सोमवार, 5 सितंबर 2011

वगरना हर सू यही आवाज़ आयेगी ....

दिग्विजय सिंह सरकार के आदमी हैं .सरकारी हैं ,इनकम टेक्स महकमे से केजरीवाल साहब को जो नोटिस दिलवा सकते थे दिलवा चुकें हैं .अब वह केजरीवाल के खिलाफ बार बार विष वमन करके अपना और जनता का समय क्यों खराब कर रहें .क्यों बारहा दोहरा रहें हैं :केजरीवाल ने बतौर "ये "और "वो " एन जीओज का बहुत पैसा खाया है .सरकार उनकी है उससे सीधे कारवाई को कहें .चिदंबरम से कहें -घरु मंत्री करो कुछ केजरीवाल के खिलाफ ।
उन्हें (दिग्विजय सिंह जी )को कुछ अपना हित भी सोचना चाहिए .मैं उनका हितेषी हूँ इसलिए चेता रहा हूँ .अन्ना उन्हें दो बार पागल भिजवाने की सलाह दे चुकें हैं .अन्ना की वाणी में दैवीय वास है जो कह रहें हैं सच हो रहा है अगर उन्होंने तीसरी बार और कह दिया कि दिग्विजय पागल है तो लोग हर सू बैनर पोस्टर प्ले कार्ड लिए आजायेंगें -जिसपे लिखा होगा -दिग्विजय पागल है .वह प्रामाणिक पागल मान लिए जायेंगें .फिर कोई मानसिक आरोग्य केंद्र ,इंस्टिट्यूट ऑफ़ बिहेवियरल हेल्थ एंड एलाइड साइंसिज़ ,निमहांस(नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड एलाइड साइंसिज़ ) या फिर विमहांस(विद्यासागर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसिज़ ) भी उन्हें लेने से इनकार कर देंगें .आगे उनकी मर्जी .

4 टिप्‍पणियां:

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

सही सलाह...

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नमक इश्‍क का हो या..
पैसे बरसाने वाला भूत...

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

शायद आपने ब्‍लॉग के लिए ज़रूरी चीजें अभी तक नहीं देखीं। यहाँ आपके काम की बहुत सारी चीजें हैं।

रेखा ने कहा…

दिग्विजय सिंहजी को आपकी सलाह पर तुरंत अमल करने की जरुरत है ......

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

पागल खाने में भरती होने योग्य कार्य तो कर ही दिये है।