रविवार, 9 सितंबर 2012

Red wine, minus the alcohol, may lower blood pressure


रैडवाइन कर सकती है ब्लड प्रेशर कम न हो एल्कोहल तब 





Red wine, minus the alcohol, may lower blood pressure

बरसों  से कहते बतलाते आयें हैं चिकित्सा विज्ञान के माहिर ,रैड वाइन दिल के लिए मुफीद होती है लेकिन क्यों यह बतलाने में आज भी हैं असमर्थ .


क्या इस सवाल का राज पोलिफीनोल्स (Polyphenols ) छिपायें  हैं   जो बेहतरीन एंटीओक्सिडेंट हैं ज़रूर लेकिन ज़रूरी नहीं है ये रक्त वाहिकाओं के काम में सुधार लायें ही ,खून में घुली चर्बी घटाएं  ही और सोजिश ,संक्रमण जैसी चीज़ों से बचाए ही रहें .

तब क्या कयास यह लगाया जाए ,खुद एल्कोहल किसी और बड़ी भूमिका में है .?
  
एक नवीनतर छोटे से अध्ययन से इस पहेली का कुछ ठौर तो मिलता लगता है .

इस अध्ययन में एल्कोहल और पोलिफीनोल्स दोनों का ही ब्लड प्रेशर पर पड़ने वाले प्रभाव का जायज़ा लिया गया .अध्ययन में ऐसे ६७ उम्र दराज़ लोगों को शामिल किया गया जिन्हें दिल के दौरे का ख़तरा था .एक महीने तक लगातार ठीक उसी समय पर पहले तो दो ग्लास रैड वाइन के रोज़ पीने के लिए कहा गया .

फिर अगले महीने ठीक इसी तरह दो ग्लास ऐसी रेड वाइन दी गई जिसमें एल्कोहल बिलकुल भी नहीं था .या फिर इसके स्थान  पर दो शोट्स gin के पीने के लिए कहा गया इसी तरह .

एल्कोहल युक्त रैड वाइन और "जिन"(gin) का इनके ब्लड प्रेशर पर कोई प्रभाव दिखलाई नहीं दिया .इन दोनों ही ड्रिंक्स में पोलिफीनोल नहीं था .

लेकिन जिस महीने में इन्हें पोलिफीनोल युक्त नॉनएल्कोहलिक रैड वाइन दी गई उस माह इनके ब्लड प्रेशर का ऊपर का   पाठ 6 अंक तथा नीचे का २ अंक कम रहा .

   Though modest, blood-pressure declines in the same range have been shown to reduce the risk of heart disease and stroke by up to 20%, according to the study, which was published today in the American Heart Association journal Circulation Research. 

इसी परास (रेंज )में रक्त चाप कम होने के दिल पे अच्छे असर दिखलाई दिए हैं दिल की बीमारियों और ब्रेन अटेक सेरिब्रोवैस्कुलर एक्सीडेंट /मष्तिष्क आघात के खतरे का वजन इस अध्ययन में २० फीसद कमतर पाया गया .अमरीकी हृद संघ के विज्ञान प्रपत्र सर्कुलेशन रिसर्च में यह ताज़ा प्रकाशित अध्ययन है .


अध्ययन के रचियता बार्सिलोना विश्वविद्यालय ,स्पेन के माहिर इसका श्रेय पोलिफीनोल्स को ही दे रहें हैं .

ऐसा प्रतीत होता है कि एल्कोहल जब वाइन में मौजूद रहता है तब यह उसके गैर -एल्कोहल युक्त भाग के स्वास्थ्यकर  असर को भी निष्प्रभावी कर देता है . 

संभवतया खून में नाइट्रिक  ऑक्साइड के स्तर को बढा देतें हैं पोलिफीनोल्स ..यही नाइट्रिक ऑक्साइड धमनियों को शिथिल कर देता है चौड़ा कर देता जिससे संचरण बेहतर हो जाता है और रक्त दाब कम हो जाता है .एंजाइना पैन में जीभ के नीचे रखी जाने वाली गोली भी तो यही काम करती है .(मोनो -,डाई -,या फिर ५ -नाइट्रेट्स ही होतें हैं अन्जासिड्स भी ).

गौर तलब है अध्ययन में गैर -एल्कोहल रेड वाइन  या एल्कोहल शून्य रेड वाइन ही यह असर पैदा कर पाई है .

एल्कोहल की इसी करामात की वजह से (वह वाइन के गैर एल्कोहलिक अंश से मिलने वाले लाभ को भी निष्प्रभावी कर देता  है ,बे -असर कर देता है ) दिल के रोगों के कई माहिर अपने मरीजों को रेड वाइन लेने की सलाह ही नहीं देते हैं .

ऐसे लोगों के लिए विकल्प हो सकती है नान -एल्कोहलिक रेड वाइन जो पोलिफीनोल्स का तो सेवन करना चाहतें हैं लेकिन एल्कोहल का नहीं .

3 टिप्‍पणियां:

डॉ टी एस दराल ने कहा…

पीने वालों को क्या फर्क पड़ता है !
मोडरेशन में सही है .

HARSHVARDHAN SRIVASTAV ने कहा…

जानकारी भरी पोस्ट के लिए धन्यवाद ।
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संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

अच्छी जानकारी ...