रविवार, 10 मार्च 2013

5 million more people living with diabetes

रोगों के नियंत्रण एवं बचावी अमरीकी केन्द्रों के मुताबिक़ जहां २ ० ० ७ में कुल १ ७ . ५ मिलियन अमरीकी टाइप १मधुमेह  या फिर मधुमेह दो के साथ रह रहे थे वहीँ २ ० १ २ में इस जीवन शैली  रोग के मरीजों की तादाद बढ़के २ २ . ३ मिलियन पर आ गई .मधुमेह बढती उम्र के साथ अधिकाधिक देखने को मिलता है जीवन प्रत्याशा में वृद्धि के साथ दूसरे महायुद्ध के बाद पैदा हुई पीढ़ी अब प्रौढावस्था के पार उम्र दराज़ होने लगी है .मोटापे का अब आम रोग हो जाना भी इसके मूल में है .ओबीसिटी एक ज्ञात रिश्क फेक्टर है मधुमेह २ की ज़द में ले आने वाला .

कुछ नस्ली रिस्क फेक्टर्स से पार पाना भी मुश्किल रहता है मसलन अफ्रीकी  मूल के अमरीकी भारतीय मूल के अमरीकी काकेशियन आबादी के बरक्स ज्यादा रोग प्रवणता लिए रहते हैं .एशियाई अमरीकियों के लिए भी मधुमेह २ के खतरे का वजन बढ़ा हुआ रहता है .यहीं से रिसर्चदान के मन में यह बात भी आती है शायद रोग का कोई आनुवंशिक सम्बन्ध भी रहता हो .

रोग से सरलता से प्रभावित होने वालोँ  की मदद नहीं हो पाती है .कुछ लोगों की इस जीवन शैली रोग मधुमेह २ के प्रति ज्यादा susceptibility रहती है .

दिल की बीमारियाँ ,गुर्दे का ठीक से काम न कर पाना ,अंधत्व सभी दीर्घावधि में मधुमेह की ही सौगातें हैं .बे -काबू चली आई मधुमेह की बीमारी टांग और पैर के संक्रमण को लाइलाज बनाके छोडती है ऐसे में टांग और पैर काटने के अलावा और कोई चारा भी नहीं रहता है .एक व्यक्ति का नहीं दीर्घावधि में पूरे परिवार का रोग है मधुमेह .

अमरीकी मधुमेह संघ की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ २ ० १ २ में इस रोग से  कुल २ ,४ ६० ० ० अमरीकी मौत के मुंह में चले गए .

भले मधुमेह के प्रबंधन का खर्च मरीजों की बढ़ती  तादाद के साथ बढ़ रहा है लेकिन अब इसका पहले से ज्यादा असरदार इलाज़ भी संभव है .खर्च आये प्रत्येक डॉलर का पूरा दोहन किया जा रहा है .

माहिर मरीजों की समय रहते शिनाख्त कर रहे हैं .जागरूकता ही उपाय है इस महामारी बनते रोग से पार पाने का .

क्या भारत में भी ऐसा हो सकेगा जिसे मधुमेह की आलमी राजधानी होने का तमगा मिला हुआ है .

अफ़सोस इस बात का है यहाँ ऐसे मधुमेह रोगी भी हैं जो रोगनिदान के बाद भी महज़ इसलिए दवा नहीं खाते ,दवा खाने की आदत पड़  जायेगी .साथ में धूम्रपान भी करते हैं .

बीमारियों में सबसे ज्यादा खतरनाक ताउम्र् का रोग जहां मधुमेह है वहीँ एबदारी में धूम्रपान .दोनों का कोम्बिनेशन समय पूर्व मौत को निमंत्रण  है .

My dear bloggers ,I am under a severe bout of dry cough ,may be won't be able to respond to your kind comments .However I have performed my daily ritual of posts .Thanks and regards .
veerubhai .

(virendra sharma )

D -#4 NOFRA ,COLABA ,MUMABI 400-005 

9 टिप्‍पणियां:

Aziz Jaunpuri ने कहा…

सर जी बड़ी ख़राब स्थिति है ,आज
सर जी ब्लॉग से मेरी सभी नई पोस्ट्स
गायब हैं ,इन्हें कैसे रिकवर करें ,
उपाय बतलाएं

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

भयग्रस्त करता बीमारियों का आकार..

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

भयावह.

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति -
आभार आदरणीय-
हर हर बम बम -

babanpandey ने कहा…

मधुमेह के उपर बहुत ही अच्छा लेख

डॉ टी एस दराल ने कहा…

भारत में भी मधुमेह की इन्सिडेन्स बहुत बढ़ रही है। इसे मूलत : लाइफ़ स्टाइल डिसिज कहते हैं।

SM ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

RAHUL- DIL SE........ ने कहा…

मधुमेह पर अच्छी जानकारी दी है आपने ...शुक्रिया ....

Anita ने कहा…

मधुमेह की बीमारी बहुत तेजी से फ़ैल रही है..इसका शीघ्र निदान व इलाज जरूरी है..