शनिवार, 27 अप्रैल 2013

Fire in your tummy ?

Milkshakes and even a poor posture can cause acidity .Read on to find out What's burning your stomach 

एसिडिटी (अपच के कारण आने वाली डकारें ,खट्टापन ,अम्लता ,तिक्तता ,अम्ल रोग )को हलके में न ले .जिस बीमारी को  चिकित्सा शब्दावली में dyspepsia बदहजमी ,अजीर्ण ,मंदाग्नि ,अपच आदि नामों से पुकारा जाता है लापरवाही बरतने इलाज़ न करवाने पर जी का जंजाल बन जाती है .जोड़ों के दर्द से लेकर Arthritis ,osteoporosis बोले तो अस्थिभंगुरता ,अश्थियों की दुर्बलता ,अस्थि सुशिरता की भी यह वजह बन सकती है .गुर्दों में पथरी की  भी .

सही समय पर सही सेहत के अनुरूप और संतुलित भोजन और हल्का व्यायाम इसे मुल्तवी रख सकता है अलबत्ता यहाँ भी भोजन क्या किसके साथ खाना है नहीं खाना है ,फ़ूड कोम्बिनेशन का  भी ध्यान रखा जाना चाहिए .

KNOW YOUR PH BALANCE

A pH number -potential Hydrogen -is reflective of the acidic or alkaline nature of a liquid and our bodies are by nature alkaline .

हमारा शरीर स्वभावतया क्षारीय प्रकृति का है किसी तरल की अम्लीय या फिर क्षारीय प्रकृति का सूचक होता है pH मान (अंक ).

अलबत्ता हमारा आमाशय (उदर ,पेट )अम्ल का स्राव करता है ताकि हमारे द्वारा ग्रहण किया गया भोजन ठीक से पच सके .

डॉ पुरुषोत्तम वशिष्ठ कहतें हैं -जब भी हम कुछ खाते हैं पेट के अस्तर की कोशाएं अम्ल सींचती  हैं ताकि खाना तरल में लिपट सके .यह खाए हुए भोजन के प्रति हमारे अमाशय की एक सहज प्रतिक्रिया होती है .आप मुलुंड फोर्टिस अस्पताल मुंबई में उदरआंत्र विज्ञान के सलाहकार चिकित्सक हैं ,gastroenterologist हैं .

ALKALINE AND ACIDIC FOOD 

बकौल पोषणविज्ञानी अंजू वेंकट सभी खाद्य अपने स्वभाव में क्षारीय ही होतें हैं .लेकिन जब उनकी प्राकृत अवस्था के साथ छेड़छाड़ की जाती है उन्हें तरह तरह से पकाया और संशाधित किया जाता है ,परिरक्षित किया जाता है ,या फिर गलत पाचन के हिसाब से गलत कॉम्बिनेशन में तैयार किया जाता है तब इनकी प्रकृति अम्लीय हो जाती है .आप हेल्थ अवेअरनेस सेंटर वरली में कार्यरत हैं .

बेशक ज्यादातर अवसरों पर हमारा उदर अम्ल को बेअसर (उदासीन )बना देता है लेकिन कई मर्तबा पेट का काम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है .

SIT UPRIGHT  
गलत मुद्रा गलत हिसाब से बैठने की हमारी आदत भी कई मर्तबा अम्लता की वजह बन जाती है .शरीर में अम्लता का स्तर बढ़ा देता है गलत ढंग से बैठना .

अपने डेस्क के गिर्द  बाहें लटकाके झुक के बैठना ऊंची एड़ी के फेशनेबुल सैंडिल पहनना पहने रहना भी अम्लता की वजह बन जाती है .ज्यादा तेज़ाब बनाता है इन स्थितियों में हमारा शरीर .

दर्दनाशी ,एंटीबायटिक्स खून को पतला रखने वाली दवाएं भी अति -अम्लता (Hyperacidity )की वजह बन सकतीं हैं .

फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त रहने वाले लोग गुर्दों के ठीक से काम  न कर पाने से पैदा रोग से ग्रस्त लोग अम्लता के असर में आ सकते हैं .

पित्ताशय की पथरी (Gall stones)भी पेट में ज़रुरत के हिसाब से ज्यादा तेज़ाब बना सकती है .

नीदं शरीर को शीतल रखने का ज़रिया बनती है .यह अम्ल और क्षार में संतुलन स्थापित करती है .

कम सो पाना देर से सोना शरीर में तेज़ाब के  स्तर को बढ़ा सकता है .

ज़रुरत  से ज्यादा पानी पीना भी  पोषण संतुलन को ढीला, शलथ कर देता है ऐसे में तेज़ाब को बे असर करने के लिए शरीर में पर्याप्त ऊर्जा नहीं बचती है .

Drinking too much water dilutes the nutritional balance within the body leading to lack of energy available for neutralising the acid .

कई मर्तबा अम्लता पेट और आंत में ट्यूमर(रसौली ,ऊतकों की असामान्य वृद्धि ) पनपने का लक्षण भी हो सकती है .अम्लता लगातार बने रहने पर इसकी अनदेखी न करें .गैस्ट्रोएन्टेरोलाजिस्ट के पास जाएं इलाज़ के लिए .

बेहिसाब से काम करते करते थक के चूर हो जाने पर भी अम्लता पैदा हो सकती है .

Over exertion can also get those cells in your stomach to start churning out of turn.

FRUITS SALADS ARE A BIG NO 

Mangoes are served as desserts ,but insist on eating them half an hour before meals or two hours later .Experts say fruits must always be eaten on an empty stomach .Milk shakes ,fruits as desserts ,fruit juices with meals -all lead to fermentation .

आम खाना खाने से आधा घंटा पहले या फिर दो घंटा बाद खाइये ,स्वीट डिश ,मिष्ठान्न  के बतौर खाने के बाद नहीं .बेहतर हो नाश्ते में लें फल .खाने के साथ जूस आदि लेना किण्वन पैदा कर सकता है .

DON'T GO NUTS OVER DRY FRUITS 

Dry fruits are fruits with water removed from them like dates ,figs ,raisins ,cranberries ,prunes and have high glucose content.Nuts -seeds of plants like almonds ,cashews walnuts -are oily in nature .The two don't mix and when eaten together ferment ,thus producing acid.

MULTIGRAIN NOT A GOOD IDEA 

You thought a little bit of nachni and jowar in your atta was healthy .Experts differ .They say the new fad of eating multiple grains together (multigrain breads and multigrain attas )extends the process of digestion ,generating more acid in stomach .

EAT YOUR GREENS 

Salads help the stomach produce digestive enzymes (which are alkaline ),that neutralise the acid created when stomach is digesting cooked food.



11 टिप्‍पणियां:

सदा ने कहा…

उपयोगी जानकारी देता यह आलेख ...
सादर

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

प्रथम दृष्ट्या असंबद्ध दिखने वाली चीज़ें भी अम्लता बढ़ा जाती हैं।

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही बेहतरीन उपयोगी टिप्स दियें हैं.लिमिट से ज्याद पानी पीना भी लाभप्रद नही होता है.

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

अच्छी जानकारी ...ये तो आजकल आम समस्या है |

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत उम्दा जानकारी देती उपयोगी प्रस्तुति!!!
Recent post: तुम्हारा चेहरा ,

Sunitamohan ने कहा…

aapne to bahut sari bhrantiyan door kar din, khaaskar dry fruits with nuts (i like to eat nuts with kishmish and khajoor) aur bhi bahut kuchh..thats why i like this blog.

Anita ने कहा…

बहुत ही उपयोगी लेख, अम्लता तो आज की बड़ी समस्या है

Vikesh Badola ने कहा…

महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुवार स्‍वास्‍थ्‍य समाचार।

smt. Ajit Gupta ने कहा…

महत्‍वपूर्ण जानकारी। इस बारे में और अधिक जानकारी की आवश्‍यकता है।

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी सही खान पान के विषय में. सभी इस समस्या से जूझ रहे होते हैं.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

लाजवाब नुस्खे दिए हैं आपने ...
आम घर घर ले सदस्यों की समस्या है ...
राम राम जी ...