शनिवार, 11 अगस्त 2012

Shoulder ,Arm Hand Problems -The Chiropractic Approach

Shoulder ,Arm Hand Problems -The Chiropractic Approach

Many Names For Shoulder Problems

Neuritis ,bursitis ,neuralgia ,rheumatism ,frozen shoulder ,fibrositis ,sprains ,strains ,"poor circulation " and rotator cuff problems are some of the terms used to describe neck ,shoulder and arm conditions.

Neuritis:स्नायु शोथ (आम भाषा में नसों की सोजिश ,सूजन ).इस अवस्था में किसी नस के फूल जाने संक्रमित हो जाने के संग साथ पीड़ा तो होती ही है प्रतिवर्ती प्रति -क्रिया(reflexes) ,आवश्यकता के समय तुरंत सक्रिय हो जाने की कूवत  (रिफ्लेक्सिज़ )भी कमतर होने लगती है .पेशीय आकुंचन (सिकुडन पेशी की ) भी देखी जाती  है .

Bursitis : It is an inflammation of fluid filled sac (bursa)of the body ,particularly at the elbow ,knee ,or shoulder joints.

ज़ाहिर है  इस स्थिति में कोहनी ,घुटना और कंधे में पानी भर जाता है एक थैली में .

Neuralgia:

It is an intermittent and often severe pain in a part of the body that a particular nerve runs through especially  when there is no physical change in the nerve itself .

ज़ाहिर है यह स्थिति किसी नस के दवाब में आने से पैदा हुई है जो असरग्रस्त अंग से गुज़र रही है यही है इम्पिन्ज्मेंट ऑफ़ ए नर्व ,उस नर्व का जो  मेरु दंड की हड्डियों के बीच से निकलके असर ग्रस्त हिस्से तक पहुँच रही है दबे पड़े रहना .दवाब में रह जाना ..

Rheumatism :

Any painful condition of the joints or muscles that is not caused by infection or injury .It is a popular name for rheumatoid arthritis.

जी हाँ संधिवात (संघिवात ) या गठिया (का रोग ) भी कहा जाता है इसे जिसके मूल में न तो कोई संक्रमण रहता है न किसी अंग का चोटिल हो जाना .

Frozen shoulder

It is a condition in which a shoulder joint becomes stiff and painful ,especially after having being kept in one position  for a time .

मैं समझता हूँ धुआंदार चिठ्ठाकारी करने वाले ब्लोगिये इस दर्द से ना -वाकिफ नहीं होंगे जिसमें कंधे का एक जोड़ कड़ा (सख्त )पड़ जाता है .दर्द करता है आराम के वक्त .

(पर क्या करें साहब: बान हारे की बान न जाए ,ब्लोगर लिखे तो लिखता ही जाए .भले आदमी पोश्चर /पहलू  बदल बदल के लिखिए ,कभी खड़े होके ,ऊंचाई पे रख लें लैप टॉप ,बीसम बीस -बीसम बीस -बीसम बीस रूल भी फोलो करें .हर बीस मिनिट बाद लिखने के बीस फीट की दूरी की किसी चीज़ पे २० सेकिंड तक नजर ले जाएँ . आराम मिलेगा .बाजुओं की स्ट्रेचिंग करते रहें इसी दरमियान .).

Fibrositis:

इस स्थिति विशेष में कमर की पेशियाँ कड़ा पन इख्तियार कर लेतीं हैं .पीड़ा होती है इनमें  .

A pain and stiffness ,especially in the back muscles is reffered to as fibrositis.

Sprains :कलाई  या टखने का मोच खा जाना है .

To injure part of your body ,especially your wrist or your ankle by suddenly bending or turning it is sprains .

strains :

स्ट्रेंन भी अत्यधिक उपयोग के कारण शरीर के किसी अंग में मोच आजाना है .किसी काम के लिए कॉफ़ी अधिक मानसिक या शारीरिक श्रम करना भी स्ट्रेंन  ही है .

Rotator   cuff  :The deep muscles of the shoulder and their tendons that connect the arm to the shoulder joint ,encircle it , and provide strength and stability while permitting rotation of the arm .

Rotator cuff की समस्याएं अपना अलग रंग दिखातीं हैं .

Rotator cuff problems

Swimmer's shoulder; Pitcher's shoulder; Shoulder impingement syndrome; Tennis shoulder; Tendinitis - rotator cuff; Rotator cuff tendinitis; Shoulder overuse syndrome


The rotator cuff is a group of muscles and tendons that attach to the bones of the shoulder joint, allowing the shoulder to move and keeping it stable.

Rotator cuff tendinitis refers to irritation of these tendons and inflammation of the bursa (a normally smooth layer) lining these tendons.

A rotator cuff tear occurs when one of the tendons is torn from overuse or injury.


ज़ाहिर है रोटेटर कफ टीयर भी बहुत अधिक श्रम का नतीजा होती है जिससे मांस पेशी को हड्डी से जोड़ने वाली नस फट सकती है .इसका फटना समस्या खड़ी कर देता है .


Poor circulation :


Signs & Symptoms of Poor Circulation in the Feet and Legs
What Are the Symptoms of Poor Circulation in The Legs?


Numbness, Cramping and Coldness

Notice whether there is any coldness or numbness in the extremities. One of the first symptoms of poor circulation is a feeling of numbness that may occur in the hands or feet. You may experience the "pins and needles" sensation that is similar to the feeling of your leg or arm "falling asleep." There may also be cramping and/or coldness of the hands or feet.


आम भाषा में कहें तो हाथ पैरों के धुर सिरों की सुन्नता है यह .

Brain Control :


आखिर नियामक और नियंता, कंट्रोलर है कौन आपके कांधों ,हाथ और बाजुओं का ?आपके पूरे शरीर पूरी काया से आपका दिमाग संवाद करता है .यह काम वह एक संचार सेतु के द्वारा पूरा करता है जो एक विशाल नेटवर्क है तंत्रिकाओं का ,नर्व्ज़ का ,इसे कहतें हैं स्नायुविक तंत्र या नर्वस सिस्टम .


आपके दिमाग से अरबों अरब तंत्रिकाएं एक विशाल पुलिंदे के रूप में निकलतीं हैं इसे रीढ़ रज्जू या मेरु रज्जू (स्पाइनल कोर्ड )कहा जाता है .ये तंत्रिकाए आपकी कमर से होती हुई आपके मेरु स्तंभ (स्पाइनल कोलम ) में दाखिल होतीं हैं .और रीढ़ की हड्डियों के बीच से बाहर निकलके शरीर के तकरीबन सभी हिस्सों तक अंगों तक पहुंचतीं हैं .


Plexus:

कुछ स्नायु (तंत्रिका या नसें )सीधे अपने लक्ष्य तक जातीं हैं लेकिन कुछ और तंत्रिकाएं पहले कुछ और नसों से गठजोड़ कर एक पेचीला नेट वर्क बना लेतीं हैं नसों का ,तब ही अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचतीं हैं .इस जटिल नर्व तंत्र को ही प्लीक्शस कहा जाता है .


Plexus is a network of nerves ,blood vessels or other vessels in the body .

Brachial Plexus

यह बना होता है उन तंत्रिकाओं का जो मध्य और निचली गर्दन और कमर के ऊपरी हिस्से से निकलके आती हैं .ब्रेकिअल प्लीक्शस बनाने के बाद इनकी शाखा प्रशाखाएं निकल के दूसरे हिस्सों तक पहुंचतीं हैं .खासकर कन्धों ,बाजुओं ,कलाइयों ,हमारे हाथों और ऊंगलियों तक पहुँच जातीं हैं .

Brachial Plexus Injury


कई  मर्तबा लोग अपनी जोड़ों और दूसरे अंगों की समस्याओं का ठीकरा  अपनी  बढती उम्र पे फोड़ देतें हैं .जबकि शरीर के और जोड़ और अंग भी तो उतने ही पुराने या उम्र दराज़ हो चुकें हैं .

Irritation to the nerves would be a more accurate analysis.


यानी नसों की जलन  और दर्द सही  बयानी होगी .सही स्टेटमेंट कहा जाएगा .

The  nerves that make up the brachial plexus may be irritated as they exit the spinal column .This may occur when the spinal bones in the neck and upper back  are misaligned and damage the very nerves they are supposed to protect .


क्यों गडबडी हो जाती है मेरु दंड की हड्डियों के परस्पर संरेखण में क्यों मिस -एलाइन हो जातीं हैं स्पाइनल बोन्स ? क्या वजह होती होगी ?


किसी भी तरह की चोट या कोई सदमा पहुंचना इसकी वजह बन सकता है .बचपन की चोटें (चाइल्ड हुड फाल्स )खेल कूद में लगी चोटें ,कार दुर्घटनाएं (especially whiplash -a situation  where the head and neck are suddenly "snapped " forward and backward.).

Injury to the neck :an injury to the muscles ,ligaments ,vertebrae ,or nerves of the neck caused when the head is suddenly thrown forward and then sharply back .

गलत तरीके से बेढंगे पने से सोना भी मेरुदंड को क्षति ग्रस्त कर सकता है .जन्म के समय नवजात पे पड़ने वाला दवाब भी (Birth stress )मेरुदंड की क्षति की वजह बन सकता है ,इसका असर बाजुओं ,कन्धों और हाथों पे पड़ सकता है .

Results of Brachial Plexus Injury


Depending on which plexus nerves are damaged ,different symptoms may be experienced .There may be muscle weakness ,

पेशीय कमजोरी ,गर्दन दर्द या गर्दन का सख्त होजाना दर्द के साथ जो आगे बढ़ता हुआ कन्धों ,बाजुओं ,से होता हुआ हाथ और उसकी ऊंगलियों तक भी पहुँच सकता है .कई मर्तबा गर्दन में कोई दर्द नहीं होगा लेकिन बाजू ,कलाई या हाथ में पीड़ा महसूस होगी .कभी सुन्नता और कभी दर्द का एहसास भी हो सकता है .कभी साथ साथ दोनों का भी ,सुइंयाँ सी चुभती महसूस हो सकतीं हैं कई दफा .

There are strange nerve sensations ("pins and needles").


Other Conditions


Because of the complicated way nerves interrelate ,headache ,migraine ,facial pain ,dizziness ,limited painful or stiff motion of the head and neck ,throat conditions ,thyroid and nasal problems ,epilepsy and even lower back pain have been reported as a result of neck or brachial nerve plexus irritation .


Carpal Tunnel Syndrome (CTS)


इतना आम हो चला है यह संलक्षण ,इसे व्यवसाय -विषयक ,पेशागत बीमारी कहा जाने लगा है .आक्युपेशनल डिजीज बन चला है यह संलक्षण .इसके लक्षणों में हाथ ,ऊंगली और कलाई में झुरझुरी(झुन -झुनी ) और सुन्नता के साथ दर्द का भी होना शामिल है .दर्द की तीव्रता आपकी रातों की नींद हराम कर देती है आप अचानक दर्द से कराहते हुए गहन निद्रा के बीच से उठ जातें हैं एक तडप के साथ . ठीक ऐसे ही लक्षण बाजू के ऊपरी हिस्से ,कोहनी ,कन्धों और गर्दन को भी घेर सकतें हैं .

माहिरों के अनुसार "Faulty enervation caused by spinal joint lesions is one of the main factors in the production of wrist swelling ,carpal tunnel syndrome, (and )

tennis elbow.

To enervate means to weaken somebody,s physical ,mental or moral vitality .

अच्छी और आश्वस्त करने वाली बात यह है ,अब ज्यादा से ज्यादा लोग बिना दवा दारु और चीड फाड़ वाली चिकित्सा पद्धति काइरोप्रेक्टिक का रुख कर रहें हैं CTS के समाधान के लिए .

The Chiropractic Approach


बेशक कंधों ,बाजुओं ,हाथ और कलाइयों को इस चिकित्सा व्यवस्था (काइरो -प्रेक्टिक ) से राहत मिलने का दस्तावेजों में ज़िक्र है ,लेकिन काइरो -प्रेक्टिक इन समस्याओं का इलाज़ नहीं है .

The   Chiropractic approach to shoulder and hand problems ,carpal tunnel syndrome ,brachial plexus injury or to any health problem is to analyse your body structure to locate and correct nerve -damaging structural condition called the subluxation .

ज़ाहिर है इस चिकित्सा के मूल में subluxations का ही निवारण है .जिनके बने रहने से शरीर को बहु बिध नुकसानी उठानी पड़ती है ,यहाँ किसी भी अंग की नस दबे रहने का मतलब है स्नायुविक  नुकसानी  ,संरचनात्मक समस्या है यह जो स्नायु को ही नष्ट कर डालती है अन -देखी होने पर नर्व इम्पिंज मेंट की .


Subluxation Complex(SC)


SC मेरुदंड की अस्थियों के मिस -एलाइन -मेंट (अस्थियों के परस्पर संरेखन खराब हो जाने ,या मेरु -दंड विक्षोभ )को कहा जाता है . अस्थियों  का परस्पर समायोजन खराब हो जाने पर तंत्रिकाओं (स्नायुओं ,नसों ),अस्थियों या हड्डियों पर ,अश्थी बंधों ,डिस्क्स और मांसपेशियों को अस्थियों से जोड़ने वाली नसों  (टेनडन ),पेशियों ,ऊतकों और भीतरी अंगों पर दवाब आजाता है .हमारा नर्वस सिस्टम संयोजक है ,संगठन करता है  ,)व्यवस्थित करता है तमाम काया को , .समुचित प्रकार्य ज़रूरी करते रहना ज़रूरी है हमारी पूरी काया का .तभी हम भौतिक  और स्नायुविक तौर पर स्वस्थ रह पायेंगे .इसको किसी भी प्रकार की क्षति गंभीर नतीजों के रूप में सामने आती है .

काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा पद्धति के माहिर का काम इन मेरु -दंड सम्बन्धी विक्षोभों (सब -लक-सेशंस )का पता लगाकर काया को इनसे मुक्त करवाना है .रीढ़ की हड्डियों का परस्पर यह पुनर -समायोजन न हो पाने पर सब -लक सेशंस के बने रहने पर कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएँ आ घेरतीं हैं .काया की दुरुस्ती हीलिंग  में भी व्यवधान पैदा हो जाता है .काया की जन्म जात प्रज्ञा का धीरे धीरे क्षय होने लगता है .
After your chiropractor has located your subluxations he or she will "adjust " or correct them .This will release structural and nerve pressure and help restore the healthy flow of nerve impulses between your brain and your body parts and help rebalance your system .

शरीर के अस्वस्थ संरचनात्मक ढाँचे की अनेक समस्याओं से वक्त रहते बचा जा सकता है ,ज्यादा गंभीर समस्याओं को मुल्तवी भी रखा जा सकता है यदि आप और आपका परिवार काइरो -प्रेक्टिक स्पाइनल हेल्थ चेक अप के लिए आवधिक तौर पर (साल में एक बार )पहल करते रहें .

सेहत के बारे में एक चीनी लोकोक्ति है :यदि सेहत से जुडी छोटी छोटी समस्याओं पर ध्यान दिया जाए तो बड़ी समस्याओं से बचे रहा  जा सकता है . 

4 टिप्‍पणियां:

मनोज कुमार ने कहा…

मैं समझता हूँ धुआंदार चिठ्ठाकारी करने वाले ब्लोगिये इस दर्द से ना -वाकिफ नहीं होंगे जिसमें कंधे का एक जोड़ कड़ा (सख्त )पड़ जाता है .दर्द करता है आराम के वक्त .
बिल्कुल - इससे पीड़ित हूं। समाधान?
आपके इस आलेख ने काफ़ी डरा दिया है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अब समाधान क्या है ऐसी सब बातों का .. ध्यान रखना तो ठीक है ... आगे क्या ...
राम राम जी ...

veerubhai ने कहा…

.नासवा साहब सालाना व्यापक चिकित्सा जांच में रीढ़ की जांच भी शामिल रखी जाए ताकि संभावित सब -लक-सेशंस (रीढ़ विक्षोभ /विरूपण )की जांच और तदनंतर समाधान मिल सके .

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आपकी पोस्टें डाक्टर बनाकर ही छोड़ेंगी हमें..