मंगलवार, 18 सितंबर 2012

कमर के बीच वाले भाग और पसली की हड्डियों (पर्शुका )की तकलीफें :काइरोप्रेक्टिक समाधान


कमर के बीच वाले भाग और पसली की हड्डियों (पर्शुका )की तकलीफें :काइरोप्रेक्टिक समाधान (अंतिम के ठीक पूर्व का आलेख है यह .इसके बाद बस एक और, और फिर  इस श्रृंखला के आलेखों की पूर्ण आहुति .)

यदि आप कमसे कमतर दवाओं और शल्य का फायदा उठाना चाहतें हैं ,इस चिकित्सा प्रणाली को  स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्यों के लिए अपनाएं .

क्या है यह चिकित्सा प्रणाली "काइरोप्रेक्टिक "

What Is Chiroprectic ?

यह एक ऐसी चिकित्सा व्यवस्था है जो आपके शरीर में गुप्त रूप से बनी हुई एक गंभीर स्ट्रेस (दवाब )का समाधान प्रस्तुत करती है .इस स्ट्रेस को कहा जाता है "vertebral subluxation complex".

यह दवाबकारी  स्थिति  आपकी तमाम तंत्रिकाओं ,पेशियों , शरीर के अंदरूनी अंगों ,डिस्क ,अस्थियों (हड्डियों ),यहाँ तक के दिमाग को भी प्रभावित कर सकती है .इसीलिए इसे अकसर इस चिकित्सा तंत्र के माहिरों (काइरोप्रेक्टर ) द्वारा साइलेंट किलर भी कह दिया जाता है .अकसर आप इस स्थिति से इस लिए बे -खबर बने रहतें हैं ,यह पीड़ा हीन होती है .अन्दर अन्दर नुकसानी पहुंचाती रहती है यह स्थिति ,सालों साल जब तक की काइरोप्रेक्टिक जांच संभाल इसका समाधान प्रस्तुत न कर दे .

इसीलिए ज़रूरी है रीढ़ की आवधिक जांच व्यापक मेडिकल जांच के साथ .इस व्यवस्था की यही खूबी है यह दवाओं का इस्तेमाल नहीं  करती है और आज विश्व की ऐसी अकेली दवाविहीन चिकित्सा प्रणाली बन गई है जो दिनानुदिन प्रसार पा रही है .

गर्दन ,कमर के बीच का और निचला भाग 

Neck ,Mid -back .Low back

चौबीस रीढ़ की हड्डियों की गुर्रियों (कशेरुका ,vertebra)का ज़मा जोड़ ,समायोजन है हमारी आपकी रीढ़ .इन्हें स्पाइनल बोन्स भी कह दिया जाता है .बोले तो रीढ़ की चौबीस हड्डियां .

इनमें से  सात आपकी गर्दन में रहतीं हैं जिन्हें cervical vetebrae (ग्रीवा सम्बन्धी कशेरुका ),१२ कमर के बीच के भाग में रहतीं हैं जिन्हें thoracic vertebrae तथा पांच कमर   के निचले भाग में होतीं हैं जिन्हें lumbar vertebrae कह दिया जाता है .

Thorax (थोरैक्स ) का मतलब होता है छाती वक्ष या सीना ,थारेक्सिक हो गया वक्ष सम्बन्धी ,वक्षीय .

Lumbar means relating to or situated in the loins or the small of the back .Loins means back between the ribs and hips ,the area on each side of the back bone of a human or animal between the ribs and hips .

रीढ़ के सबसे निचले हिस्से ,यानी पांचवें लम्बर कशेरुका (लम्बर वर्टेब्रा )के नीचे विराजमान है .पांच रीढ़ की  गुर्रियों या सम्बद्ध जुडी हुई अस्थियों का एक ब्लोक  जिसे कहा जाता है सेक्रम .

At the bottom of your spine ,under the fifth lumbar vertebra ,sits the sacrum , a bony block made up of five fused vertebrae .Under your sacrum is a tiny slip of 3 or 4 fused bones called the coccyx which is what is left of the human tailbone.

Mid -back (thoracic ) curve 

  कमर के बीच वाले भाग और पसली की हड्डियों (पर्शुका )की तकलीफें :काइरोप्रेक्टिक समाधान (अंतिम के ठीक पूर्व का आलेख है यह .इसके बाद बस एक और, और फिर  इस श्रृंखला के आलेखों की पूर्ण आहुति .)

यदि आप कमसे कमतर दवाओं और शल्य का फायदा उठाना चाहतें हैं ,इस चिकित्सा प्रणाली को  स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्यों के लिए अपनाएं .

क्या है यह चिकित्सा प्रणाली "काइरोप्रेक्टिक "

What Is Chiroprectic ?

यह एक ऐसी चिकित्सा व्यवस्था है जो आपके शरीर में गुप्त रूप से बनी हुई एक गंभीर स्ट्रेस (दवाब )का समाधान प्रस्तुत करती है .इस स्ट्रेस को कहा जाता है "vertebral subluxation complex".

यह दवाबकारी  स्थिति  आपकी तमाम तंत्रिकाओं ,पेशियों , शरीर के अंदरूनी अंगों ,डिस्क ,अस्थियों (हड्डियों ),यहाँ तक के दिमाग को भी प्रभावित कर सकती है .इसीलिए इसे अकसर इस चिकित्सा तंत्र के माहिरों (काइरोप्रेक्टर ) द्वारा साइलेंट किलर भी कह दिया जाता है .अकसर आप इस स्थिति से इस लिए बे -खबर बने रहतें हैं ,यह पीड़ा हीन होती है .अन्दर अन्दर नुकसानी पहुंचाती रहती है यह स्थिति ,सालों साल जब तक की काइरोप्रेक्टिक जांच संभाल इसका समाधान प्रस्तुत न कर दे .

इसीलिए ज़रूरी है रीढ़ की आवधिक जांच व्यापक मेडिकल जांच के साथ .इस व्यवस्था की यही खूबी है यह दवाओं का इस्तेमाल नहीं  करती है और आज विश्व की ऐसी अकेली दवाविहीन चिकित्सा प्रणाली बन गई है जो दिनानुदिन प्रसार पा रही है .

गर्दन ,कमर के बीच का और निचला भाग 

Neck ,Mid -back .Low back

चौबीस रीढ़ की हड्डियों की गुर्रियों (कशेरुका ,vertebra)का ज़मा जोड़ ,समायोजन है हमारी आपकी रीढ़ .इन्हें स्पाइनल बोन्स भी कह दिया जाता है .बोले तो रीढ़ की चौबीस हड्डियां .

इनमें से  सात आपकी गर्दन में रहतीं हैं जिन्हें cervical vetebrae (ग्रीवा सम्बन्धी कशेरुका ),१२ कमर के बीच के भाग में रहतीं हैं जिन्हें thoracic vertebrae तथा पांच कमे के निचले भाग में होतीं हैं जिन्हें lumbar vertebrae कह दिया जाता है .

Thorax (थोरैक्स ) का मतलब होता है छाती वक्ष या सीना ,थारेक्सिक हो गया वक्ष सम्बन्धी ,वक्षीय .

Lumbar means relating to or situated in the loins or the small of the back .Loins means back between the ribs and hips ,the area on each side of the back bone of a human or animal between the ribs and hips .

रीढ़ के सबसे निचले हिस्से ,यानी पांचवें लम्बर कशेरुका (लम्बर वर्टेब्रा )के नीचे विराजमान है .पांच रीढ़ की  गुर्रियों या सम्बद्ध जुडी हुई अस्थियों का एक ब्लोक  जिसे कहा जाता है सेक्रम .

At the bottom of your spine ,under the fifth lumbar vertebra ,sits the sacrum , a bony block made up of five fused vertebrae .Under your sacrum is a tiny slip of 3 or 4 fused bones called the coccyx which is what is left of the human tailbone.

Mid -back (thoracic ) curve 

laterial cutaway of spine labeled

Viewed from the side ,your entire spine was curved like a big "C " when you were a fetus or infant .At about six weeks of age when you started to hold yuor head up ,your neck curve formed as a reverse 'C' or  ) and at about 6 months ,as you began to crawl and then stand ,your low back reverse" C" curve formed .your thoracic spine however still retains your original fetus "C" curve.For that reason it is sometimes referred  to as a primary (kyphotic) curve; your neck and low back curves are secondary (lorodotic).But when your spine is unhealthy the mid back curve can be exaggerated (as in osteoporosis ), reduced ,flattened or even reversed.

Thoracic Spine Adjustments

हरेक कशेरुका (रीढ़  की हरेक गुर्री )के जोड़ की बनावट बाकी से थोड़ी सी अलग होती है .अपनी जगह से इधर उधर होने का ढंग भी जुदा रहता है .काइरो-प्रेक्टर रीढ़ समायोजन के लिए भी इसी के अनुरूप जुदा रीढ़ समायोजन तरकीबों (स्पाइनल एडजस्टमेंट )का इस्तेमाल करतें हैं .कोशिश होती है इस गंभीर किस्म की कायिक स्ट्रेस (कायिक दवाब ) को हटाना /कम करना .

वक्षीय कशेरुका (थोरासिक वर्टीबरे ) गर्दन और कमर के निचले हिस्से की रीढ़ गुर्रियों (कशेरुकाओं )के बरक्स कम गति करते हैं अपने स्थान  के इधर उधर .वजह इसकी इनका पसलियों से सम्बद्ध रहे होना रहता है .इस इलाके के लिए इसीलिए अलग समायोजन तरकीबें और रणनीति अपनाई जाती है .

To make things more complicated ,when a thoracic vertebra subluxates the ribs are also involved .Some chiropractors  adjust the ribs directly while others place minor importance on the "subluxation" claiming that when the vertebrae are properly adjusted the ribs will then automatically re -align .Why not ask your chiropractor how he /she address this condition .

आपकी पसलियाँ 

Your  Ribs 

हरेक  वक्षीय  कशेरुका (थोरासिक वर्टीबरे ) से दो पसलियाँ जुड़तीं हैं .हरेक तरफ एक रिब रहती है रीढ़ गुर्री के. इस प्रकार पसलियों की संख्या दोनों ओर की मिलाकर २४ हो जातीं हैं .

पुरुष ओर महिलाओं में इनकी संख्या एक समान ही रहती है .शायद Adam ही इसका अपवाद है .

बिरले ही कोई व्यक्ति १० या फिर ११ पसलियाँ जन्म से ही लिए आता है.आपकी  ज्यादातर  पसलियाँ सीने की हड्डी (sternum  or "breastbone )से आगे की तरफ से जुडती हैं . 

लेकिन नीचे की दो पसलियाँ जो ११ वीं ओर १२ वीं वक्षीय कशेरुका से जुडती हैं वह आगे की किसी हड्डी से जाके नहीं जुड़तीं हैं .

Sympathetic Nerves

Autonomic nervous system 

हमारे स्नायुविक तंत्र का यह वह हिस्सा है ,जो स्वयं चालित प्रतिक्रियाओं (रेस्पोंसिस )से संचालित होता रहता है .यह तंत्रिका तंत्र के उन प्रकार्यों  का  खुलासा करता है जो व्यक्ति विशेष के सचेतन नियंत्रण में नहीं रहतें हैं . मसलन दिल  की धड़कन का विनियमन (कुछ नियमों की  सहायता से नियंत्रण )रेगुलेशन ,ग्रंथियों से होने वाला स्राव आदि .हमारा श्वसन (श्वास  प्रश्वास ),पाचन की क्रिया और तमाम अनुवर्ती किर्याएं (रिफ्लेक्स एक्शन ).

Sympathetic nervous system 

यह स्वयं चालित स्नायुविक तंत्र (ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम ) का वह हिस्सा है जो दवाब और खतरे के क्षणों में हमारी नाड़ी की गति और रक्त दाब का विनियमन करता है .प्युपिल्स को डाय्लेट (पुतलियों को विस्फारित ,विस्तारित )करता है ,मसल टोन(पेशीय शक्ति )को बदल देता है .

हमदर्द तंत्रिकाएं (सिम्पेथेटइक  नर्व्ज़ )  यूं तंत्रिकाएं नर्व्ज़ रीढ़ के सभी हिस्सों से बाहर आती हैं निकलके लेकिन तंत्रिकाओं का एक विशेष समूह सिर्फ वक्षीय कशेरुकाओं (थोरासिक वर्टीबरे ) से निकलता है यही हमदर्द तंत्रिकाएं हैं .

ये स्नायु समूह या तंत्रिकाएं  आपके दिल की धड़कन ,श्वास -प्रश्वास (श्वसन ,ब्रीदइंग ),कायिक तापमान ,रक्त चाप ,पाचन ,दिल ,फेफड़ों ,गुर्दों ,आँतों ,अमाशय (स्टमक ),बड़ी  आंत/अंतड़ी /bowels ,सेक्सुअल ओर्गेंस (यौन अंगों ),यकृत (लिवर ),प्लीहा (इस्प्लीन ),अग्नाशय ग्रंथि (pancreas glands ),यहाँ  तक  की आपकी आँखों ,कानों और दिमाग को होने वाली       रक्तापूर्ति का विनियमन करतीं हैं .

ये हमदर्द नर्व्ज़ (तंत्रिकाएं )स्नायुओं की एक श्रृंखला (मेखला )ही बना डालतीं हैं .हमदर्द मेखला ही कहा जाता है इसे .

आपकी हमदर्द तंत्रिकाओं और अंदरूनी अंगों में निर्बाध सम्प्रेषण आपके रोगरोधी कायिक प्रति -रोध ,तथा काया के निर्बाध कुशल संचालन के लिए भी ज़रूरी है .नर्व आपूर्ति (संवाद )ठप हुआ मामला बिगड़ा .आपके स्वास्थ्य का यही सूत्रधार हैं .

मेरु दंडइय /रीढीय अप -विकास 

Spinal Degeneration 

हमदर्द तंत्रिकाएं रीढ़ के अपविकास (डीजेनरेशन )में भी एहम रोल लिए रहतीं हैं .इनके दब खप जाने .स्ट्रेस हो जाने ,इम्पिंज होने का मतलब उम्र से पहले बुढापे की दस्तक भी हो सकती है .रीढ़ की हड्डियों की गुर्रियों बोले तो कशेरुकाओं  की टूट फूट छीज़न  विअर एंड टीअर भी हो सकती है .

डिस्क ,कार्टीलेज(हड्डियों के जोड़ों पर सु -दृढ पदार्थ उपास्थि )की क्षति ,हड्डियों को जोड़ने वाले ऊतकों (स्नायु अस्थि बंध ,लिगामेंट   )की ,मांस पेशी को हड्डियों से जोड़ने वाली नसों की नुकसानी के रूप में भी सामने आ सकती है .

Mid -Back Subluxatios

क्या ये अवांछित रीढीय दवाब (स्पाइनल स्ट्रेस )आपके साथ बना हुआ है ?रीढ़ के बीच के हिस्से में आप स्पाइनल सबलक- सेसन (spinal subluxation )से ग्रस्त  हैं .हो भी सकतें हैं .
ज़वाब काइरो-प्रेक्टर के पास है .रीढ़ की जांच करवाइए स्पाइनल सबलकसेसन की गुप्त मौजूदगी को खारिज कीजिए .

वक्षीय इलाके में रीढ़ का ठीक से काम न कर पाना अनेक अंगों को असर ग्रस्त करता है .जब यह दवाब हट जाता है बेहद का कायिक और मनो -वैज्ञानिक  लाभ मिलता है .तन को भी मन को भी .

The chiropractic spinal adjustment permits your body to restore a greater level of health and wholeness.

Unnatural movement or locking of your thoracic vertebrae and its related tissues can restrict the movement of your heart ,lungs and other organs in your chest cavity and also prevent the proper draining of fluids from your head ,brain ,throat ,heart and lungs which may cause congestion of body fluids and affect the proper flow of blood to these organs.

Also the  vertebral subluxation complex can irritate the nerves coming from your spine to your sympathetic chain ,affecting the blood supply and proper function of your internal organs .Because unhealthy spinal function ,when your chiropractor releases pressure in this area the benefits can be both physically and psychologically profound. 

देर न करें काइरोप्रेक्टिक जांच के लिए आगे आएं पूरे परिवार की .

बोनस स्वरूप ये क्षेपक भी पढ़िए :


कैग नहीं ये कागा है ,जिसके सिर पे बैठ गया ,वो अभागा है

बहुत नहीं थे सिर्फ चार थे काले कौवे ,कभी कभी जादू हो जाता है दुनिया में .

दुनिया भर के गुण दीखते औगुनियों में ,ये  औगुनिए चार बड़े सरताज हो गए ,

इनके नौकर चील ,गरुड़ और  बाज़ हो गए .
                   (स्व .भवानी प्रसाद मिश्र )

Dr. shyam gupta ने कहा…
शर्माजी.... ये जो नेता संसद में बैठे हैं ..कहाँ से आये हैं ..क्या इंद्र ने भेजे हैं संसद में या किसी अन्य लोक के हैं....
---- ये सब आपके(आप-हम-जनता जनार्दन) बीच से ही आये हुए हैं... आप ही हैं... आप ने ही अपनी बेगैरती या अकार्यकुशलता, अकर्मण्यता, या लालच से पैसे लेकर भेजे हैं संसद में....अतः ये आप की ही भाषा व कर्म अपनाए हुए हैं....
--- लोकतंत्र में प्रजा ही राजा होती है...राजा बनाने-चुनने वाली ...यथा राजा तथा प्रजा ..अतः मंत्री जैसे हैं प्रजा का ही दोष है, हमारा दोष है, सबका दोष है, आपकी आचरण-संहिता का दोष है .....
---- विरोध नेताओं का कीजिये, आचारण हीनता का कीजिये , आप के बीच जो भ्रष्टता, अनाचारिता पल रही है उसका कीजिये ...देश व उसके प्रतीकों का नहीं ....
----नियम से ऊपर कोई नहीं है...
शनिवार, सितम्बर 15, 2012
Dr. shyam gupta ने कहा…
"शासन ने देश को स्वाभिमान विहीन कर दिया है .यह बात व्यक्ति के अपने दर्द की बात है व्यभि चारी मंत्री को उसे माननीय कहना पड़ता है..."

---शासन तो प्रजातंत्र में जनता के हाथ में है.. अपने लालच में वह स्वयं स्वाभिमान विहीन है...
---औपचारिकतावश कहते समय आप मंत्री नाम के व्यक्ति को माननीय नहीं कहते अपितु मंत्री संस्था को, जो देश का गौरवयुक्त पद है, माननीय कहा जाता है.... इसमें कोई अनुचित बात नहीं है...यह मर्यादा है ...
---- ६५ सालों में यह सब नेताओं ने नहीं तोड़ा अपितु आपकी अनंत आकांक्षाओं , पाश्चात्य नक़ल की आकांक्षा ...तेजी से अमीर बनाने की आकांक्षा ...ने व्यक्ति मात्र को तोड़ा-मरोड़ा है ..और ये नेता भी व्यक्ति ही हैं....
----यह सब पर उपदेश ..वाली बात है ...


क्या कहना है इस पर वीरू भाई का ?

डॉ .श्याम गुप्त जी किसी बात को हम खींच कर उस सीमा तक नहीं ले जाना चाहते जहां पहुँच कर तर्क भी तर्क न रहे .यह इस व्यवस्था की मजबूरी है कि हमें चुनना पड़ता है .हम निगेटिव वोट तो दे नहीं सकते .सरकार जाति के अन्दर भी उपजाति ,वर्ण ,वर्ग भेद के आधार पर समाज को बाँट कर वोट का अधिकार लेती है .वोट कब्ज़ियाती है .

क्या जनता वोट न दे ?जिनको ये पद दिए जातें हैं ,उनके पद की गरिमा कहती है वह पद के अनुकूल उठें .अतीत चाहे उनका कैसा भी रहा हो .अचानक से भी आप अध्यापक बन गएँ हैं तो अब अध्यापक के कर्म और दायित्व के अनुरूप उठो .

गुंडे को भी पगड़ी दी ज़ाती है तो वह उसे पहनने के बाद लोक लाज रखता है .आत्म संकल्प लेता है अब मैं ऐसी हरकत नहीं करूंगा .

डॉ .श्याम गुप्ता हम आत्म निंदा क्यों करें ?सारा दोष खुद पे क्यों मढ़े? आप कहना चाहते हैं जिन लोगों ने इन नेताओं को चुना है उनके सभी के हाथ काले थे .भाई साहब जब कोयला ही सामने रखा हो तो वह हीरा कैसे बन जाएगा .कोयला ही चुना जाएगा .अब तो चुना हुआ कोयला सोचे उसे हीरा कैसे बनना है .

इस सिस्टम में तो डाकू भी चुने जातें हैं तब क्या वह सांसद बनने के बाद भी डाका डालते रहें .जिसे बड़ा पद मिल जाता है उसे लोक लाज की मर्यादा रखनी चाहिए .

इस तरह का तर्क जो आप कर रहें हैं वह कुतर्क होता है जनता को ही दोषी ठहरा रहें हैं .

यकीन मानिए हम असीम के वकील नहीं है .असीम के पीछे पड़ने की बजाय आप ऐसा काम करो कि आपके द्वारा चुना हुआ व्यक्ति कोयला चोर न बने .

12 टिप्‍पणियां:

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

वाह,शर्मा जी आपने सर्व साधारण की जानकारी हेतु बहुत सुंदर आलेख सचित्र सरल शब्दों में लिखकर कृतार्थ किया है.साधुवाद.

babanpandey ने कहा…

वाह भाई ...आप डोक्टर से बढ़कर हैं

शालिनी कौशिक ने कहा…

bahut hi upyogi post sharirik roop se bhi aur mansik roop se bhi.

dheerendra ने कहा…

उपयोगी जानकारी की साथ साथ,बोनस लेख भी सराहनीय लगा,,,,,बोनस आलेख के लिये,,,बधाई,,,,

RECENT P0ST फिर मिलने का

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी...आभार

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

अच्छी जानकारी...आभार

रविकर फैजाबादी ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति आज बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत ही सार्थक और उपयोगी पोस्ट.. आभार वीरु जी..राम राम..

Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत ही सार्थक और उपयोगी पोस्ट.. आभार वीरु जी..राम राम..

दिगम्बर नासवा ने कहा…

जानकारी एक डाक्टर और एक सामाजिक डाक्टर के हैसियत से भी ... बहुत खूब ..
राम राम जी ...

सदा ने कहा…

बेहद उपयोगी जानकारी देता सार्थक आलेख ... आभार

Hindi Golpo ने कहा…


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