रविवार, 22 अप्रैल 2012

जीवन की नश्वरता के बारे में सोचना स्वास्थयवर्धक

जीवन की नश्वरता के बारे में सोचना स्वास्थयवर्धक

जीवन की नश्वरता के बारे में सोचना स्वास्थयवर्धक 

माली आवत देख कर कलियाँ करें पुकार ,

फूली फूली चुन लई काल(कल्ल) हमारी बार .

कागा सब तन खाइयो ,चुन चुन खइयो मांस 
दो नैना मत खाइयो ,पीव (पिया) मिलन की आस .

 मौत का चिंतन स्वास्थ्य चेतना को बढाता है .हमें हमारी प्राथमिकताओं का पुनर -आकलन ,पुनर -निर्धारण करने का मौक़ा देता है .हम अपने लक्ष्य और जीवन में हासिल के प्रति सचेत हो जाते हैं .मूल्य बोध की समीक्षा करने लगते हैं .

आये हैं सो जायेंगे ,राजा रंक फ़कीर 
एक सिंघासन चढ़ी चले ,एक बंधे जंजीर .

कभी कभार किसी की मैयत में शरीक होना ,शमशान का रुख करना ,या  यूं ही किसी कब्रगाह का रुख करना  सोच के घोड़ों को नै दिशा देता है .

प्राणी खाली हाथ आया है रे ,
बंदे खाली हाथ जाएगा .

किसी का भला करने की सोचने लगते हैं हम .दार्शनिक हो उठते हैं .

बालक जब पैदा होता है उसकी मुठ्ठी बंद होती है .मुठ्ठी में कैद होती है उसकी तकदीर और जब  शरीर छोड़ता है ,खाली हाथ जाता है .

कफ़न में जेब नहीं होती .

ये तमाम बातें मौत का चिंतन करना हमें कुछ अच्छा करने के लिए उकसाता है .

दुनिया में आया है तो फूल खिलाये जा ,आंसू किसी के लेके खुशियाँ लुटाये जा .

छोटी सी ज़िन्दगी है हंसके गुज़ार दे ,अपनी बिगाड़ के भी और की संवार दे ....

हाल में संपन्न कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों के पुनर -मूलांकन विश्लेषण से यही ध्वनी निकलती है मृत्यु का बिना सचेत रहे भी चिंतन करना  परहित के लिए उकसाता है .

परहित सरस धर्म नहीं भाई !

मौत का एक दिन मुऐयन है ,नींद क्यों रात भर नहीं आती -ग़ालिब साहब कहा करते थे .

पूर्व में संपन्न शोध के नतीजे ठीक इसके उलट थे .समझा जाता था ,मृत्यु का चिंतन विनाशक सिद्ध होता है 

,विध्वंस को प्रेरित करता है .लालच को जन्म देता है .पूर्वाग्रह ग्रस्त करता है व्यक्ति पर इसका उलटा असर होता है .

हानि पहुंचाता है व्यक्ति चेतना को मौत का विचार .

लेकिन अब ऐसा नहीं समझा जाता .

राम राम भाई राम राम भाई राम राम भाई !

डिप्रेशन के रोगनिदान (शिनाख्त ,निशान देही) के लिए रक्त परीक्षण(ब्लड टेस्ट )

डिप्रेशन के रोगनिदान (शिनाख्त ,निशान देही) के लिए रक्त परीक्षण(ब्लड टेस्ट )
रिसर्चरों ने अवसाद की शिनाख्त के लिए एक ब्लड टेस्ट विकसित करने की दिशा में एक डग और भर लिया है .पता लगाया जा सकेगा खून की जांच से कि  व्यक्ति अवसाद से पहले से ही ग्रस्त चला आ रहा है या नहीं .
अमरीका की नोर्थ वेस्ट्रन यूनिवर्सिटी के माहिरों की एक टीम ने आदमी के खून में  ११ ऐसे नए रसायनों (केमिकल मार्कर्स )की पहचान कर ली है जिनका सम्बन्ध मनो -विकारों से जुड़ता है .
राम राम भाई राम राम भाई राम राम भाई !

शहरी जीवनशैली  भारतीयों के दिल को नुकसान पहुंचा रही है .एक तो धमनियां जनमना महीन लेकर पैदा होतें हैं भारतीय दूसरे दिल के लिए आनुवंशिक जोखिम खानपान में फल और तरकारियों से बढती दूरी कसरत का अभाव तथा चिकनाई सनी खुराक दिल की सेहत को बद से बदतर बना रही है . दिल की बीमारियों के लिए जोखिम का वजन ऐसे में बढ़ता ही जा रहा है .यही लब्बोलुआब है एक अध्ययन का .
दुबई  में संपन्न World Congress of Cardiology के तत्वावधान में यह अध्ययन ज़ारी किया गया है जिसमे बताया गया है आज पांच में से चार भारतीयों की दैनिकी आम जन -जीवन से व्यायाम नदारद है .आधे भारतीय चिकनाई से ज्यादा (High fat diet)सनी खुराक ले रहें हैं .
इन्डियन   हार्ट   वाच  (Indian Heart Watch,IHW) ने  11 शहरों  के  6000 औरत  और  मर्दों के दिल की बीमारियों से ताल्लुक रखने वाले जोखिम तत्वों ,रिस्क फेक्टर्स  का जायजा लिया है .तमाम रिस्क फेक्टर्स का मूल्यांकन किया है .
पता चला दिल की बीमारियों के लिए जोखिम का वजन आज भारतीयों में समृद्ध विकसित दुनिया के देशों के बरक्स ज्यादा बढ़ा हुआ है .भारतीय दिल के लिए सौ जोखों मुह बाए खड़े हैं .
अमरीका और पश्चिमी योरोप के देशों के बरक्स यहाँ दिल का हाल बेहाल है .
इंडियन हार्ट वाच ने जीवन शैली में पसरी तीन बातों पर ख़ास गौर किया है -
(१)फिजिकल एक्टिविटी (दैनिक सक्रियता ,कसरत आदि )
(२)खुराक 
(३)धूम्रपान 
अलावा इसके मोटापा जैसे जैविक कारकों ,मधुमेह ,उच्च रक्त चाप आदि को भी आकलन विश्लेषण में लिया गया है .
पता चला भारत के छोटे नगरों कस्बों में भी धूम्रपान ज़ोरों पर है पहले से कहीं ज्यादा लोग इस दुर-व्यसन की लपेट में हैं .
सन्दर्भ -सामिग्री : Indian Heart Watch ('06-10)
Surveysize:6000 men and women from 11 cities 
Female
Physically inactive      83%  ,   High fat diet       48%   Low fruit intake  57%  Smoked 0.5% ,Overweight 45%, High blood pressure 30%  ,High cholesterol 25%
Male 
Physically inactive        79% ,High fat diet 51%  ,Low fruit intake 50%,  Smoked  12%, Overweight 41%,  High blood pressure 33% ,  High cholesterol 25%
We have weaker hearts than Americans :Study/THE TIMES OF INDIA,MUMBAI ,APRIL 21,2012 ,FRONT PAGE
      
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6 टिप्‍पणियां:

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

बहुत बढ़िया जानकारी!..जीवन सही में नश्वर ही तो है!

Anita ने कहा…

जिसने मृत्यु को जान लिया वह जीवन को जान लेता है...सार्थक पोस्ट !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

अच्छी जानकारी!
पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएँ!

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

जीवन के प्रति चिन्तायें कम हो जाती हैं।

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बढ़िया प्रस्तुति ।
बधाई ।।

Pallavi ने कहा…

आपकी यह पोस्ट पढ़कर एक पुराने गीत की याद आई "ज़िंदगी तो बेवफा है एक दिन ठुकरायेगी मौत महबूबा है हसके गले लगायेगी"सार्थक पोस्ट समय मिले कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है http://mhare-anubhav.blogspot.co.uk/