बुधवार, 15 अगस्त 2012

TMJ Syndrome

TMJ Syndrome 

Chiropractic and body alignment techniques can analyze the skull/jaw/ spine relationship.

Improper alignment of your skull , jaw and spine can affect your entire nervous system .

TMJ   

निचले  ज़बड़े (Mandible ) के किसी एक सिरे को किसी एक  कनपटी की  हड्डी (  Temporal bone ) से मिलाने वाले जोड़ को कहा जाता है .टेम्पोरो-मैंडी -बुलर जोइंट (Temporomandibular joint).

टेम्पोरो -मैंडीबुलर -जोइंट (TMJ)सिंड्रोम 

टेम्पोरोमैंडीबुलर जोइंट के मिस -एलाइनमेंट को कहा जाता है -TMJ .

If you place your fingers in front of each ear and open your jaw , you 'll feel lots of wiggling .This is where your skull 's temporal bone attaches to your mandible(jaw):the temporomandibular joint (TMJ).Lots of ligaments ,cartilage ,fascia ,discs ,muscles ,nerves ,and blood vessels run in ,around and through it .Fascia  means a sheet or band of connective tissue covering or binding together parts of body ,e.g .muscles or organs.

यह एक पीडादायक कष्टकर स्थिति है जिसमें टेम्पोरोमैंडीबुलर जोइंट के अलावा खाना खाने चबाने  में इस्तेमाल होने वाली पेशियाँ भी असर ग्रस्त हो जातीं हैं .एक तरफ जबड़े का संचालन इस स्थिति में सीमित हो जाता है दूसरी तरफ खटखट की आवाज़ भी कभी पैदा हो जाती है .

इस सिंड्रोम (संलक्षण )के आम लक्षण हैं 

पूरा मुंह खोल पाने में असमर्थ रह जाना (पूरा मुंह खुलता ही नहीं है इस स्थिति में ),खटखटाट की ध्वनी का पैदा होना जबड़ा हिलाने डुलाने मुंह खोलने बंद करने पर ,कई मामलों में जबड़ा एक तरह से लोक ही होके रह जाता है .

दूसरे लक्षणों  में - 

सर दर्द ,श्रवण ह्रास ,कानों में घंटी सी बजना (Tinnitus ,ringing in the ears),गला भरा हुआ महसूस होना (throat fullness ),चेहरे पे सोजिश (सूजन ),कंधों ,गालों या जबड़े में दर्द होना ,गर्दन में पीड़ा होना ,चेहरे की तंत्रिकाओं (facial nerve pain )में दर्द की लहर उठना ,कान या नाक में दर्द ,मुक्तावली में दुखन (dental pain ),मितली आना ,जी मिचलाना ,धुंधला दीखना तथा चक्कर आना शामिल हो सकतें हैं .

TMJ का सम्बन्ध Vertigo ,गले के संक्रमण (throat infection ),साइनस ,कन्जेश्चन (शरीर के किसी भाग में रक्त या बलगम का ज़माव ,चेस्ट कन्जेश्चन )कानों के संक्रमण ,दमा (asthma),यहाँ  तक   की दिल ,उदर(आमाशय ,पेट ),आंत्र सम्बन्धी (intestinal ),श्वसनी तथा संवेगात्मक विकारों तक से जोड़ा गया है .

Vertigo

It is a condition in which one feels a sensation of whirling or tilting that causes a loss of balance .

Causes of TMJ

एक रिसर्चर के मुताबिक़ तकरीबन ७८ फीसद तक आम जन में कुछ न कुछ मात्रा में कमोबेश TMJ DISFUNCTION देखने को मिलता है .प्रसव की प्रक्रिया के समय ही इस स्थिति की शुरुआत हो सकती है .

प्राथमिक कारणों में एक और आम कारण कुपोषण या पूअर न्यूट्रीशन समझा गया है .कम उम्र बालकों में ही TMJ SYMPTOMS ज्यादा मिलतें हैं .

दूसरी वजूहातों में पूअर पोश्चर (गलत मुद्रा ),रीढ़ या फिर खोपड़ी (कपाल )के SUBLUXATION ,इन  अंगों  की अस्थियों के परस्पर समायोजन में विरूपण या कोई बाहरी विक्षोभ .दुर्घटना या कोई सदमा   भी इसकी (TMJ SYNDROME )वजह बन सकता है .बचपन  की दुर्घटनाएं तक इसकी वजह बनते देखी गईं हैं .

मसलन यदि कोई बालक इस प्रकार गिरे की उसकी रीढ़ के आधार में अवस्थित तिकौनी हड्डी SACRUM   चोटिल  हो  जाए ,क्षति ग्रस्त हो जाए ,(ज्ञात रहे यहSACRUM हमारे प्रत्येक नितम्ब की अस्थियों से जुडती है तथा हमारे पेल्विस (श्रोणी क्षेत्र ) का एक हिस्सा बनाती है . कालान्तर में यही सेक्रम की चोट पेल्विक इम्बेलेंस की वजह बनके TMJ ,HEAD और    NECK को असर ग्रस्त करती है .
DENTAL WORK IS THE CAUSE OF MANY TMJ PROBLEMS

माहिरों  के द्वारा  दांतों का इलाज़ करवाना  भी इसकी वजह बनता है 

Gerald Smith ,DDS ,a Specialist in this field ,says dental work is the cause of many TMJ problems: Orthodontic treatment affects the cranium in 100% of cases ....The structural imbalances cause chronic fatigue ,headaches ,scalp tenderness ,pains behind the eyes ,muffed ear sounds ,ringing ,hissing or other ear distortions, balance problems ,nausea ,facial tightness and cervical or lower back pain .

Dr Daryl Curl ,who holds degrees in both dentistry and chiropractic , confirms that orthotics (braces ,crowns ,etc ) may contribute to or worsen a patient's head -pain complaint .The pain of ill -fitting dental work can be quite intense .There are even reports of individuals forcing dentists to remove their braces at gun point .

Let us not overlook that the very act of sitting open mouthed in a dental chair and getting worked on puts great stress on the TMJ.

जिन लोगों का साबका दांतों के माहिर से पड़ा है जो मुख स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहते कभी दांतों की मंजाई (स्केलिंग )के लिए दांतों के माहिर के पास गएँ हैं या फिर जिन्होनें रूट केनाल थिरेपी किसी दांत को बचाने के लिए करवाई है वह उल्लेखित स्ट्रेस से परिचित होंगें .समाधान यही है दांतों के डॉ के क्लिनिक से निकलके काइरोप्रेक्टर के पास आयें .

The Standard Dental /Medical Approach 

टी एम् जे सिंड्रोम से राहत के लिए अमूमन रेलेक्सेंट दवाओं ,दर्द नाशियों ,ओरल एप्लाइएन्सिज़ मसलन नाईट गार्ड का इस्तेमाल दांतों की किट किट(दांत पीसने (bruxism grinding of the  teeth )से  राहत  के  लिए काया चिकित्सा के माहिर करते रहें हैं .चबाने में दिक्कत को कम करने के लिए मालिश और सोफ्ट डाईट का भी प्रयोग बतलाया जाता है .

Other treatments are orthodontics ,restorative dentistry to build up the bite ,bite plates and physical therapy .

Orthodontics

दांतों  की अनियमितता दांतों का आगे पीछे उग आना ,मुक्तावली के संरेखण में कसर रह जाना   आदि के समाधान और बचाव के लिए आर्थो -ड़ोंतिक्स चिकित्सा आजमाई जाती है .

It deals with the area of dentistry concerned with the prevention and correction of irregularities of the teeth .

गंभीर मामलों में जबड़े की शल्य चिकित्सा भी की जाती है .बहर -सूरत ये मंदिर हैं शरीर के सोच समझ के ही हाथ डाला जाता है .maxillofacial surgeon द्वारा जो इतने बड़े मुल्क हिन्दुस्तान में भी चंद दर्जन ही हैं .लेकिन सब अंतिम विकल्प हैं कंजर -वेटिव एप्रोचिज़ आजमाने के बाद की बातें हैं .

The Chiropractic Approach

क्योंकि अकसर स्ट्रक्चरल (संरचनात्मक )और टीएमजे  समस्याएं साथ -साथ भी देखने को मिलतीं हैं इसीलिए कितने ही टीएमजे से ग्रस्त लोगों को काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा देखभाल से फायदा पहुंचता है .काइरोप्रेक्टर रीढ़ (मेरु दंड ,स्पाइन )से और खोपड़ी से सम्बंधित हड्डियों से प्रेशर हटा देता है एडजस्टमेंट के ज़रिये इसीलिए कई मर्तबा ऐसा होने पर टीएम्जे सिंड्रोम में भी आराम आजाता है .
विलोमतय (ठीक इसके उलट )एक अस्वास्थ्य कर कपाल (स्कल )-जबड़े का संरेखण (अन अनहेल्दी स्कल /जो एलाइनमेंट )रीढ़ रज्जू पर अतिरिक्त (बहुत ज्यादा )दवाब डाल देता है .चिकित्सा दस्तावेजों में दर्ज़ है कई बार मुक्तावली से जुडी समस्याओं से निजात मिलने पर काइरोप्रेक्टिक पेशेंट्स के एडजस्ट मेंट भी सुधर जातें हैं .इनके संरेखण में समायोजन में भी सुधार आजाता है .

STUDIES 

एक अध्ययन में ३० क्रोनिक टीएमजे से ग्रस्त लोगों को (जिनके सिंड्रोम के लक्षण चले आरहे थे लम्बे समय से )बेतरतीब तीन वर्गों में रखा गया .इनमें  से दो काइरोप्रेक्टिक समूह थे तीसरा कंट्रोल (समूह )था .जिस समूह को काइरोप्रेक्टिक देखभाल मुहैया करवाई गई उसे सबसे ज्यादा राहत पहुंची . दर्द का एहसास कमतर हुआ .

एक और अध्ययन में ऐसे ६० मरीजों को लिया गया जो लाइलाज सर्वाइकल पैन से ग्रस्त चले आरहे थे .इन्हें काइरोप्रेक्टिक और कंट्रोल ग्रुप में रखा गया .काइरोप्रेक्टि ग्रुप केसभी लोगों में  टीएमजे सिंड्रोम से पैदा दर्द बहुत कम हो गया .कंट्रोल ग्रुप की हालत तकरीबन जस की तस रही .कंट्रोल ग्रुप मानक ग्रुप होता है जिसे काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा नहीं दी जाती है तुलना के लिए इसे अध्ययन में शरीक किया जाता है 

Eleven patients with chronic TMJ revealed a shift from high -intensity to low intensity pain between the beginning and end of care (chiroprectic care) 63.6%to 18.2%. A significant change of mouth opening range was also observed.

An individual case involved a 41 -year -old woman with bilateral TMJ pain ,ear pain ,tinnitus ,vertigo ,decreased hearing and a sensation of pressure or fullness in both ears.She also had a 22-year history of migraine headaches .Prescribed antibiotics caused gastric upset and vomiting.MDs told her to apply local heat ,reduce talking and eat soft foods.Her symptoms worsened .

Chiropractic care to the atals vertebra resulted in complete relief of TMJ symptoms  after nine visits and headache relief .At a one year follow -up she reported no TMJ Symptoms and no headaches for the prior nine months.Atlas is the top bone in the neck ,the vertebra that is at the top of the spinal column and supports the skull.

सारांश 

कुछ ऐसी काइरोप्रेक्टिक और बॉडी एलाइनमेंट तकनीकें विकसित की गईं हैं जो हमारी खोपड़ी (कपाल या स्कल ),जबड़े (Jaw)और मेरुदंड (स्पाइन )के संरचनात्मक रिश्तों का विश्लेषण कर देतीं  हैं .   

These techniques have benefited patients suffering from hidden distortions that sometimes arise within us and we do not know about them .

10 टिप्‍पणियां:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

नई जानकारी दी आपने इतने विस्तार से ...आभार

dheerendra ने कहा…

अच्छी महत्वपूर्ण जानकारी,,,,
वे क़त्ल होकर कर गये देश को आजाद,
अब कर्म आपका अपने देश को बचाइए!

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,,
RECENT POST...: शहीदों की याद में,,

रविकर फैजाबादी ने कहा…

टी एम् जे पर लेख से, हिले दिमागी चूल |
जबड़ा जकड़न में यही, बीमारी है मूल |
बीमारी है मूल, बैठना उल्टा सीधा |
दांतों की खुट-खाट, कहीं ठोकर में बीधा |
खान पान का दोष, होश भैया गुम होते |
व्याकुल करता दर्द, नहीं बन पता रोते ||

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

इतने वि‍स्‍तार से जानकारी देने के लि‍ए आभार

India Darpan ने कहा…

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई
भारत के 66 वेँ स्वाधीनता दिवस की

इंडिया दर्पण
की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

नई जानकारी ... और इतने विस्तार से ... आपका जवाब नहीं ...

सुशील ने कहा…

वाह वाह !

कुछ भी नहीं छोड़ने वाले हैं क्या आप
सारा शरीर तो खोल ही डाले हैं आप !

संजय भास्कर ने कहा…

महत्वपूर्ण जानकारी सराहनीय……………स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !

mahendra verma ने कहा…

शोधपरक जानकारी के लिए आभार।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रीढ़ में टिका स्वास्थ्य का आधार..