रविवार, 29 अप्रैल 2012

महिलाओं में यौनानद शिखर की और ले जाने वाला G-spot मिला


महिलाओं में यौनानद शिखर की और ले जाने वाला G-spot मिला 

सबसे पहले जाने जी स्पोट है क्या ?


G-spot ;It is a highly sensitive small area in the vagina (on the front interior wall of the vagina) that when stimulated ,gives extreme sexual pleasure leading to huge orgasm .

स्त्री रोगों के माहिर एक अमरीकी साइंसदान ने G-spot के योनी के अन्दर सही ठिकाने का पता लगाने का 
दावा प्रस्तुत किया है .  इस एवज आपने एक ८३ वर्षीय मृतका की शव परीक्षा के दौरान एक सुव्याख्यायित थैली नुमा संरचना (Sac structure) को  योनी के अंदरूनी इलाके  से  अलग से  किया है .

विज्ञान पत्रिका 'सेक्स्युअल मेडिसन' में गाइनकोलाजिस्ट Adam Ostrzenski ने अपने इस अध्ययन को प्रकाशित   किया   है    .

इस अध्ययन से इसकी  शरीर  रचना वैज्ञानिक स्थिति का बोध सुस्पष्टत : पहली मर्तबा हुआ है .अब महिला के यौनविषयक (काम  विषयक )  प्रकार्य को बेहतर तरीके से बूझा जा सकेगा .इसमें बेहतरी की भी गुंजाइश रहेगी .

अध्ययन के प्रणेता Ostrzenski का  यही   कहना  है  .आप फिलवक्त इंस्टिट्यूट ऑफ़ गाईनोकोलोजी St Petersburg फ्लोरिडा  राज्य  से सम्बद्ध हैं .

ज्ञात हो जी -स्पोट का नामकरण जर्मनी के एक मशहूर स्त्री -रोगों के माहिर Ernst Graefenberg के नाम पर किया गया है .आपने ही इसकी अवधारणा १९५० में प्रस्तुत की .इसके होने का पहली मर्तबा ज़िक्र किया .इस पर परिचर्चा आमंत्रित की .

बकौल आपके यह योनी में अवस्थित ऐसा इलाका है जिसको समुचित उत्तेजन मिलने पर महिला काम शिखर पर पहुँच कर स्खलित हो जाती है .प्रशमित हो जाती है .प्रसादित हो जाती है .संतुष्ट हो जाती है .

लेकिन इसके केन्द्रीय करण सटीक और समुचित रेखांकन को लेकर मतेक्य नहीं रहा है .कुछ माहिरों ने इसे नितांत वैयक्तिक अनुभव बतलाया है महिला का ,इसके होने को ही निशाने पे लिया है .कुछ तो इसके होने को ही साफ़ साफ़ नकारतें हैं .

वर्तमान अध्ययन को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है .कहा जा रहा है अभिकल्पित जी -स्पोट कुछ महिलाओं के लिए यौन उत्तेजन का शीर्ष बिंदु हो सकता है .कामाग्नी सुलगा सकता है कुछेक में इसका उत्तेजन लेकिन सभी के साथ ऐसा ही  यह ज़रूरी नहीं है .

इसके पीछे सेक्स खिलौना निगमों का हाथ हो सकता है जो इस प्रकार की कथाएं इम्प्लांट करवा रहें हैं -एक बानगी देखिए-
Robot sex set to change rules of the mating game 

Robot sex can provide guilt and disease-free sex

और  फिर  यह  एक  अकेली  महिला  पर ही  किया  गया  अध्ययन  है  और  वह  भी  मृत , इसे  अधिकतम  शव  उच्छेदन  ही  कहा  जा  सकता  है  .

महिलाओं के सेंसिटिव जोंस ,यौन भड़काऊ ,काम उद्दीपक केंद्र अन -चीन्हें ही पड़े रहतें हैं .पड़ताल करके देखिये .ईयर लोंब्स भी कम भड़काऊ नहीं हैं .और कांख ? जाने दीजिए श्लील अश्लील का प्रश्न उठ जाएगा .सेंसिटिव जोंस पर चर्चा फिर कभी .

राम  राम  भाई  ! राम राम भाई !  राम राम भाई !







  

5 टिप्‍पणियां:

देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा…

टांय टांय फिस्स...। खोज पर खुद ही संदेह व्यक्त कर रहे हैं तो दूसरा कौन यकीन करे? :(

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

:)

डॉ टी एस दराल ने कहा…

स्त्री हो या पुरुष , असली जी स्पॉट तो आँखों के मध्य , मष्तिष्क में होता है । :)
यौन क्रिया एक बड़ी कॉम्प्लेक्स प्रक्रिया है जो बहुत से फेक्टर्स पर निर्भर करती है ।

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई ......... राम-राम!!!

babanpandey ने कहा…

sexual emotions are related to kisses of all parts of body like lips, breast,hip, waiste,and veginaa too./