शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा में है ब्लड प्रेशर का समाधान

काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा में है ब्लड प्रेशर का समाधान  

Blood  Pressure :The chiropractic Approach

Your nerves help regulate your blood pressure .Keep them free from stress .Chiropractic corrects a serious form of stress ,that interferes with normal body function .Spinal adjustments have been shown to help normalize blood pressure.

For over a century chiropractic care has been  a drug -free blessing to millions of people who thought they would have to face a life of medication .
है क्या ब्लड प्रेशर (रक्त दाब )?

हर दम बने रहने वाली शह है ब्लड प्रेशर .इस क्षण में भी है उसमे भी रहता है .लेकिन इसमें चिंता करने जैसा कुछ भी नहीं है .रक्त चाप सभी के वजूद का हिस्सा है .इसके बिना जीवन संभव ही नहीं है .आखिर मीलों मील लम्बी रक्त वाहिनियों में खून के संग ऑक्सीजन और पुष्टिकर तत्व पहुंचाने का काम यही रक्त चाप न कर रहा है .
 जब भी आप का दिल धडकता है लुब डुब करता है यह धमनियों में से होकर ही रक्त फैंकता है .इसी उलीचने के क्रम में जो बल धमनियों पर (इकाई क्षेत्र )पर रक्त द्वारा  पड़ता है वही ब्लड प्रेशर है .इस रक्त दाब के बिना आप ज़िंदा नहीं रह सकते .

There is no just right blood pressure ; 120 over 80 (120/80) is just average.Like the idle(speed of engine with gear disengaged ) of a car , some people run a little high , others a little low.

दिन  के पहर के अनुसार रक्त दाब भी घटता   बढ़ता है ऊपर नीचे होता है ,व्यायाम ,आपकी उम्र ,लिंग ,आपका रागात्मक संसार ,संवेगात्मक बनावट आपकी  शख्शियत की ,दवा दारु और शराब का सेवन ,संवेगात्मक दवाब (इमोशनल स्ट्रेस )के अलावा भी कितने ही और ऐसे घटक हैं जो रक्त दाब को असरग्रस्त करतें हैं .

जब यह असामान्य तौर पर सामान्य (औसत )  से कम हो जाता है तब इसे कहा जाता है हाई -पो -टेंशन (Hypo -tension)  .हाइपो माने सामान्य से कम जब असाधारण तौर पर सामान्य से ऊपर चला जाता है तब इसे कहा जाता है हाइपर -टेंशन (हाई -ब्लड -प्रेशर ).

Idiopathic Hypertension 

 यहाँ इडियो-पैथिक का मतलब है ऐसा विकार या बीमारी से है जिसकी कोई ज्ञात वजह नहीं रहती है .

ज्यादातर मामलों में उच्च  रक्त चाप की वजह ना -मालूम ही बनी रहती है .इसे कह दिया जाता है इशेंशियल ,"इडियापैथिक " या फिर "प्राई -मैरी " हाईपर  -टेंशन .

बेशक कुछेक मामलों में इसकी ख़ास वजह हो सकती है -

अकसर किडनी से सम्बन्धी रोग ,कुछ दवाओं का सेवन मसलन इबु -प्रोफेन (पैरा -सीटा-मोल और ब्रुफेन का मिश्र रूप ) जैसी दवाएं .

The Medical Approach

ज्यादातर दवा चिकित्सा के माहिर काया चिकित्सक (MDs) ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए प्रेस्क्रिप्शन ड्रग्स का इस्तेमाल करतें हैं .बेशक इस नज़रिए में कुछ तर्क ज़रूर है लेकिन एहम सवाल यहाँ पर अन -उत्तरित रह जाता है :ब्लड प्रेशर के बढ़ने की वजह क्या थी ?क्या उच्च रक्त चाप किसी  मकसद को पूरा करने के लिए ही बढा है ?क्या हम सिर्फ लक्षणों का ही इलाज़ कर रहें हैं .

इस चर्चा में शरीक एक क्या चिकित्सा के माहिर कहतें हैं : उच्च रक्त चाप स्वयं में कोई रोग नहीं है .

यह लक्षण है धूम्रपान का ,मोटापे का ,और संभतया आपके निष्क्रिय रूटीन का ,ऐसी दैनिकी का जिसमें व्यायाम के लिए कोई अवकाश ही नहीं छोड़ा गया है .शायद काया चिकित्सकों को ,फिज़िश्यंस को ब्लड प्रेशर का मानीटरन  न कर लोगों का तौल लेना चाहिए ,उन्हें कसरत करने के लिए कहना चाहिए ,खुराक ,धूम्रपान और काम करने की आदतों (दैनिकी ) में संशोधन करने की पेशकश करनी चाहिए .

A  Defence ?

संभवतया कुछ लोगों के मामले में उच्च रक्त चाप का काम दिमाग को एक बचावी सुरक्षा कवच मुहैया करवाना हो सकता है , मेरु रज्जू (स्पाइनल कोर्ड )   की हिफाज़त करना हो सकता है जो मेरु स्थम्ब(स्पाइनल कोलम ) के किसी असंतुलन ,और  कायिक संरचना  का नतीजा रहा आया हो सकता है .

An  elevated blood pressure may help protect your brain and spinal cord from compression due to spine and structural stress .However your body can not keep this form of "protection " around indefinitely .Eventually the elevated blood pressure can cause serious health problems so the underlying cause should be addressed.

हो सकता है आपका बढा हुआ रक्त चाप आपके दिमाग को ,रीढ़ रज्जू (स्पाइनल कोर्ड ) को ,मेरु दंड के मिस -एलाइन -मेंट से पैदा दवाब (कम्प्रेशन ) और संरचनात्मक दवाब से बचा भी ले जाए ,लेकिन ये कोई स्थाई उपाय नहीं है आपकी काया इस कवच को देर तक बनाए नहीं रख सकती .आखिर में गंभीर नतीजे इस बढे हुए रक्त चाप के हाथों ही भुगतने पड़ सकतें हैं .इसलिए असल बात है ब्लड प्रेशर के बढ़ने की वजह पर प्रहार करना ,उसका समाधान निकालना .

Side Effects of Medication

ब्लड प्रेशर में प्रयुक्त दवाओं के अवांछित असर से शरीर पर छोटे छोटे लाल दाने उभर सकतें हैं (चकत्ते या रेश ),Hives या  urticaria (पित्ती उछल सकती है ).

Urticaria is a skin rash ,usually occurring as an allergic reaction ,that is marked by itching and small pale or red swellings and often lasts for a few days .
अन्य पार्श्व प्रभावों की लिस्ट लम्बी है इनमें से  हो सकतें है -प्रकाश के प्रति संवेद्यता ,जोड़ों का दर्द ,संभ्रम ,नपुंसकता ,कमजोरी ,ऊर्जा हीनता (बे -दमी,बे -जान सा महसूस करना ),चक्कर आना ,हाथ पैरों के सिरों में सुन्नता (numbness in the extremities),अवसाद ,क्रोध ,मूढ़ी हो  जाना ,तुनक मिजाजी  ,मनो दशा की अस्थिरता ,चित्त का डोलना ,पेशीय ऐंठन ,आदि .

As the late Robert Mendelsohn ,MD said ,"Patients with coronary problems and high blood pressure are investigating Pritikin ,Kushi ,Airola ,Fredericks , Pauling ,and others who may not be MD but who know about nutrition ,allergy ,acupuncture ,chiropractic ,biofeedback ,meditation ,and exercise ......medical schools do not produce physicians(काया चिकित्सक ) who possess this kind of knowledge."

The Chiropractic Approach  

    आपके रक्त चाप के प्रबंधन और समाधान के लिए सबसे सरल उपाय है आप किसी काइरोप्रेक्टिक से मिलें .

Doctors  of chiropractic perform spinal adjustments to correct vertebral subluxations or spinal nerve stress which upset body balance and nerve health .

दबी  हुई मेरु दंड से सम्बद्ध कोई नस या फिर मेरुदंड की अश्थियों का परस्पर बेमेल हो जाना संरेखण खोकर तालमेल खो देना इन सब को दुरुस्त करता है काइरोप्रेक्टर .कायिक संतुलन को चौपट ये वर्टिब्रल सब -लक्शेसन (मिस -एलाइन -मेंट ऑफ़ बोंस ऑफ़ दी स्पाइन आर इम्पिंज -मेंट ऑफ़ ए स्पाइनल नर्व ) ही करतें हैं .रीढ़ से निकली कोई तंत्रिका दबी और बात बिगड़ी .

बिना दवा दारु वाली इस प्राकृत चिकित्सा काइरोप्रेक्टिक को बरसों से लाखों लाख लोगों ने आजमाया है ,इस चिकित्सा व्यवस्था से ताल्लुक रखने वाली विज्ञान पत्रिकाओं में इसे रक्त चाप को सामान्य कर देने वाला कारगर उपाय अध्ययनों में बतलाया गया है .रीढ़ की हड्डियों का समायोजन करना और दबी हुई नस से दवाब हटाना एक पीड़ा रहित क्रिया है .जिसे काइरोप्रेक्टर के सधे हुए हाथ अंजाम तक ले जातें हैं दस बीस सत्रों में .

एक अध्ययन में एब्नोर्मल ब्लड प्रेशर वाले ७५ मरीजों को शरीक किया गया .इनमें  से कितने ही काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा लेने से पूर्व अध्ययन से पहले तक अंग्रेजी दवाएं लेते रहे थे ब्लड प्रेशर कम करने वाली (एंटी -हाइपर -टेंसिव ड्रग्स )फिर भी इनका रक्त चाप उच्च ही बना हुआ था .
काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा के संग इनकी खुराक में भी बदलाव लाया गया .
Dietary  changes were made along with stomach -sleeping and high pillows .

इस  चिकित्सा से पहले उच्च रक्त चाप वाले ६७ मरीजों का रक्त चाप १६३ /९३ था ,चिकित्सा के बाद यह १३०/८२ पर आगया .

लो ब्लड प्रेशर के मरीजों में ब्लड प्रेशर १००/६७ से ११४/७६ पर आगया .

The Chiropractic message 

Chiropractic corrects a serious form of stress ,spinal nerve stress (subluxations),that interferes with normal body function .But chiropractic is also a philosophy that teaches us to remove all interferences to body function ,and to seek out more natural , conservative methods before submitting to more radical (i .e. drug and surgical ) approaches .Proper nutrition ,exercise ,rest and emotional care ,along with a healthy spine ,are  all vital for optimal wellbeing.Explore them all .

काई -रोप्रेक्तिक चिकित्सा व्यवस्था का काम न सिर्फ मेरु दंड से ताल्लुक रखने वाली नसों के दाब को इम्पिंज मेंट को हटाना भर है यह एक पूरा दर्शन है प्रकृति के नजदीक रहने का ताकि काया खुद से भी पोषण पा सके अपनी मरम्मत आप कर सके .आखिर कार एक सेल्फ हीलिंग ओर्गेंन  है आपकी काया .अंतरजात जन्मना प्रज्ञा लिए है .जब बात इन कुदरत के उपायों से न बने तब ही कथित आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की शरण में जाइए .
पोषण और व्यायाम की तरह ,आराम और रागात्मक संभाल की ही तरह मेरु दंड की संभाल ज़रूरी है .
जन्म अष्टमी मुबारक .... 

12 टिप्‍पणियां:

dheerendra ने कहा…

मेरु दंड की संभाल ज़रूरी है .
स्वास्थ के प्रति जागरूक करती पोस्ट,,,,
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ,,,,,
RECENT POST ...: पांच सौ के नोट में.....

Shanti Garg ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएँ
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

Trupti Indraneel ने कहा…

उपयुक्त जानकारी !
आपको जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाये !

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा मेरे लि‍ए नया ज्ञान है

मनोज कुमार ने कहा…

उपयोगी जानकारी मिली।

Maheshwari kaneri ने कहा…

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ.

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Badhiya Jankariyan liye Post....

SM ने कहा…

उपयुक्त जानकारी

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

मतलब की जानकारी मिली ... आभार

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

चिकित्सातन्त्र समझने में एक नया आयाम मिल रहा है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

रीड की हड्डी की संभाल हर हाल में जरूरी है ...
जन्माष्टमी की बधाई ...

SM ने कहा…

useful detailed information
once again need to read it.