रविवार, 14 अगस्त 2011

संविधान जिन्होनें पढ़ा है .....

अन्नाजी को कटहरे में खड़े करने वालों से सीधी बात -
अन्नाजी ने संविधान नहीं पढ़ा है ,वह जो चाहे बोल देतें हैं ?
मेरे विद्वान दोश्त कपिल सिब्बल जी ,संविधान इस देश में जिन्होनें पढ़ा था उन्होंने इमरजेंसी लगा दी थी .और संविधान में यह कहाँ लिखा है ,कि किसी व्यक्ति की उम्र नहीं पूछी जा सकती ,उससे ये नहीं कहा जा सकता ईश्वर ने आपको सब कुछ दिया है ,अब आप उम्र दराज़ हो गए राष्ट्र की सेवा करो ।आपके पास नैतिक ताकत है ,आप ईमानदार हैं .
संविधान में यह भी मनाही नहीं है कि एक साथ चार -मूर्खों को मंत्री बना दिया जाए ,और एक षड्यंत्र रच के १४ अगस्त की शाम एक साथ सारे एक ही स्वर में ,एक ही आरोह अवरोह में झूठ बोलना शुरु करें ।
और ये कौन से सावंत की बात हो रही है अदालत तो राखी सावंत भी लगातीं थीं ?
क्या किसी नैतिक शक्ति से संचालित होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने की संविधान में मनाही है या फिर प्रजातंत्र में यह नैतिक शक्ति ही उसे प्रासंगिक बनाए रहती है ?
किसी नवीन चावला को भी संविधान के ऊपर थोपने की मनाही नहीं है ।
विदूषी अंबिका सोनी जी कहीं संजय गांधी जी की तो बात नहीं कर रहीं ।?गांधी तो वह भी थे .
महात्मा गांधीजी को तो यह हक़ हासिल था कि वह पंडित नेहरु या सुभाष चन्द्र बोस की उम्र पूछ सकें ।
ये काले कोट वाले सुदर्शन कुमारजी जांच तो भगत सिंह की भी करवा सकतें हैं -संसद में बम गिराने का असलाह और पैसे कहाँ से जुटाए थे ज़नाबभगत सिंह ने ?
सारे महानुभाव मय मनीष तिवारीजी ,सुदर्शन हैं ,सुमुखी हैं ,वाणी से इनकी अमृत झर रहा है ,संविधान में इसकी भी मनाही नहीं है इन्हें कुछ भी बोलने की छूट न दी जाए ।
"अनशन स्थल और अवधि वही जो सरकार बतलाये ,आन्दोलन वही जो सरकार चलवाए ।".
अन्ना का खौफ क्यों भाई ,कल को कोई अन्नभी मांगेगा ,अन्न कहेगा तो सरकार "अन्ना "समझेगी ?इस नासमझी की भी संविधान में मनाही नहीं है ?

17 टिप्‍पणियां:

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत ही विचारोत्तेजक बात कही है आपने।

अशोक कुमार शुक्ला ने कहा…

जांच तो भगत िसंह क भी करवा सकत ह -संसद म बम िगराने का असलाह और पैसे कहाँ से जुटाए थे ज़नाबभगत िसंह ने ?
Bahut khoob. Aapke blog me shamil ank 1947 saarthak huye.
Badhai.

Bhushan ने कहा…

मन को झनझना देने वाला आलेख.
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

डॉ टी एस दराल ने कहा…

सही सवाल उठाये हैं ।
आपको और १२० करोड़ देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें ।
बाकि बचे १ करोड़ लोगों को तो पी एम जी ने भी बधाई नहीं दी । क्योंकि शायद ये वे लोग हैं जिनके स्विस बैंकों में खाते हैं ।
जयहिंद ।

Kunwar Kusumesh ने कहा…

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ ने कहा…

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और ढेर सारी बधाईयां

Vidhan Chandra ने कहा…

बहुत सही लिखा है आपने, लेकिन मैं चाह के भी कुछ लिख नहीं सकता !!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
65वें स्वाधीनता दिवस की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ!

Babli ने कहा…

बहुत बढ़िया एवं शानदार आलेख! उम्दा प्रस्तुती!
आपको एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

Dr Varsha Singh ने कहा…

विचारोत्तेजक आलेख.....

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

Madhulika ने कहा…

a post which makes you think...
Nicely written...
Thanks for visiting my blog.. it means a lot to me :)
p.s. following you blog now :)

रेखा ने कहा…

सीधे सवाल . ..

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Arvind Mishra ने कहा…

वाह वीरुभाइ क्या भिगों के लतियाया है मगर जन्म जन्म के बेशर्मों को कैसी हया ?

G.N.SHAW ने कहा…

यह जादुई छड़ी की गुमनाम बौखलाहट है ! सही आंकलन की है आपने भाई साहब !

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Ekdam Sateek....

Amrita Tanmay ने कहा…

कभी-कभी तो लगता है कि हम केवल बहस और सबाल के लिए हैं | जबाव की कोई उम्मीद ही नहीं है इन राजनीतिज्ञों से. उद्द्वेलित करती आलेख .

संजय भास्कर ने कहा…

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें.