बुधवार, 18 जुलाई 2012

कहाँ छिपा है घनी केश राशि का राज और कैसे थामें इनका दुबलाना

कहाँ छिपा है घनी केश राशि का राज और कैसे थामें इनका दुबलाना 



रविकर फैजाबादी 


बालों का झड़ना करे, हर मानव को तंग |
अनुवांशिक मन-टेंसन, बीमारी हो अंग |


Mane Ingredients Coping with thinning hair

(1)केवल  मर्दों  की समस्या नहीं है बालों का झड़ना .पचास साल के पेटे में आते आते आधी आबादी यानी महिलाओं का पचास फीसद भी इसकी चपेट में आ जाता है .यह कहना है उत्तरी अमरीकी  केश शोध संघ का .बेशक इस बीमारी का एक बड़ा हिस्सा टाला  जा सकता है मुल्तवी रखा जा सकता है बालों का गिरना दुबलाना .

Determine a cause 

क्या कहना है अमरीकी चरम रोग संघ का 

आनुवंशिक दाय भी बनती है   बालों के  गिरने की वजह  .इसे आप hereditary hormone -related hair loss कह सकतें हैं .

पुरुष और महिला समान रूप से इसकी चपेट में आतें हैं .कह सकतें हैं परिवारों में चलने वाली प्रवृत्ति है बालों का गिरना .बेशक कोई ख़ास हारमोन इसके मूल में हो सकता है .

महिलाओं के मामलों  में ओवेरियन सिस्ट ,खून की कमी तथा थायरोइड सम्बन्धी समस्याएं भी बालों के झड़ने की वजह बनतें  हैं .

जीवन में पसरा आम तनाव कोई बीमारी लम्बे समय तक बने रहने वाली ,एक दम से तौल में कमी का आना बालों के गिरने की एक और वजह भी हो सकती है .

यह telogen effluvium की स्थिति है जिसमें  बाल तेज़ी से झड़तें हैं . 

बेशक स्थितियां जीवन की सामान्य होने पर बालों का यह तेज़ी से गिरना आपसे आप भी थम सकता है .

कुछ दवाएं भी बालों के गिरने की वजह बनतीं हैं .

माहिर आपको आगाह भी करतें हैं .पूछेंगे तो बतलाएंगे भी .

हेयर स्टाइल्स महिलाओं के मामले में खासकर braids ,ponytails या फिर hair extensions भी  इसकी वजह बनतें हैं .बालों में खिंचाव पैदा होने से यह करिश्मा होता है .

चौबेजी चले थे छब्बे जी बनने दुबे जी बनके लौटे वाली कहावत सटीक बैठती है यहाँ .

केमिकल से बालों को उपचारित करवाना केमिकल हेयर ट्रीट मेंट भी बालों के गिरने की वजह बनतें हैं .

बालों की जड़ फोलिकिल्स और स्केल्प को भी डेमेज करता है बालों का केमिकल ट्रीट मेंट .

खानपान से जुडी है बालों की सेहत की नव्ज़ ,केश क्यारी का घना होना 

जिंक ,आयरन विटामिन डी ,प्रोटीन और आवश्यक अमीनों अम्लों की कमी बेशी बनती है बालों के झड़ने की वजह .यही कहना है माहिरों का .

बीजों वाली फलियाँ ,लोबिया सोयाबीन ,राज माँ ,सेम और मटर की फलियाँ  आदि तथा तमाम दालें बालों की ज़रूरी खुराक हैं .

प्रोटीन भी ज़रूरी हैं बालों की सेहत के लिए 

इनसे प्राप्त होता है आयरन ,जिंक ,बायोटिन (बी विटामिन में से एक )जो बालों और अच्छे नाखूनों के लिए ज़रूरी है ..

पालक और ब्रोक्क्ली जादू है बालों के लिए .  

Treatment options:

महिला हो या पुरुष उपचार दोनों के लिए यकसां है बालों का दुबलाना थामने के लिए 

Minoxidil

यह  दवा शिरोवल्क ,सिर की खाल  (खोपड़ी ) में लगाई जाती है .यह दवा उन हारमोनों के प्रभाव को निष्प्रभावी करके बालों का गिरना थामती है जो बालों की थिनिंग की मूल वजह बनते हैं .

महिलाओं के लिए इसके २% घोल (सोल्यूशन )तथा पुरुषों के लिए ५%घोल की सिफारिश अमरीकी खाद्य एवं दवा संस्था करती है .

बारहा  बालों की रंगाई ,कर्लिंग  वह भी हॉट  आयरन से करते करवाते जाने से बचिए.बदल डालिए ऐसे सत्या -नाशी हेयर स्टाइल को .

Straightening and braiding will damage hair and make it brittle over time .

माहिरों  के  अनुसार हेयर स्टाइल बदल रहें हैं तो gentlest options चुनिए.  

10 टिप्‍पणियां:

रविकर फैजाबादी ने कहा…

आभार भाई -

बालों का झड़ना करे, हर मानव को तंग |
अनुवांशिक मन-टेंसन, बीमारी हो अंग |

दिगम्बर नासवा ने कहा…

अब तो कुछ गिनती के ही बचे हैं सिर पे ... आज से ही उनका ख्याल रखना शुरू कर देता हूँ ... राम राम जी ....

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

चिन्तायें विरल हों तो बाल सघन हों।

Arvind Mishra ने कहा…

केशव के केश विमर्श को बनाए रखने के लिए साधुवाद

डॉ टी एस दराल ने कहा…

जो होना है , सो होकर रहेगा .
नाहक चिंता व्यर्थ है .
इस विषय पर एक हास्य व्यंग लेख लाइन में है . जल्दी ही प्रकाशित करूँगा .

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

खानपान का ख्याल बालों की सेहत भी ठीक रखेगा...अच्छी जानकारी

शालिनी कौशिक ने कहा…

veerubhai ji aapki har पोस्ट महत्वपूर्ण जानकारियों का भंडार हैं.आपसे इस सम्बन्ध में पोस्ट kee आकांक्षा है.मार्च 2009 में मेरी mummy के brain में clot hua tha jisme dr. ne Deplatt A 75 mg aur stator 10 व् eptoin teblet dee thi kintu कोई fayda nazar नहीं aa raha unme बहुत kamjori aa chuki है.jabki takat का kepsool bhi chalta rahta है.kripya marg darshan karen.मेरी mummy kee aayu 67 varsh है..समझें हम

veerubhai ने कहा…

शालिनी जी गत वर्ष मैंने अपने कैंटन प्रवास के दौरान दिमाग से जुड़े सभी रोगों पर विस्तार से लिखा था .स्ट्रोक (ब्रेन अटेक ,सेरिब्रल वैस्क्युलर एक्सीडेंट )पर भी .कृपया ब्लॉग आर्काइव्ज़ में जाकर १५ और दस मई की तमाम पोस्ट देखें .उस दौर में मैं एक दिन में कई कई पोस्ट प्रकाशित कर देता था .संदीप भाई जाट ने बतलाया ऐसा न करू पढ़ें वाला सिर्फ ताज़ा पोस्ट पढता है अब जाके यह व्यसन छूटा है .दिमागी दौरे पर कॉफ़ी विस्तार से अपनी भाषा में आम आदमी के ली लिखा गया है .कम जोरी तो हलकी कसरत उम्र के अनुरूप पौष्टिक आहार और दवाओं का नियमित सेवन ,से ही जाएगी ,जब हाथ पैर काम कर रहें हैं तो समझो सब कुछ ठीक है वरना स्ट्रोक में कुछ भी ठीक नहीं बचता .टाइम इस गोल्ड .एक बात और दिल से चलता है खून का थक्का इसलिए दिल की नालियां खुली रहें .शुक्रिया आपने स्ट्रोक पर लिखने के लिए कहा.आइन्दा जो भी नया लिखा जाएगा आपको खबर की जाएगी .

शालिनी कौशिक ने कहा…

dhanyawad veerubhai ji.

Amrit purohit ने कहा…

Sai sabka malik he sai bhakti karne se bhla hota he or mnó kamna puri hoti he.