एक्सप्रेस  करने  का  मौक़ा मिला ज्यादा सोने वालों में इसका शमन  हुआ .

नुस्खे सेहत के 

पैरों की बिवाई से बचाव और राहत के लिए घी में चुटकी भर नमक मिलाकर साफ़ सुथरे धुले पौंछे  तलुवों पर बिवाई वाले हिस्सों पर रात को मलके सोइए .

यदि होंठ फट  रहें हैं तो रात को सोते  वक्त मलाई में  सी थोड़ी सी हल्दी मिलाकर फटन पर लगाके सो  जाइए .





 
 

7 टिप्‍पणियां:

डॉ टी एस दराल ने कहा…

Leukodystrophy पर बहुत महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है । आपकी स्वास्थ्य सम्बन्धी खोज दिलचस्प ख़बरें लेकर आती हैं ।
सोने से वज़न घटने वाली खोज कन्फ्यूज कर रही है ।

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई राम-राम ..
बचपन की गलियों में रोग का आजकल सुनने में आना सबसे दुखदायी है ....
बहुत तकलीफ़देह ये सब ...
सब खुश और स्वस्थ रहें !


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Reena Maurya ने कहा…

bahut hi intresting jankaari hai....
ha par wo bimari ke bare me jankar thoda sa dar sa laga....
thank you sir:-)

मनोज कुमार ने कहा…

इसीलिए गर्मी के दिनों में तरबूज का रस चित्त को शांति प्रदान करता है।

Anita ने कहा…

बहुत काम के नुस्खे !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जो बचपन में लौटना चाहते हों...

दिगम्बर नासवा ने कहा…

खोजी खबर के साथ इस रोग की दिलचस्प जाम्कारी ...
बाकी सेहत के नुस्खे लाजवाब ... राम राम ...