सोमवार, 1 अप्रैल 2013

सेहतनामा

सेहतनामा 

(१ )आड़ू (Peaches)एवं नाशपाती फोस्फोरस का भण्डार हैं  .अश्थियों के सु-दृढ़ निर्माण को पुख्ता बनाने में मददगार साबित होता है इन का सेवन .गुर्दों के सुचारू रूप  प्रकार्य के लिए भी यह  बढ़िया फल हैं .

(२)करेला (Bitter gourd )पादप पुष्टिकर तत्व Polipeptide -P तथा एक एजेंट (अभिकर्मक )Charantin लिए रहता है .ये दोनों  तत्व मिलके ब्लड शुगर लेवल्स (खून में तैरती  शक्कर के स्तर )को कम करने में सहायक रहते हैं .

(३ )दिन भर में ८ -१ ० ग्लास पानी रोज़ पीने  से अपचयन दर (metabolic rate )बढ़ जाती है ,आप ज्यादा केलोरीज़ खर्च करते हैं .

(४ )प्रकृति की योजना परिपूर्णता लिए रहती है इसीलिए मौसमी फल मौसम के अनुरूप और स्थानीय तौर पर मिल जाते हैं .भले तमाम फल आज वर्ष भर सब जगह मिल रहें हैं लेकिन उन्हें समय से पहले तोड़कर दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा जाता है जिस वजह से वह पूरे तत्वों से वंचित रह जाते हैं .मौसमी फल ज़ाहिर है ज्यादा पोषक तत्व मुहैया करवाते हैं सेहत के ज्यादा अनुरूप रहते हैं .क्योंकि इन्हें सही समय पर संजोया (तोड़ा )जाता है .सर्दी में मेलन(खरबूजा फल ) खाने का मतलब है आप बीमारी का सामान जुटा रहें हैं आप .मेलन तासीर में ठंडा रहता है .खरबूजा जलीय अंश लिए रहता है .पोटेशियम ,विटामिन A और C से भी भरपूर है .गर्मी के मौसम में इनके सेवन से  ताजगी और  राहत  मिलती है ठंडक महसूस होती है कलेजे पे .शरीर का कोर टेम्प्रेचर भी थोड़ा कम हो जाता है .ठीक ऐसे ही गर्मी में खाली पेट आम खाइये ठंडक महसूस कीजिएगा .कोर टेम्प्रेचर भी कम हो जाता है .

सीधा नियम है जो चीज़ बाज़ार में बहुतायत में और ताजगी लिए दिखलाई दे वह मौसमी है .पोषक तत्वों से भरपूर है .अलावा इसके गर्मी में खाइये कच्चा पपीता ,जामुन ,लीची ,कटहल (जैकफ्रूट ).मस्कमेलन (लखनऊ की बट्टी  ,खरबूजा ) .

जुलाई लेकर आता है आपके लिए चेरीज़ ,आड़ू ,आलूचा ,आलूबुखारा आदि .अगस्त में मिलता है कस्टर्ड एपिल (शरीफा ).सितम्बर में अमरुद ,अनार .

नवम्बर में ताज़ा संतरा खाइए ,खजूर हैं आपके लिए अमरुद और पपीता और शरीफा भी है .दिसम्बर में स्ट्राबरीज़ ,संतरा ,किन्नू ,अंजीर ,अमरुद ,शरीफा ,पाइन एपिल .जनवरी में अंगूर भी साथ में खाइये ,स्ट्राबरेज़ .

फरवरी में चीकू ,अंगूर ,पाइनएपिल ,स्ट्राबरीज़ .मार्च में तरबूज भी साथ में केला भी ,खरबूजा ,स्ट्राबरीज़ भी .फल का चयन ताजगी देख के करें .

(५ )अतिसार (दस्त रोग )होने पर दही ,छाछ लीजिए .साथ में इसबगोल की भूसी .अंतड़ियों में जाकर दही प्रोबायोटिक का काम करता है ,लाभकर जीवाणु थोक में मुहैया करवाता है .

(6)चुकंदर में मौजूद रहता है एक ऐसा तत्व जो हमारे यकृत (जिगर ,Liver)से Toxins (अपशिष्ट ,विषाक्त पदार्थ )बहिष्कृत कर देता है ,यकृत को Detox कर देता है .यह तत्व है -Cyanin.

(7 )अतिसार होने पर नीम्बू की शिकंज्बी (नीम्बू  का रस )शरीर को  केवल निर्जलीकृत होने से ही नहीं बचाता है ,shock से भी बचाता है .
(८ )VIOLENT GAMES FAN AGGRESSION

In a study researchers discovered that both the frequency of play and affinity for violent games were strongly associated with delinquent and violent behavior.

किशोर अपराध वृत्ति को बढाते हैं हिंसक खेल और उनका बार बार देखा जाना .जितनी ज्यादा इन खेलों की लत उतनी ज्यादा अपराध प्रवृत्ति पनपती है . 

(९)घटिया गुण वत्ता वाले (खाने में प्रयुक्त )तेल एवं घटिया स्तर की अन्य चिकनाई मसलन CANOLA OIL

 अन्य

घटिया क्वालिटी के खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल उन महिलाओं को इस्तेमाल नहीं करने चाहिए जो माँ

बनने के लिए उत्सुक हैं .

इन तेलों के इस्तेमाल के बाद , आक्सीकृत होने पर मुक्त मूलक (फ्री रेडिकल्स ,कोशाओं की तोड़ फोड़ करने

वाले अणु )शरीर

में छा जाते हैं .

Reducing oxidative stress by eliminating these fats is important in protecting a woman's reproductive system and increasing the abilty to conceive.


16 टिप्‍पणियां:

Ashok Saluja ने कहा…

सेहत की जानकारियों का खज़ाना ??
मेरे वीरू भाई के ब्लॉग का ठिकाना ...
राम-राम भाई जी !

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत ही उपयोगी जानकारी मिली जिसे अपनाकर कोई भी अपना स्वास्थ्य चुस्त दुरूस्त रख सकता है. आजकल शीत भंडारण और रिलायंस स्टोर जैसे आऊटलेट आजाने की वजह से ज्यादातर फ़ल बारहों मासी उपलब्ध हो गये हैं

आपने उनकी एक पूरी सूची देकर और भी बढिया कार्य किया है जिससे आम आदमी आसानी से अपने लिये चुनाव कर सकता है.

बहुत बहुत आभार.

रामराम.

Vikesh Badola ने कहा…

मौसमी फलों के सेवन पर उत्‍कृष्‍ट जानकारी। आपकी उत्‍प्रेरक टिप्‍पणियों से विटामिन मिलता है।

Vikesh Badola ने कहा…

कल से अतिसार है। कार्यालय में एक मेडम से जिक्र किया तो उन्‍होंने भी कहा कि दही और र्इसबगोल लो बहुत आराम आएगा, मैंने बताया कि विरेन्‍द्र कुमार (शर्मा) ने भी आज अपने बताए गए स्‍वास्‍थ्‍य नुस्‍खों में ये नुस्‍खा लिखा हुआ है। आपको जानकार प्रसन्‍नता होगी कि मेडम का नाम भी मंजू (शर्मा) है। बहुत-बहुत अभिनन्‍दन आपके प्रत्‍युत्‍तरों का।

सदा ने कहा…

बहुत ही अच्‍छी एवं उपयोगी जानकारी ...
आभार

रविकर ने कहा…

शुभकामनायें-

Amrita Tanmay ने कहा…

प्रकृति की योजना के अनुरूप जीवन को ढाल कर ही स्वस्थ रहा जा सकता है . पुन: एक सम्पूर्ण ज्ञानवर्धक आलेख के लिए आपका आभार .

RAHUL- DIL SE........ ने कहा…

उत्‍कृष्‍ट जानकारी,ज्ञानवर्धक आलेख ....

पुरुषोत्तम पाण्डेय ने कहा…

बहुत स्वास्थ्य वेधक जानकारी.रोजनामचे में आपके बताए नुस्खे दीर्घ जीवन के मंत्र हैं. धन्यवाद.

Anita (अनिता) ने कहा…

बहुत बढ़िया सर!
पूरे साल के फलों की लिस्ट दे आपने!:-)
बहुत बहुत धन्यवाद!
~सादर!!!

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

phal ka matlab hi phal hai ...apne aap men sampurn ..badhiya jaankari.....

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

उपयोगी जानकारी ... आभार

Kalipad "Prasad" ने कहा…


आपकी यह पोस्ट फल वाले देखेंगे तो बहुत खुश हो जायेंगे -बिक्री बढ़ जाएगी --पाठक के लिए भी हितकारी है
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प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

उपयोगी जानकारी।

Rajendra Kumar ने कहा…

बहुत ही उपयोगी और उत्कृष्ट जानकारियों का खजाना.एक बात कैनोला आयल क्या उपयोगी नही है स्वास्थ्य के लिए?

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

राजेन्द्र जी ,मवेशियों के चारे के लिए एक पादप वनस्पति है रेप .केबेज फेमिली का यह वार्षिक वनस्पति है जिसे व्यावसायिक पादप के तौर पर उगाया जाता है .इस पर चमकीले पीले पुष्प आते हैं .एक लुब्रिकेंट के रूप में मवेशियों के चारे के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता है खाना पकाने में भी यह प्रयुक्त ज़रूर होता है लेकिन गुणवत्ता के हिसाब से यह घटिया समझा जाता है .इसका इस्तेमाल साबुन बनाने में भी होता है .इसके बीज से ही तेल तैयार किया जाता है .इसे कनाडा में विकसित किया गया .उत्तरी अमेरिका इसका सबसे ज्यादा उत्पादन करता है .इसे ही केनोला और इसके तेल को (तिलहन ,और बिनौला का तेल )भी कह दिया जाता है .