सोमवार, 29 अप्रैल 2013

सेहतनामा


सेहतनामा 

(१)Researchers found that  tree nuts (almonds ,cashews and walnuts )consumption was associated with a better nutrient profile ,lower body weight and lower prevalance of metabolic syndrome ,and a decrease in cardiovascular risk factors compared to those seen among non -consumers .

बादाम ,काजू अखरोट जिनकी खुराक में शामिल रहता है उनकी खुराक में सामन्यतया भी पुष्टिकर तत्व ज्यादा रहते हैं बरक्स उनके जिनकी खुराक में ये मेवे शामिल नहीं हैं .मेवे तृप्ति देते हैं .जो लोग इनका सेवन नहीं करते अमूमन अला बला जंक भी  ज्यादा खाते है .

मेवे खाने वालों का एक तरफ बॉडी मॉस इंडेक्स भी कम रहता है तौल भी ठीक रहती है मेटाबोलिक सिंड्रोम की दर भी इनमें कमतर रहती है रक्त वाहिकाओं और दिल के रोगों का जोखिम भी इनमें कम मिलता  है .

Metabolic syndrome is a combination of medical disorders that, when occurring together, increase the risk of 

developing cardiovascular disease and diabetes.

Metabolic syndrome is a combination of factors that multiply a person's risk for heart disease, diabetes and stroke. Almost 

35% of American adults are affected. 

Metabolic syndrome is a cluster of metabolic risk factors. When a patient presents with these risk factors together, the 

chances for future cardiovascular problems are greater than any one factor presenting alone. For example, high blood 

pressure alone is a serious condition, but when a patient has high blood pressure along with high fasting glucose levels and 

abdominal obesity, this patient may be diagnosed with metabolic syndrome. There is a greater chance this patient will have 

cardiovascular problems because of the combination of risk factors.


Metabolic syndrome occurs when a person has three or more of the following measurements:
  • Abdominal obesity

  • Triglyceride level of 150 milligrams per deciliter of blood (mg/dL) or greater

  • HDL cholesterol of less than 40 mg/dL in men or less than 50 mg/dL in women

  • Systolic blood pressure (top number) of 130 millimeters of mercury (mm Hg) or greater

  • Diastolic blood pressure (bottom number) of 85 mm Hg or greater

  • Fasting glucose of 100 mg/dL or greater

  • Insulin resistance or glucose intolerance (the body can't properly use insulin or blood sugar)
Although metabolic syndrome is a serious condition, you can reduce your risks significantly by reducing your weight; 

increasing your physical activity; eating a heart-healthy diet that's rich in whole grains, fruits, vegetables and fish; and 

working with your healthcare provider to monitor and manage blood glucose, blood cholesterol, and blood pressure.

(२)फूल गोभी का सेवन कैंसर से बचाता है ,छोटे बड़े जोड़ों के वेस्ट होने (rheumatic arthritis )से भी 

बचाता है .

(३)अपने पैरों को धो-पौछ्कर  रुई का फाया एल्कोहल में भिगोकर पैरों में मलें फुट ऑर्डर से निजात मिलेगी 

दुर्गन्ध पैदा करने वाला जीवाणु पैदा नहीं होगा जो होगा नष्ट हो जाएगा .

(४)'Teen moms at greater risk of obesity in life '

वो युवतियां जो किशोरावस्था में ही माँ बन जाती हैं आगे जाके इनके ओवरवेट और मोटापे से ग्रस्त होने के 

मौके बढ़ जाते हैं .महज़ मिथ है ऐसा सोचना ,किशोरावस्था में माँ बनने वाली महिलाएं मोटापे से बाहर 

निकल आती हैं असलियत ठीक इसके उलट  है .

यूनिवर्सिटी आफ मिशिगन हेल्थ सिस्टम के रिसर्चरों ने किशोरावस्था गर्भावस्था को आगे चलके होने वाले 

मोटापे का भविष्य कथन (प्रागुक्ति )कहा है .

Teen age pregnancy is a predictor of obesity .

रिसर्चरों के अन्वेषण के अनुसार जो किशोरियां १ ३ - १ ९ साल के दरमियान माँ बन जाती हैं उनके लिए 

ओबीसीटी  का जोखिम ३ २ % बढ़ जाता है .

(५ )EATING MANGOES MAY HELP LOWER BLOOD SUGAR

एक नै शोध के अनुसार आम का सेवन खासकर ओबीस व्यक्तियों में (  मोटापा रोग से ग्रस्त )महत्वपूर्ण एवं असरकारी तरीके से खून में तैरती शक्कर पर सकारात्मक असर डाल सकता है .कैंसर युक्त तथा कैंसर मुक्त दोनों ही किस्म की स्तन कोशिकाओं पर इन्फ्लेमेट्री रेस्पोंस को सीमित रख सकता है .इन्फ्लेमेशन रोग पूर्व की एक एहम स्थिति होती है .यह कमाल आम में मौजूद पोलिफिनोल्स का है .

(६ )सुबह नाश्ते में प्रोटीन बहुल खाद्य लेते रहने से बाद दोपहर अस्वास्थ्यकर नाश्ता लेने के मौके कम कम हो जाते हैं .

(७ )एक हालिया अध्ययन से संपुष्ट हुआ है जो लोग नियमित ६ .५ - ७ .५ घंटा नींद रोजाना लेते हैं वह लम्बी उम्र जीते हैं .सबसे ज्यादा दीर्घजीवी साबित होते हैं .

(८ )AIR POLLUTION MAY SPEED UP HARDENING OF ARTERIES AND CAUSE HEART DISEASE

Atherosclerosis की रफ़्तार को बढ़ा देता है  दीर्घावधि वायु प्रदूषण से असर ग्रस्त रहना दिल और दिमाग के दौरों के खतरों को भी बढ़ा सकता है .आथिअरियोस्केलेरोसीस (धमनी की दीवार का लोच खोके कठोर पड़ जाना है  ).आथीअरियोस्केलेरोसिस एक ऐसा रोग है जिसमें धमनी की दीवारों पर प्लाक (हानिकर परत  )बैठने लगता है .हमारी धमनियां ही वह मुख्य रक्त वाहिकाएं  हैं जो दिल और शेष शरीर को  ऑक्सीजन बहुल रक्त ले जाती हैं .

प्लाक वसा (चिकनाई ),कोलेस्ट्रोल ,केल्शिअम और अन्य तत्वों का मिश्र रूप होता है जो रक्त में मौजूद रहते हैं .दीर्घावधि में भी प्लाक का बने रहना धमनी को कठोर बना डालता है .नतीजा यह होता है शरीर के अन्य अंगों और दिल को पूरा रक्त नहीं मिल पाता .ऐसे में दिल और दिमाग के दौरों यहाँ तक  के मृत्यु का जोखिम भी पैदा हो जाता है .

माहिरों के अनुसार वायु राशि में सूक्ष्मतर कणीय प्रदूषण की सांद्रता का उच्चतर स्तर गर्दन की दोनों कोमन धमनियों (Common Carotid arteries ) की अंदरूनी दीवारों के काठिन्य की रफ़्तार को और भी तेज़ कर देता है . यही वह कोमन वाहिकाएं हैं जो हमारी गर्दन ,सिर और दिमाग को निर्बाध रक्तापूर्ति करतीं हैं .अलबत्ता यदि समय के साथ वायु राशि में पसरे सूक्ष्मतर कणों की मात्रा (संख्या ) कमतर हो जाती है तब धमनियों की दीवारों का अंदरूनी खुरदरापन भी कम होता जाता है .

इस ब्लड वेसिल (Carotid artery )की मोटाई एक तरह से भविष्य  कथन है अनुमान है ,जायजा भी है ,सूचना भी है कि शरीर के अन्य अंगों की धमनियों (रक्त वाहिकाओं )में आथिअरोइस्केलोरोसिस की क्या स्थिति है .यह संकेतक उन लोगों के लिए भी है जिनमें दिल की बीमारियों के प्रगटतया कोई लक्षण अभी तक नहीं हैं .

हमारे अन्वेषणों से हमें अब तक संपन्न अन्य अध्ययनों के नतीजों यथा वायु प्रदूषण यानी हमारी हवा के गंधाने से दिल और दिमाग के दौरों में वृद्धि होने को बूझने में भी मदद मिली है .

अपने अध्ययन में रिसर्चरों ने ४ ५ - ८ ४ साला लोगों के माहौल का अमरीका के छ :बड़े शहरी क्षेत्रों में संपन्न उस अध्ययन के तहत जायजा लिया जिसे Multiethnic Study of Atherosclerosis and Air Pollution (MESA Air )नाम दिया गया था .


 प्रत्येक सहभागी के घर जाके तीन साल के अंतराल पर दो मर्तबा अल्ट्रासाउंड मापन किया गया इनकी ब्लड वेसिल्स का .इसी से इनके घर में मौजूद रहे वायु प्रदूषण का जायजा लिया गया .अध्ययन में शरीक तमाम लोग किसी भी किस्म की दिल की बीमारी  से ग्रस्त नहीं थे .

धूम्रपान जैसे अन्य घटकों को भी आकलन में शामिल किया गया था .पता चला औसतन गर्दन की धमनी की मोटाई हर साल १ ४ माइक्रोमीटर की दर से बढ़ी है .जिनका सामना उच्चतर सांद्रता वाले कणीय प्रदूषकों से हुआ था उनकी धमनी इन मेट्रोज(बड़े शहराती क्षेत्रों )के अन्य वासिंदों के बरक्स ज्यादा तेज़ी से मुटियाई हुई थी .

संदर्भ -सामिग्री :-AIR POLLUTION MAY SPEED UP HARDENING OF ARTERIES AND CAUSE HEART DISEASE/YOU /MUMBI MIRROR /www.mumbaimirror.com/you/APRIL 25,2013 P21

(९)मौसम के मिजाज़ में आकस्मिक परिवर्तन भी मी -ग्रेन को भड़का सकता है .अधिक धूप  से बचने के

लिए

धूप के चश्मे (sun glasses )का इस्तेमाल करें .शरीर में पानी की कमी न होने दें .खूब पानी पिएँ .

(१ ० )देर रात को सोने वाले सोने से पहले केफीन ,निकोटीन एल्कोहल आदि से बचें  साथ ही देर से सोने वाले देर रात सोने से पहले  व्यायाम न करें .अच्छी नींद आयेगी इस एहतियात से .

(१ १ )CHECKING YOUR MOBILE PHONE IS CONTAGIOUS !

People are twice as likely to pull out their phones to check text messages or email if they are with someone who has just done the same , a University of Michigan team found .It also found how how women were more likely to use their mobile than men.

(१ २  )Clenching fists can boost memory

मुठ्ठी भींचने से आपकी याददाश्त बढ़ सकती है .किसी घटना की अमिट  छाप आप पर पड़  सकती है सीधे हाथ की मुठ्ठी भींचने से जबकी घटना के बीतने के बाद उसे स्मृति में लाने में बाएँ हाथ की मुठ्ठी भींचना मददगार साबित हो सकता है .एक अभिनव अध्ययन के यही अन्वेषण हैं .अध्ययन अमरीका की Montclair University के रिसर्चरों ने संपन्न किया है .

( १ ३ )Eating chocolate can trigger acne

Chocolate may increase inflammation that aggravates acne ,a new study found .

रोग पूर्व की स्थिति होती है इन्फ्लेमेशन .

अपने प्रयोग में रिसर्चरों ने लगातार चार दिनों तक उन प्रतिभागियों के खून के नमूने ४ ८ ग्राम चोकलेट खाने से पहले और खाने के बाद जुटाए .

अब इन नमूनों को जीवाणु propionibacterium acnes के संपर्क में लाया गया जो कील मुंहासों को हवा देता है तथा साथ ही जीवाणु Staphylococcus aureus से भी असर ग्रस्त किया गया जो एक चमड़ी का जीवाणु है .

चोकलेट खाने के बाद लिए गए नमूनों में रक्त कोशाओं ने जीवाणु propionibacterium से असर ग्रस्त होने पर ज्यादा interleukin -Ib तैयार किया .यह इंटरल्युकिन - १ बी प्रतिरक्षण तंत्र के इन्फ्लेम्शन का मार्कर होता है .

इससे सिद्ध होता है चोकलेट ऐसे इन्फ्लेमेशन को बढ़ाता  है जो कील मुंहासों की वजह बनते हैं .

(१ ४ ) A life -time of mentally stimulating games like chess can cut your risk of Alzheimer's by nearly a third .

(१ ५ )कम चिकनाई वाले दुग्ध उत्पादों के  सेवन का सम्बन्ध मधुमेह के जोखिम को कमतर करते  हुए देखा गया है .

(१ ५ )मधुमेह और भिन्डी

एक भिन्डी के चार टुकड़े करके रात को पानी में भिगों दें .सुबह उठते ही प्राथमिक पेय के रूप में इसका पानी पी जाएँ छान के .बाद आधा घंटा तक कुछ न खाएं .खून में तैरती शक्कर काबू में रखने में बढ़िया मदद मिलेगी .

(१ ६ )Toxins in daily use items affecting new born boys' genitalia :Study

जेनिटेलिया कहतें हैं किसी व्यक्ति के शरीर से बाहर के हिस्से के जननांगों को जैसे पुरुषों के अंडकोष जो एक थैली स्क्रोटम  में बंद रहते हैं .

आजकल रोज़ मर्रा के काम में ली जाने वाली चीज़ों यथा प्लास्टिक से बनी बोतलों ,विनाइल फ्लोर्स ,खाना पेक करने में इस्तेमाल होने वाली सामिग्री में ,सौंदर्य प्रशाधनों ,हेअरस्प्रे ,प्लाटिक के खिलोनों में कुछ ऐसे रसायन काम में लिए जा रहें हैं जो हमारे स्रावी तंत्र (Endocrine system )को विच्छिन कर देते हैं .इन्हें कहा जाता है -

Endocrine disruptor chemicals

इनमें शामिल हैं :

(1)Organochlorine pesticides like DDE and endosulphan

नवी मुंबई के एक चिकित्सक डॉ अर्बिंदर सिंहल ने अपने एक अधययन में बतलाया है नवजातों में बाहरी जननांगों की एबनोर्मेलिटीज़ के मामलों में होती वृद्धि संभतया इन्हीं रसायनों की करामात है .बकौल आपके नवजात लड़कों में undescended testicles के मामलों में २ ० ० % की वृद्धि दर्ज़ की गई है .याद रहे पुरुषों के अंडकोष ही एक पुरुष हारमोन टेस्टोस्टीरोन तैयार करते हैं .

गर्भावस्था की पूरी अवधि भुगताने के बाद पैदा हुए १ ,१ ४ ८ नर शिशुओं में से आपको ५ %में ये मामले मिले हैं .आखिरी बार ऐसा ही एक अध्ययन १ ९ ७ २ में संपन्न हुआ था तब कुलमिलाके १ . ६ %नर शिशुओं में ही यह जननांग सम्बन्धी विकार देखने में आया था .

सिंहल बालकों में होने वाले मूत्र सम्बन्धी रोगों के माहिर paediatric urologist हैं .आप वाशी के एमजीएम  अस्पताल से सम्बद्ध हैं .

आपने गत सप्ताह यह नतीजे European Society for Paediatric Urology के समक्ष रखें हैं .

( अगली क़िस्त में पढ़िए  इस  समस्या पर विस्तृत लेख )

(१ ७ )Culturing of yogurt increases the absorption of calcium and B-vitamins in the body.


(१ ८  )ओट्स (जै )अमिनो अम्लों  का भण्डार है .इनकी गिनती आवश्यक प्रोटीनों में की जाती है .शरीर को सुचारू रूप चलाए रखने के लिए इन्हें ज़रूरी समझा जाता है .


(१ ८  )DAILY SODIUM ALLOWANCE 

स्वस्थ बालिगों के लिए सोडियम  की दैनिक खपत की सीमा माहिरों  ने २ ३ ० ० मिलीग्राम (२ .३ ग्राम )निर्धारित की है .५ ० के पार ५ १ साल और इससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए यह सीमा १ ५ ५ ० (१ . ५ ) मिलीग्राम रखी गई है .धन समझके इसकी खपत कीजिए .








10 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

नट्स तो हम भी खाते हैं रोज़ ...
सभी नुस्खे उपयोगी होते हैं आपके .. रोज़ मर्रा के जीवन में काम आते हैं ... राम राम जी ...

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बहुत सुझाव तो माने हुये है।

RAHUL- DIL SE........ ने कहा…

वाकई दिलचस्प जानकारी ...हमने भी कुछ-कुछ आजमाना शुरू कर दिया है ..

बढ़ते कोलेस्ट्रौल पर कुछ बताएं ...मेहरबानी होगी

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

बहुत उपयोगी टिप्स हैं, पर इतने सारे एक साथ हजम करने में कठिनाई आ सकती है.
काजू इत्यादि मेवों में कैलोरीज बहुत ज्यादा होते हैं, ध्यान रखा जाना चाहिए. संग्रहणीय आलेख. धन्यवाद.

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

sari jankari thodi bahut padhi hui thi par bhindi ka diabetease se ye nata pahli bar padha ...dhanyavad .......itni upyogi jankari ke liye .....

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

उपयोगी है सारी जानकारी..... आभार

सदा ने कहा…

बह‍ुत ही अच्‍छी एवं उपयोगी जानकारी ... आभार

Anita ने कहा…

इतनी सारी जानकारी एक साथ..लेकिन हैं काम की बातें..आभार!

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही उपयोगी और संग्रहणीय आलेख.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत ही उपयोगी और सहज रूप से अपनायी जा सकने वाली बातें बताई आपने, आभार.

रामराम.