गुरुवार, 11 अगस्त 2011

Early morning smokers have higher cancer रिस्क.

Early morning smokers have higher cancer risk
Subjects who smoked their first cigarette between 31 and 60 minutes after waking up were more than 30% more likely to develop lung cancer; the odds increased to nearly 80% for those who smoked in their first half-hour awake. For head and neck cancers, subjects were more than 40% more likely if they indulged in the 31-60 minute window, and nearly 60% more likely for those who smoked in their first half-आतें ।
अमरीकी कैंसर संघ के विज्ञान प्रपत्र "कैंसर "में एक दम से ताज़ा प्रकाशित दो अध्ययनों के मुताबिक़ जो स्मोकर्स बिस्तर से सुबह सवेरे उठाते ही सिगरेट सुलगा लेतें हैं वह अपने अनजाने ही फेफड़ों ,"हेड और नैक" कैंसर के वजन को बढा लेतें हैं .अध्ययन को परवाज़ दी है पेन स्टेट कोलिज ऑफ़ मेडिसन के रिसर्चरों ने जिसका विशेष महत्व इसलिए भी है कि ऐसे स्मोकर्स में उल्लेखित कैंसर की शिनाख्त जड़ ज़माने से पहले ही शुरूआती चरण में की जा सकती है .और फिर फ़ौरन बाद इन धूम्रपानियों की सिगरेट छुड़ाई के लिए विशेष कार्यकरण शुरु किए जा सकतें हैं .
धूम्रपान और फेफड़ों के बीच एक अंतर -सम्बन्ध की पुष्टि सबसे पहले १९५० के दशक के बरसों में की गई ।
१९८० में पहली मर्तबा "निकोटिन गुलामी ",निकोटिन डिपेंडेंस का पता चला .तब अमरीकी चिकित्सा संघने धूम्रपान को एक मनो-वैज्ञानिक और शरीर -प्रक्रिया -वैज्ञानिक (फिजियोलोजिकल प्रोब्लम )समस्या के रूप में रेखांकित किया ।
"निकोटिन -डिपेंडेंस ",निकोटिन हुकिंग की शिनाख्त संदर्भित अध्ययनों में उस समय -अंतराल से आंकी गई जो प्रात :बिस्तर से उठने और पहली सिगरेट के बीच रहता है .पता चला जिनका हाथ उठते ही बिना समय गँवाए सिगरेट की डिब्बी पर आपसे आप चला आता है ,और कश -दर -कश धूम्रपान शुरु हो जाता है उनकी हुकिंग भी बहुत ज्यादा होती है और शरीर में सिगरेट से पैदा रासायनिक विष (टोक्सिंस) का डेरा भी .इनके खून में निकोटिन का स्तर भी ज्यादा रहता है बरक्स उनके जो आधा घंटा या एक स्मोकिंग से बाज़ आतें हैं सुबह उठने पर .
“One of the things we use to measure dependence is called the Heavyness of Smoking Index, which includes two questions,” says Dr। Richard D. Hurt, the director of the Mayo Clinic’s Nicotine Dependence Center, who is not affiliated with the new studies. “How much do you smoke, and how long after you arise do you have your first cigarette?”
कितनी सिगरेट्स धुएं में उड़ा देतें हैं उठने के बाद कितनी देर बाद धूम्रपान करतें हैं अपने पहली सिगरेट सुल्गातें हैं यह बहुत एहम सवाल है जो निकोटिन और अन्य रासायनिक विषों से होने वाली नुकसानी से ताल्लुक रखता है .
एक बात और माहिरों ने पता लगाईं है सुबह उठने के बाद जितनी अधिक देर तक आप धूम्रपान मुल्तवी रखेंगे ,सारे दिन में उसी के अनुरूप कुल मिलाके कम सिगरेट ही फूंकेंगे .जिनकी हुकिंग ज्यादा है निकोटिन से वह ज्यादा "सिगरेट लती
"भी हैं .ज्यादा बड़े गुलाम है इस "निकोटिन स्टिक "के .
ये इनकी वाकिंग स्टिक बन जाती है ।
एक बात और -जो सिगरेट के छल्ले बनाके उड़ाने की ताक में ज्यादा लंबा कश खींचते है ,धुआं भी उगलने की जिन्हें कोई जल्दी नहीं होती सिगरेट को आखिर तक सुड़क जातें हैं वह ज्यादा रासायनिक विष पीतें हैं बरक्स उनके जो इस शौक को नाटकीयता न देकर हलके कश खींचते हैं एक तिहाई शेष रहने पर फैंक देतें हैं .कैंसर की प्रबल संभावना भी पहली किस्म के लोगों के ज्यादा नज़दीक खड़ी रहती है ।
"थेंक्स टू -मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया ,हर फ़िक्र को धुयें में उडाता चला गया ".शौक से पीजिए थोड़ा सा जी लीजिए ,आपके फेफड़े हैं आपका शरीर है आप जो इसका करें .ग्लेम्राइज़ कीजिए विषपान को .विष -पुरुष बनिए .विष कन्या बनी .आजकल लड़कियों में ये उन्माद ज़ोरों पर है .
The half-life of nicotine is relatively short – only two hours – so after six or eight hours of sleep, your body has gotten rid of nearly all of the nicotine you’ve inhaled the day before। There’s very little left in the body in the morning and the receptors in the brain are crying out for more nicotine. Those who are the most dependent need that cigarette earlier, and often smoke more cigarettes throughout the day, more intensely.
The takeaway here is about what you’d expect। “Stop smoking as soon as you can,” says Hurt. “We have more things to offer now than ever before. [You] can go to a physician or call a telephone quit line. We combine behavioral counseling with medications, which can double, triple, or even quadruple your chances of successfully quitting.”



7 टिप्‍पणियां:

Bhushan ने कहा…

किसी को इससे अधिक और क्या समझाया जा सकता है. जिनके हित में यह पोस्ट है यह उन तक पहुँचे, ऐसी मेरी हर्दिक कामना है.

संजय भास्कर ने कहा…

फायदेमंद जानकारी उपलब्ध करायी आपने

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बहुत सही रिपोर्टिंग है । मैंने भी आज ही पढ़ी ये स्टडीज ।
धूम्रपान करते ही क्यों हैं लोग ?

जाट देवता (संदीप पवाँर) ने कहा…

कोई टेंशन नहीं अपुन को तो।

SM ने कहा…

full of information
one should reduce the intake if not able to stop

मनोज कुमार ने कहा…

उपयोगी पोस्ट।
आज इस पावन पर्व के अवसर पर बधाई देता हूं और कामना करता हूं कि आपकी कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र हर समय आपकी रक्षा करें।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अच्छी जानकारी दी है आपने ... शुक्रिया ...