बुधवार, 14 दिसंबर 2011

दमखम बनाए रहने और खुश रहने के लिए फूड्स कोम्बो .

जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए दमखम के साथ आपका खुश रहना भी ज़रूरी है यहाँ हम कुछ ऐसे खानों की तिकड़ी प्रस्तुत कर रहें हैं जिनका 'कोम्बो 'न सिर्फ आपको ऊर्जावान रखेगा ,अवसाद और उदासी से भी निपटेगा रात को घोड़े बेचके सोने में भी विधाई भूमिका निभाएगा .
POWER OF THE THREE /TO LEAD A QUALITY LIFE YOU NEED TO BE ENERGETIC AND HAPPY .THERE ARE MAGIC FOODS THAT CAN HELP YOU WHEN CLUBBED IN A TRIO/MUMBAI MIRROR /DEC 13 ,2011/P21.
दिन भर ऊर्जित रहने के लिए (FOODS TO BOOST ENERGY)
दिन भर में ऐसा वक्फा आता ही है जब शरीर में बे दमी का एहसास होता है चाहे बाद दोपहर या फिर कसरत के लिए जाते आते .यदि ऐसी ही बेदमी महसूस होती है और आपका ध्यान किसी भी काम में टिक नहीं पा रहा है मन रम नहीं रहा है तब ऐसा कुछेक विटामिन बी की कमी के कारण भी हो सकता है .ये विटामिन समूह न सिर्फ दिमागी क्षमता के उच्चतर स्तर को बनाए रहतें हैं शरीर को कार्बोहाईद्रेतों को ग्लूकोज़ में तोड़ने में भी मदद करतें हैं .ताकि शरीर को बराबर ईंधन (ऊर्जा )मिलती रहे .इसे हासिल करने के लिए अपनी खुराक में ओट मील्स(ओट पौरीज़ ,दूध में ओट को पकाके दलिया )शामिल कीजिए .सुबह के नाश्ते में शामिल कीजिए ओट पुरीज़ .
बेशक डार्क चोकलेट हार्ट डिजीज के खतरे के वजन को कमतर रखती है लेकिन यह झुर्रियों को भी मुल्तवी रखती है तथा आपके मिजाज़ को भी खुशनुमा बनाए रहती है .मूड बूस्टर है .
इसमें मौजूद है एक उद्दीपन पदार्थ थिओब्रोमिन तथा साथ में केफीन .कई लोकप्रिय पेय भी इससे लैस रहतें हैं .
चुकंदर का ज़वाब नहीं :दमखम देर तक बनाए रखने के अलावा यह कई पुष्टिकर तत्वों यथा मैग्नीशियम आयरन विटामिन सी तथा नाइट्रेट से युक्त है .इसका शक्कर बहुल होना फौरी तौर पर तब ऊर्जा मुहैया करवाता है जब इसकी ज़रुरत होती है .
अवसाद और उदासी से बचे रहने के लिए (FOODS TO BEAT THE BLUES.):
दिन में कभी कभार ऐसा वक्फा ऐसे लमाहात भी आतें हैं जब हम एक दम से बे -चैनी और उदासी से घिर जातें हैं .चिडचिडा -पन आ घेरता है हमें .इसी से बचाव के लिए है MARMITE .इसकी एक खुराक विटामिन बी से भरपूर रहती है .मिजाज़ को एकदम से बदल देती है .इसमें मौजूद विटामिन बी १२ और विटामिन बी ६ सेरोटोनिन बनातें हैं जो मिजाज़ को दुरुस्त रखने में मददगार सिद्ध होतें हैं .
तैलीय मच्छी ओमेगा थ्री वसीय अम्लों से सनी होने की वजह से दिल की सेहत के लिए अच्छी रहतीं हैं .अलावा इसके दिमाग की सेहत और मिजाज़ पुरसी में भी सहायक सिद्ध होतीं हैं .एक हालिया अध्ययन से यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के खून में ओमेगा थ्री फेटि एइड्स का स्तर न्यूनतर बना रहता है वह अवसाद ग्रस्त अक्सर हो सकतें हैं इनका नज़रिया भी नकारात्मक रह सकता है .
केले ऊर्जा देतें हैं इनका सुगर बहुल रहना आपको ऊर्जित रखता है .लो एनर्जी लेविल को दुरुस्त करता है .अलावा इसके केले में होता है TRYPTOPHAN जो एक आवश्यक वसीय अम्ल है और सेरोटोनिन के स्तर को बढाए रखकर हमारे मूड को भी दुरुस्त रखता है .मसल क्रेम्प्स से भी निजात दिलवाता है .
अनिद्रा को दूर रखने के लिए (FOODS TO HELP YOU SLEEP):
आधुनिक जीवन की सौगात है अनिद्रा .हमारा खान पान भी हमें ठीक से सोने में मदद कर सकता है . रात के खाने में दूध दही शामिल कीजिए सोने से पहले दूध पीजिए .दूध में होता है TRYPTOPHAN जो शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन के स्तर को भी बढाता है और खुद में एक आवशयक अमीनो अम्ल भी है ट्रिप्टोफेन.ये दोनों ही नींद लाने में सहायक सिद्ध होतें हैं सेरोटोनिन तथा मेलाटोनिन .
रात के खाने में स्वीट दिश के रूप में ओट पुरीज़ को भी जगह दीजिए :ओट मेला -टोनिन का कुदरती खज़ाना है .यह हमारी आंतरिक घडी जैविक लय को बनाए रखने क लिए उत्तम है .दूध के साथ लेने पर यह ट्रिप्टोफेन भी मुहैया करवाता है .
अलसी के बीज (FLAX SEEDS):
इनमे ट्रिप्टोफेन और ओमेगा थ्री वसीय अम्लों का डेरा है .इसीलिए इन्हें हमारी नींद के विनियमन में मददगार पाया गया है .सेरोटोनिन के उत्पादन को इसीलिए यह बढातें हैं .जो नींद लाने में मददगार रहता है .इन बीजों में मौजूद ओमेगा थ्री फेटि एसिड्स बे -चैनी और उदासी ,अवसाद को भगातें हैं .स्ट्रेस के स्तर को भी कमतर करतें हैं जो अनिद्रा की वजह बनतें हैं .

6 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अभी तक चॉकलेट खाने में थोड़ा संकोच सा होता था, अब आपके दम पर खायेंगे।

डॉ टी एस दराल ने कहा…

खाने के बारे में बहुत अच्छी जानकारियां दी हैं ।
लेकिन जहाँ तक हो सके प्राकृतिक पदार्थों का सेवन ही बढ़िया रहता है ।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मूड बूस्टर ...ये जानकारी भी अच्छी दी है आपने ... बदलाव लाने पड़ेंगे ...

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरू भाई ! राम-राम ...
आज की पोस्ट में तो सब कुछ हमारे खाने लायक है| बस आज से नही, अभी से आप की हिदायतों पे अमल शुरू ...
आभार !

"जाटदेवता" संदीप पवाँर ने कहा…

वीरु जी, राम-राम भाई के लेख में हमेशा की तरह बेहद काम की बात बतायी है, आगे से ध्यान रखूँगा।

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

खानपान का बदलाव कितना कुछ बदल सकता है..... बढ़िया जानकारी