रविवार, 28 अगस्त 2011

कपिल मुनि के तोते .

कपिल मुनि के तोते .

हमसे हमारे भतीजे साहब शाम को पूछ रहे थे -फूफा जी ये "स्वामी अग्नी बीज "अचानक मंच से रंग मंच में कैसे पहुँच गए .हमने कहा भैया ये "कपिल मुनि उर्फ़ अपने काले कोट वाले भैये के तोते निकले ",ये फोनवा पे बतिया रहे थे -कपिल मुनि आपने जल्दी गिव अप कर दिया ,वरना इस अन्ने की क्या औकात "पिद्दी पिद्दी का शोरबा ",अपने वीरू अन्ने भाई ने सुन लिया पेलवान .अब ये भगवा कपट पंडित ,कुतर्क मुनि छिपता दोल रिया है .अपने अन्ने वीरू भाई की टीम इस घुन्ने चकर घन्ने प्रोफ़ेसर अभूत- पूर्व से बारहा पूछ रही है -भैये ये कपिल मुनि कौन हैं जो अब तक जनतंत्र की अर्थी निकाल रहे थे ,अपने अन्ने की तेरहवीं करने की फिराक में थे .भैये ये तभी से लापता हैं ,साथ में मंद मति बालक को लिए हैं जो कल तक किसी राजा -छिद्दी के साथ था .

14 टिप्‍पणियां:

सुधीर ने कहा…

अच्छा व्यंग्य

Bhushan ने कहा…

पहले भी देखी है लेकिन इस संन्यासी की ऐसी गंदी दिखने वाली बॉडी लैंग्वेज मैंने कम ही देखी है. ये कभी मेरे हीरो रहे हैं.

डॅा वेदप्रकाश श्योराण ने कहा…

सांसद खडे़ सभी संसद में
अन्ना ने कमाल कर दिया
चारा खाने वालों को भी
देश भक्ती से भर दिया

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सन्नाट व्यंग।

रेखा ने कहा…

त्रेता युग के कपिल मुनि से सीधे बात कर रहे थे. मिडिया ने पकड़ लिया .

मनोज कुमार ने कहा…

समझने के लिए दिमाग दौड़ाना पड़ा।

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

दोनों कहीं कोई लफ़डा करवा्ने की फ़िराक में होंगे?

Arvind Mishra ने कहा…

कहीं वे भूतकाल के कपिल से तो नहीं बतिया रहे थे

veerubhai ने कहा…

ऐसा ही लगता अन्ना अरविन्द जी ,हो सकता है इन्हें कपिल मुनि की सचमुच आवाजें ही सुनाई दे रहीं हों ,ऑडियो हेल्युसिनेशन हो रहें हों ,दुचित्ता और दुरंगा तो यह आदमी है ही ,आदमी का आदमी जोगी का जोगी ,जासूस का जासूस ,हद तो यह है कोंग्रेस में तोतों के भी आगे तोते होतें हैं ,कुछ प्राधिकृत तोतें हैं जो गाली गुफार में माहिर हैं .पहले ऐसे तोतों को वैश्या के तोते कहा जाता था ,अब ये हाई कमान के तोते कहातें हैं ,गौरवानित होतें हैं .वेदांगी का तोता मन्त्र जाप करता था .राजनीति का जालसाजी .

रविकर ने कहा…

स्वामी फिर पकड़ा गया,

धरे शिखंडी-वेश,
सिब्बल के षड्यंत्र से,

धोखा खाता देश,


धोखा खाता देश,

वस्त्र भगवा का दुश्मन,
टीमन्ना से द्वेष,

कराता उनमे अनबन,




अग्नि का उद्देश्य, पकाता अपनी खिचड़ी,

है धरती पर बोझ, बुनाये जाला-मकड़ी ||

रविकर ने कहा…

स्वामी फिर पकड़ा गया, धरे शिखंडी-वेश,
सिब्बल के षड्यंत्र से, धोखा खाता देश,


धोखा खाता देश,वस्त्र भगवा का दुश्मन,
टीमन्ना से द्वेष,कराता उनमे अनबन,


अग्नि का उद्देश्य, पकाता अपनी खिचड़ी,
है धरती पर बोझ, बुनाये जाला-मकड़ी ||

G.N.SHAW ने कहा…

भाई साहब - सही - सही ! कल टी.वि.पर समाचार देख मै भी हैरान हो गया की यह कपिल - देव कहा से आ गया !

यादें ने कहा…

वीरू भाई , शंख-नाद तो हमने पहले ही बजा दिया था ...???क्यों... ऐसे भगवा-ठगवा अभी बहुत मिलेंगे ..लंबा रास्ता है...छोडो अभी ..पहले मोर्चे
की जीत की खुशी मनाओ ,फिर आगे बदते हैं|
मुबारक कबूल करो ...
शुभकामनाये !स्वस्थ रहो !

Kajal Kumar ने कहा…

स्वामी जी तो वह रिपोर्टर ढूंढते फिर रहे होंगे अब...