मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

औरत के दिल के लिए दुखदाई बना है गाँव से शहर की ओर पलायन .

औरत के दिल के लिए दुखदाई बना है गाँव से शहर की ओर पलायन .
(Heart ailments bane of women migrants :Study)./TIMES CITY /SUNDAY TIMES OF INDIA ,MUMBAI,DEC11,2011/P.5).
भारत सरकार के विज्ञान और प्रद्योगिकी विभाग के सहयोग से संपन्न एक अध्ययन के अनुसार औरत की सेहत के लिए शहरी पलायन अनिष्टकारी बना हुआ है . यह अध्ययन जानपदिक रोग विज्ञान के प्रपत्र JOURNAL OF EPIDEMIOLOGY AND COMMUNITY HEALTH के आगामी अंक में प्रकाशित होगा .
अध्ययन के नतीजे भारत भर में होने वाले शहरी पलायन से ताल्लुक रखतें हैं .किसी एक अंचल विशेष से नहीं .इसीलिए मुंबई हो या दिल्ली झुग्गी झोंपड़ी में बसर करने वाली महिला के लिए अस्वास्थ्यकर जीवन यापन का ढर्रा मोटापे ,मधुमेह तथा परिहृदय रोगों के जोखिम के वजन को बढ़ा रहा है शहर में रहने वाली महिलाओं के बरक्स .
फोर्टिस अस्पताल दिल्ली के अनूप मिश्रा इस अध्ययन के समन्वय करता है CO-ORDINATOR हैं . बकौल अनूप जी शहर की ओर पलायन जीवन शैली में आए बदलाव के साथ रोगों की रूप रेखा खाके DISEASE PROFILE को भी बदल रहा है .
दिल्ली के झौंपड पट्टों में किए गए एक छोटे से अध्ययन से ही इस बात का इल्म हो गया था कि औरतों में मोटापा और मधुमेह (DIABETES)बे -हिसाब बढ़ रहा है .इसके बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नै दिल्ली तथा जयपुर और दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के रिसर्चरों की एक सांझा टीम ने पलायन के प्रभावों की विस्तृत पड़ताल की .पता लगाया हृदय रोगों पर इस शहर उन्मुख पलायन का क्या असर पड़ रहा है .
२००८ तक के चार सालों में इस टीम ने जयपुर और दिल्ली आ बसी ३५-७०साला महिलाओं की सेहत की पड़ताल की .
OBESITY के अलावा कमर के घेरे का माप (WAIST CIRCUMFERENCE),खून में घुली शक्कर और चर्बी (LEVEL OF GLUCOSE AND CHOLESTROL) का जायजा लिया गया .अलावा इसके इनकी आम रहनी सहनी की भी पड़ताल की गई .दैनिकी का हिसाब लिया गया .
इन सभी का BODY MASS INDEX (BMI)ज्यादा पाया गया . ABDOMINAL OBESITY की ओर प्रवृत्त ,मोटापे की ओर रुझान देखा गया इन सभी में .दिल की बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा हुआ मिला इन सभी में .
मुंबई के हृद रोगों के एक वरिष्ठ माहिर डॉ .अश्विन मेहता के अनुसार गाँव से शहर की ओर पलायन प्रवास हृद रोगों के लिए एक ज्ञात जोखिम रहा है .
कुछ दशक पहले अमरीका में संपन्न अध्ययनों में वहां जा बसे भारतीयों में स्थानीय आबादी के बरक्स ज्यादा जोखिम देखा गया परिहृदय धमनी रोगों का(CORONARY ARTERY DISEASES )का .
अश्विन के अनुसार जीवन शैली और खानपान की आदतों में आए आकस्मिक बदलाव इसकी वजह बनतें हैं .रोगों की रूप रेखा पर इसका बेहद खराब असर पड़ता है .
जापान में भी खान पान में आए बदलावों को अनेक अध्ययनों में परिहृदय रोगों का कारण बनते देखा गया है जबकि वहां उदर कैंसर
(आमाशय कैंसर STOMACH CANCER)ज्यादा लोगों की जान लेता रहा है .
संदर्भित नवीनतर अध्ययन में भी शहर की ओर गाँव की दौड़ को SEDENTARY LIFE ,चिकनाई सनी खुराक ,पेट में बढती चर्बी ABDOMINAL OBESITY की एक एहम वजह पाया गया है उन ४००० औरतों में जिन पर यह अध्ययन किए गएँ हैं .
शहर में बरसों से रहती आई औरतों ने इस समस्या को समय रहते भांप कर अपनी जीवन शैली को कमोबेश सुधार लिया था .कसरत और स्वास्थ्यकर खानपान को तवज्जो दे दी थी .
लेकिन गाँवों से शहर में प्रवास ने केवल और केवल गलत आदतों को ग्रहण करने नक़ल करने के लिए प्रेरित किया .नतीजा सामने है . हृद रोगों की सौगात और मधुमेह .

5 टिप्‍पणियां:

यादें....ashok saluja . ने कहा…

वीरुभाई राम-राम ! ज्ञान से भरपूर जानकारियां दे कर आप सब छोटे-बड़ों को स्वास्थ्य के प्रति सजग कर रहें हैं |अब फायदा उठाना तो सब के अपने-अपने हाथ है....???
आभार आपका !

डॉ टी एस दराल ने कहा…

बात तो सही कही है वीरुभाई जी । हालाँकि फोर्टिस जैसे अस्पताल में इलाज के लिए जाने वाले लोग तो पहले से ही मोटापे के शिकार होते हैं ।

रविकर ने कहा…

आपकी इस सुन्दर प्रस्तुति पर हमारी बधाई ||

terahsatrah.blogspot.com

Maheshwari kaneri ने कहा…

स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की जो आप राह दिखाते हैं..बहुत बहुत धन्यवाद वीरुभाई ...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

रोजी रोटी में गँवाया जाता स्वास्थ्य।