गुरुवार, 9 अगस्त 2012

औरतों के लिए भी है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली

औरतों  के लिए भी है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली  

गत सौ सालों से महिलाओं ने अपनी सेहत की बेहतर संभाल के लिए   सर्वथा प्राकृत ,सुरक्षित ,गैर -चिकित्सीय ,दवा दारु के बिना ही संपन्न होने वाली चिकित्सा प्रणाली "काइरोप्रेक्टिक "की  ओर रुख किया है .इस आलेख में हम देखेंगे ,किस प्रकार यह चिकित्सा व्यवस्था स्त्री -रोगों यथा पूर्व मासिक संलक्षण (Pre-menstrual syndrome),मासिक  से  जुडी तकलीफ देह स्थितियों ,ऐंठन ,पीड़ा ,कष्टकर और भोजन ,द्रव या गैस अन्दर होने से फूला हुआ पेट ,पेट का अफारा ,रजो -निवृत्ति ,यौन -विमुखता या पूअर सेक्सुअल रेस्पोंस ,बांझपन (इन -फर्टिलिटी )तथा प्रजनन से ताल्लुक रखने वाली दूसरी तकलीफों ,दुश्चिंताओं से छुटकारा दिलवाने में कारगर सिद्ध होती है .

Spine ,Nerves And Sexual Organs 

किसी  भी महिला के बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य के लिए उसके अंडाशय (ओवरीज़ ),गर्भाशय या बच्चे दानी ,अंडाशय से बच्चे दानी तक ओवम (डिम्ब या मानव अंड )लाने वाली अंड -वाहिनियों  ,बच्चेदानी की गर्दन या गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स ),योनी ,गंथियाँ तथा सम्बद्ध संरचनाओं तक एक निर्बाध और संपुष्ट ,हेल्दी स्नायुविक आपूर्ति ,नर्व सप्लाई  दिमाग और मेरु रज्जु(मेरु दंड में स्थित शिराएँ जो शरीर के सब अंगों को मस्तिष्क से जोड़तीं हैं )यानी स्पाइनल कोलम से निर्बाध होती रहनी चाहिए .

प्रजनन अंगों के अलावा अन्य अंगों का भी प्रजनन स्वास्थ्य में अपना महत्व रहता है .इन अंगों तक भी एक पुष्टिकर नर्व सप्लाई मेरु दंड (स्पाइन )से होती रहनी चाहिए .मसलन यकृत को ही लीजिये इसका काम हारमोन और अन्य रसायन तैयार करते रहना है इनका समुचित गर्भाशयीय स्वास्थ्य (यूटेराइन हेल्थ )और यौन स्वास्थ्य से सीधा सम्बन्ध रहता है .

What Chiropractors Do

Chiropractors free you from a severe form of stress locked up in your body called a vertebral subluxation(VS).A VS is a distotion inside your spine affecting your brain ,spinal cord ,nerves ,joints ,ligaments ,muscles ,internal organs and tissues. A VS can cause disturbed body function ,lowered resistance to disease ,lack of energy ,loss of height and premature aging.

आपकी काया में संचित हुए एक ख़ास किस्म के दवाब को हटाता है काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा व्यवस्था का माहिर (काइरोप्रेक्टर ).इस दवाब को कहा जाता है  Vertebral subluxation ,रीढ़ की सुव्यवस्थित अश्थियों में विक्षोभ का पैदा होना .यह विचलन आपके मेरुदंड का है .आपके दिमाग को सीधे सीधे असर ग्रस्त करती  है यह बाधा ,गडबडी .मेरु रज्जु (स्पाइनल कोर्ड ),शिराएँ (स्नायु या नसें ,तंत्रिकाएं ) ,हमारे कायिक जोड़ ,अश्थी बंध (हड्डियों  को जोड़ने वाले ऊतक ,स्नायु अस्थि बंध या लिगामेंट्स ),पेशियाँ ,अंदरूनी अंग ,ऊतक सभी तो इस बवाल से  से प्रभावित होतें हैं .फलत : शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता छीज जाती  है .जान (ऊर्जा का अभाव )नहीं रहती है शरीर में ,उम्र से पहले ही आप बुढ़ाने लगतें हैं .काया ठीक से काम ही नहीं करती .

किसी भी महिला के VS की चपेट में आजाने पर मय शरीर के दूसरे अंदरूनी हिस्सों के उसके प्रजनन अंग भी अपना काम ठीक से नहीं कर पाते .उसकी सारी  बोडी केमिस्ट्री (आंगिक मुद्राएँ   ),हारमोनों का बनना चौपट होने लगता है .अलावा इसके अंडाशय ,अंडवाहिनी नलिकाओं ,गर्भाशय इतर कायिक संरचनाओं का परस्पर रिश्ता तबदील होने लगता है .ऐसे में अंग समुचित तौर पर काम करें तो कैसे ?

काइरोप्रेक्टर ही वह माहिर है जो इन विक्षोभों से असर ग्रस्त अंग को भांप कर उसकी दुरुस्ती कर सकता है .समायोजन कर सकता है अश्थियों के खो गए तालमेल का ,तंत्रिका- दर- तंत्रिका चलने वाले सम्प्रेषण- संवाद का .कायिक- प्रसारण का .  



Hysterectomy (गर्भाशय उच्छेदन  ,गर्भाशय तराशी ,काटके फैंक देना बच्चे -दानी को  )

गर्भाशय उच्छेदन 

स्त्री -रोगों से आजिज़ आ चुकी ६,००,००० अमरीकी महिलाओं को हर साल गर्भाशय उच्छेदन करवाना पड़ता है .साथ में अंडाशय भी हटाना पड़ सकता है .इनमें  से कितनी ही महिलायें तीस साल से  भी कम उम्र की रहतीं हैं .अमरीका में बच्चेदानी उच्छेदन की औसत उम्र वैसे ४२ वर्ष है .

National Uterine Fibroid Association के मुताबिक़ हरेक एक लाख गर्भाशय उच्छेदन प्रक्रिया में ११ महिलायें मर जातीं हैं .

Unnecessary Surgery 

"These operations are are almost unnecessary ," says Nora W. Coffey ,president of the Hysterectomy Education Resources and  Services Foundation (HERS). Stanley West ,MD writes ,"More than 90% of all hysterectomies are unnecessary .Worse , the surgery can have long -lasting physical ,emotional , and sexual consequences  that may undermine .....health  and well -being.

माहिरों के अनुसार ज्यादातर मामलों में यह प्रोसीज़र गैर -ज़रूरी होता है (९०% से भी ज्यादा ) जिसके अवांछित सदैव बने रहने वाले संवेगात्मक ,भौतिक और यौन सम्बन्धी परिणाम भुगतने पडतें हैं . 

Ms . Coffey: "The HERS Foundation has referred 16,000 women ....who ....had been told they needed hysterectomy (and ) 98% of these women were told they did not need hysterectomy .They were treated either medically or by re -constructive surgery , and quite often no treatment was needed ."  "hysterectomy should have been abandoned in the Dark ages,"she says.

Post -Hysterectomy Changes

अकसर ज्यादा तर महिलाओं को यह नहीं बतलाया जाता है कि गर्भाशय उच्छेदन के बाद उनके श्रोणी प्रदेश (Pelvis) और नितम्बों की अस्थियाँ(Hip bones Widen) धीरे -धीरे चौड़ी हो जायेंगी और उनकी वेस्ट लाइन ,स्कर्ट्स और पेंट का साइज़ दो साइज़िज़ तक बढ़ सकता है . 

ऐसे में सारे कंकाल का ही एलाइन -मेंट (संरेखण )बिगड़ जाता है .नतीजा होता है निचली कमर (कमर के निचले हिस्से ),नितम्बों और जोड़ों का दर्द .इस गैर -ज़रूरी शल्य कर्म के दूसरे अवांच्छित परिणाम होतें हैं भूख का कम होना ,मर जाना भूख का ,यौन इच्छा में कमी (यौन सम्बन्ध विमुखता ),मूत्र त्याग के संयम का अभाव ,मलत्याग में मुश्किलातें (Bowel problems ),आईसी फीट एंड टोज़,अश्थियों और जोड़ों में दर्द ,कमर के नीचे स्पर्श संवेदन अनुक्रिया का अभाव ,याददाश्त क्षय ,अवसाद (डिप्रेशन ).

खुद चिकित्सक भी ना -वाकिफ रहतें हैं इन पार्श्व प्रभावों से .

One MD (undoubtedly speaking for many says :" I was taught that castration (removal of ovaries ) does not affect a women' s sexuality , but women tell quite another story."

Menopause And HRT 

रजो -निवृत्ति और कथित हारमोन पुनर स्थापन चिकित्सा 

कितने ही डॉ इस सहज स्वाभाविक कायिक परिवर्तन (रजो -निवृत्ति )को एक बीमारी बतलाके अवांच्छित ड्रग थिरेपी (रसायन चिकित्सा ) तजवीज़ कर देतें हैं जिसमें हारमोन रिप्लेसमेंट थिरेपी भी शामिल रहती है .ये तमाम ऐसी प्रायोगिक दवाएं हैं जिनके अवांच्छित परिणाम साल दर साल सामने आते रहें हैं .आते रहेंगे .मसलन बारहा बतलाया गया HRT स्तन कैंसर ,दिल के रोग ,अल्जाइमार्स ,डिमेंशिया यहाँ तक की स्ट्रोक की भी वजह बनती है .,उन महिलाओं में जो बाकायदा इनका (इन दवाओं का )सेवन धार्मिक अनुष्ठान के रूप में करतीं हैं .

Chiropractic For Women 

बांझपन  हो  या इन -फर्टिलिटी की आम समस्या ,श्रोणी प्रदेश (Pelvis pain ) की पीड़ा ,चिडचिडा -पन रहा हो या आम बैचैनी या फिर अवसाद ,भले हॉट फ्लेशिज़ हों ,कमर या जोड़ों का दर्द रहा आया हो ,थकान रही हो या फिर माहवारी का आधा अधूरा प्रकार्य रहा हो ,दूसरी मेडिकल कंडीशन हों महिलाओं ने काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा का लाभ उठाया है .
कुछ रिसर्चरों के अनुसार पेल्विक ओर्गेंन फंक्सन में आईं खराबियां और इनका प्रबंधन इस चिकित्सा के तहत कामयाब रहा आया है .इसके लक्षणों में मूत्राशय ,मलाशय ,बाउल ,गाईनेकोलोजिकल और सेक्स्सुअल डिसफंक्शन के प्रगट लक्षण भी रहें हैं .

सारांश तय : कहा जा सकता है -

एक स्वस्थ रीढ़ या मेरु -दंड स्वस्थ प्रजनन तंत्र की पहली शर्त है .महत्व पूर्ण है महिलाओं  के लिए मेरु दंड की सालाना जांच .ताकि प्रजनन स्वास्थ्य के ठीक ठाक होने न होने का इल्म हो सके .

Low Back Anatomy

As you can see from the image below, your back, or spine, is made up of many parts. First, we're going to look at the bone structures. Your backbone, also called your vertebral column, helps support a lot of your body weight, and it protects your spinal cord. You have 33 vertebrae (bones) that make up the vertebral column. Weight from your body is supported by the vertebral column. The vertebral bodys and discs bear 33% of the weight and the facet joints each bear another 33% when in a normal neutral upright position. In the image, they're labeled as "Vertebral Body."
spine_anatomy


8 टिप्‍पणियां:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

Informative Post....

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

ज्ञानभरी पोस्ट..

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बढ़िया विवरण |
आभार भाई जी ||

Anita ने कहा…

महिलाओं की सेहत के लिये रीढ़ की हड्डी का स्वस्थ होना जरूरी है..काइरोप्रेक्टिक चिकित्सा प्रणाली पर एक उपयोगी पोस्ट !

रविकर फैजाबादी ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

Trupti Indraneel ने कहा…

उपयुक्त ...
can you pls elaborate how to choose Chiro practitioner ?

DrZakir Ali Rajnish ने कहा…

बहुत ही उपयोगी जानकारी है। आभार।

सुशील ने कहा…

वीरू भैय्या जब भी आते हैं
कुछ नया ही लेकर आते हैं
ज्ञान बढा़ते हैं बहुत प्यार से
समझाते चले जाते हैं !!