बुधवार, 21 सितंबर 2011

छोटे से दरगाह का इमाम भी राजनीति करने लगा .

एक छोटे से दरगाह का इमाम भी कोंग्रेस की क्षुद्र राजनीति करने लगा है जबकि उसका काम इबादत करना है .वह मोदी के अनशन मंच पर सम्मान व्यक्त करने गए थे .उतरकर मंच से कोंग्रेसी झांसे में आके राजनीति करने लगे ।
इमाम साहब हमारी परम्परा में शाल ही ओढाई पहराई चढ़ाई जाती ,जाने वाले पर चद्दर डालतें हैं सम्मान की ,मन्नत पूरी होने पर अजमेर जाके चादर चढातें हैं .कृपया आप समझाएं इस्लाम की टोपी का अपमान मोदी के टोपी न पहनने से कैसे हो गया ?क्या हमारी परम्परा में टोपी पहराई जाती है ?.यहाँ माथे पर तिलक और अंगवस्त्र का ही रिवाज़ है .?
(१)क्या इसलिए कि मोदी ने राजनीति का ढोंग नहीं किया कोंग्रेसियों की तरह इसलिए ?
(२)चेहरा और मौक़ा देख के रंग नहीं बदला सांसदी इसलिए .सांसदी रंग की तमाम छटाएं और शेड्स तो गिरगिट के पास भी नहीं हैं ।
और इमाम साहब पूरे अदब के साथ आखिर में आपसे एक सवाल -आपको जनेऊ भेंट किया जाता ,आप पहन लेते ?

महारोग मोटापा तेरे रूप अनेक .

मोटापा रोग में शरीर पर दो तरह से चर्बी चढ़ती है .एक चमड़ी के नीचे (सब -क्युतेनियस-फैट )और दूसरी पेट के नीचे (विसरल फैट )।टांगों ,हाथों ,गर्दन के पीछे सब -क्युतेनियस तथा पेट के अन्दर विसरल फैट पनपती रहती है .
आखिर चर्बी चढ़ती ही क्यों हैं ?
अब से कोई सौ बरस पहले आदमी बहुत कम खाता था .काम बहुत करता था .मीलों पैदल चलता था .यानी खाना कम ,उड़ाना ज्यादा होता था केलोरी का ।
हारमोनों की वजह बहुत कम बनता था मोटापा ।
बेंक में पैसा जमा न करो जो बकाया है उसे उड़ाते रहो .यही फलसफा था .और जीवन दर्शन यह था -
रूखी सूखी खाय के ,ठंडा पानी पीव ,
देख पराई चूपड़ी मत ललचावे जीव ।
इसीलिए यह महा -रोग मोटापा न के बराबर ही था ।
वेस्ट लाइन और मोटापा :
मर्दों के लिए ३६ इंच से ऊपर का कमर का माप (वेस्ट लाइन )और औरतों के लिए ३२ इंच से ऊपर खतरे की घंटी माना जाता है ।
बॉडी मॉस इंडेक्स और मोटापा :
आदमी का वजन किलोग्राम में लिख कर इसे ऊंचाई के वर्ग से भाग कर दिया जाए .हाँ ऊंचाई यानी हाईट वर्ग मीटर (मीटर स्क्वायार्ड )में लिखी जाए .इस प्रकार प्राप्त अंक "बॉडी मॉस इंडेक्स "संक्षेप में बी एम् आई कहलाता है ।
इसका २४.९ या फिर पच्चीस तक रहनाकिसी भी बालिग या व्यस्क के लिए सामान्य है ।
२५ -३० तक क्लास ए ओबेसिटी में आयेगा ।
३०-३५ तक क्लास बी ओबेसिटी के तहत आयेगा ।
३५ -४० तक मोर्बिद ओबेसिटी (रुग्ड़ता )के तहत आता है ।
बतलादें आपको डायबिटीज़ की तरह ही सब रोगों की माँ है मोटापा ।
ब्लड प्रेशर (हाइपर टेंशन ,स्ट्रोक यानी ब्रेन -अटेक ,कार्डिएक प्रोब्लम्स ,हार्ट अटेक ,कैंसर आदि का सबब बनते देर नहीं लगती )।
खतरनाक है हर हाल मोटापा .ओवरवेट होना ।
कद काठी के अनुरूप आदर्श भार से यदि आपका वजन १२० फीसद ज्यादा रहता है तब आप ओवरवेट कहलायेंगें ।
(सन्दर्भ :डॉ .संदीप अग्रवाल ,मोटापा माहिर ,अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ,नै दिल्ली से आकाश वाणी की बातचीत पर आधारित )।

7 टिप्‍पणियां:

यादें ने कहा…

सही सवाल !आपको जनेऊ भेंट किया जाता ,आप पहन लेते ?
मोटापा : सही जानकारी !लाभ उठाओ ,आभार जताओ वीरुभाई का ...:-):-)
खुश रहो! राम-राम !

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

मोटापे से बचकर रहना है।

रेखा ने कहा…

मोटापा न हो वही अच्छा है ....

daanish ने कहा…

आलेख में
दोनों विषय मननीय हैं ...

अभिवादन .

Sunil Kumar ने कहा…

पहले वाले लेख ने इमाम साहेब को हिला दिया होगा :)
दुसरे लेख ने हमें तो हिला कर रख दिया ३६ से ऊपर है हमरी कमर कहें या कमरा :)

मनोज कुमार ने कहा…

दोनों ही ज्ञान की बाते हैं। दोनों बातों में चर्बी की बात है। कुछ की अक्ल पर चर्बी चढ़ जाती है।

Arvind Mishra ने कहा…

मेरे लिए तो अब यह मुआ मोटापा चुनौती बना जा रहा है